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Jagdalpur: स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर मेडिकल कॉलेज के इंटर्न अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
Tue, 04 Aug 2026 04:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 04:15 PM IST
सार
जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में मिलने वाला स्टाइपेंड देश के कई राज्यों की तुलना में सबसे कम है।
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अपनी मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करते इंटर्न
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विस्तार
जगदलपुर के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कई दिनों तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के बाद मंगलवार से इंटर्न डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में मिलने वाला स्टाइपेंड देश के कई राज्यों की तुलना में सबसे कम है।
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। कई दिनों तक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध करने के बाद मंगलवार से 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। सभी इंटर्न कॉलेज परिसर की पार्किंग में तिरपाल बिछाकर धरने पर बैठे हैं।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट को मिलने वाला स्टाइपेंड देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में काफी कम है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
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इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि "मान-सम्मान के अनुरूप स्टाइपेंड हमारा अधिकार है और समय पर उचित भुगतान हमारी आवश्यकता है।" उनका आरोप है कि राज्य में पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को 67,500 रुपये और यूजी इंटर्न को 15,900 रुपये मासिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।
हड़ताल के चलते अस्पताल की व्यवस्थाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए प्रशासन ने इंटर्न की जगह जूनियर डॉक्टरों को ड्यूटी पर लगाया है। हालांकि इससे जूनियर डॉक्टरों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है और उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ये मिल रहा है स्टाइपेंड
यूजी इंटर्न स्टाइपेंड की बात किया जाए तो ओडिशा में 40 हजार 953 से 44 हजार 319 रुपये है। वेस्ट बंगाल में 43 हजार 99 है, असम में 36 हजार 225 है, कर्नाटक में 26 हजार 3 सौ से 30 हजार, बिहार में 20 से 27 हजार है। छत्तीसगढ़ में 15 हजार 900 रुपये है। दिल्ली में 30 हजार 7 सौ से लेकर 34 हजार 310 है। झारखण्ड में 25 से 30 हजार रुपये है। तेलंगाना में 29 हजार से अधिक है। केरला में 26 हजार से 27 हजार तक है, वनों मेघालय में 30 हजार 27 हजार है।
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मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। कई दिनों तक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध करने के बाद मंगलवार से 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। सभी इंटर्न कॉलेज परिसर की पार्किंग में तिरपाल बिछाकर धरने पर बैठे हैं।
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प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट को मिलने वाला स्टाइपेंड देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में काफी कम है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
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इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि "मान-सम्मान के अनुरूप स्टाइपेंड हमारा अधिकार है और समय पर उचित भुगतान हमारी आवश्यकता है।" उनका आरोप है कि राज्य में पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को 67,500 रुपये और यूजी इंटर्न को 15,900 रुपये मासिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।
हड़ताल के चलते अस्पताल की व्यवस्थाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए प्रशासन ने इंटर्न की जगह जूनियर डॉक्टरों को ड्यूटी पर लगाया है। हालांकि इससे जूनियर डॉक्टरों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है और उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ये मिल रहा है स्टाइपेंड
यूजी इंटर्न स्टाइपेंड की बात किया जाए तो ओडिशा में 40 हजार 953 से 44 हजार 319 रुपये है। वेस्ट बंगाल में 43 हजार 99 है, असम में 36 हजार 225 है, कर्नाटक में 26 हजार 3 सौ से 30 हजार, बिहार में 20 से 27 हजार है। छत्तीसगढ़ में 15 हजार 900 रुपये है। दिल्ली में 30 हजार 7 सौ से लेकर 34 हजार 310 है। झारखण्ड में 25 से 30 हजार रुपये है। तेलंगाना में 29 हजार से अधिक है। केरला में 26 हजार से 27 हजार तक है, वनों मेघालय में 30 हजार 27 हजार है।