{"_id":"6a73d426008aae4d380a9607","slug":"intern-doctors-met-the-health-minister-the-health-minister-sought-three-weeks-time-bastar-news-c-1-1-noi1494-4581692-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टाइपेंड बढ़ाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने मांगा 3 हफ्ते का समय: इंटर्न डॉक्टर बोले-मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टाइपेंड बढ़ाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने मांगा 3 हफ्ते का समय: इंटर्न डॉक्टर बोले-मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी
Thu, 06 Aug 2026 12:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 12:47 PM IST
सार
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और इंटर्न डॉक्टरों के बीच देर रात बैठक हुई। मंत्री ने तीन सप्ताह का समय मांगा, लेकिन इंटर्न डॉक्टरों ने मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का फैसला दोहराया।
विज्ञापन
अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मिले इंटर्न डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ में स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे इंटर्न डॉक्टरों और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बीच देर रात बैठक हुई। मंत्री ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा, लेकिन इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि मांग पूरी होने तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से आंदोलनरत छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टरों और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बीच बुधवार देर रात महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में स्टाइपेंड वृद्धि के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई, जहां स्वास्थ्य मंत्री ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा और आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करने की अपील की।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रस्ताव आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर वित्त विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा जा चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष औपचारिकताएं जल्द पूरी कर अगले तीन सप्ताह के भीतर सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इंटर्न डॉक्टरों से अनुरोध किया कि शासन को आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया पूरी करने का अवसर देते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित करने पर विचार करें।
विज्ञापन
हालांकि, इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन के आधार पर वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि पूर्व में भी कई बार आश्वासन मिले, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसलिए जब तक स्टाइपेंड वृद्धि का निर्णय लागू नहीं हो जाता, तब तक वे अपने कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटेंगे।
बैठक में आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (IMA JDN) छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। संगठन ने इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि शासन निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्टाइपेंड वृद्धि पर सकारात्मक फैसला करेगा। साथ ही संकेत दिया कि यदि तय अवधि में निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल अन्य राज्यों के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड सुनिश्चित कराना है।
विज्ञापन
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से आंदोलनरत छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टरों और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बीच बुधवार देर रात महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में स्टाइपेंड वृद्धि के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई, जहां स्वास्थ्य मंत्री ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा और आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करने की अपील की।
विज्ञापन
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रस्ताव आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर वित्त विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा जा चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष औपचारिकताएं जल्द पूरी कर अगले तीन सप्ताह के भीतर सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इंटर्न डॉक्टरों से अनुरोध किया कि शासन को आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया पूरी करने का अवसर देते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित करने पर विचार करें।
विज्ञापन
हालांकि, इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन के आधार पर वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि पूर्व में भी कई बार आश्वासन मिले, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हुआ। इसलिए जब तक स्टाइपेंड वृद्धि का निर्णय लागू नहीं हो जाता, तब तक वे अपने कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटेंगे।
बैठक में आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (IMA JDN) छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। संगठन ने इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि शासन निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्टाइपेंड वृद्धि पर सकारात्मक फैसला करेगा। साथ ही संकेत दिया कि यदि तय अवधि में निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल अन्य राज्यों के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड सुनिश्चित कराना है।