{"_id":"6a43a491b0c11f638f09e998","slug":"police-personnel-embezzled-the-salaries-of-their-own-colleagues-three-have-been-jailed-bastar-news-c-1-1-noi1494-4450807-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: बस्तर पुलिस कार्यालय में वेतन घोटाला, तीन बाबूओं ने किया 3.54 करोड़ का गबन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: बस्तर पुलिस कार्यालय में वेतन घोटाला, तीन बाबूओं ने किया 3.54 करोड़ का गबन
Tue, 30 Jun 2026 05:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 05:08 PM IST
सार
बस्तर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ तीन बाबूओ द्वारा कर्मचारियों के वेतन में तीन करोड़ 54 लाख रुपये का गोलमाल करने का मामला सामने आया है। एक सप्ताह से अधिक समय तक चली जांच के बाद सोमवार को तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बस्तर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक बड़ा वेतन घोटाला सामने आया है। कार्यालय में पदस्थ तीन बाबूओं ने अपने ही विभाग के कर्मचारियों के वेतन में हेरफेर किया। इन पुलिस जवानों पर करीब 3 करोड़ 54 लाख रुपये के गोलमाल का आरोप है। मामले की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई गई।
विज्ञापन
एक सप्ताह से अधिक समय तक चली गहन जांच के बाद, सोमवार को तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। यह हेरफेर वर्ष 2023 से लगातार चल रहा था। वेतन शाखा, स्थापना शाखा और ट्रेजरी विभाग में पदस्थ इन जवानों ने पुलिसकर्मियों के वेतन से थोड़ी-थोड़ी राशि निकाली।
विज्ञापन
कार वे धीरे-धीरे बड़ी रकम का गबन कर रहे थे। लगातार बढ़ती राशि और अन्य अनियमितताओं पर आला अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई। लेखा-परीक्षा के दौरान कई सारे रिकॉर्ड सामने आए, जिससे घोटाले का खुलासा हुआ। करोड़ों रुपये के इस हेरफेर की खबर से विभाग में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
मामले से जुड़े कर्मचारियों से लगातार पूछताछ शुरू कर दी गई थी। सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ ही लेखा-परीक्षक ने जांच की। लेखा-परीक्षक की जांच के बाद ही इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ। उसके बाद वेतन शाखा से लेकर ट्रेजरी व अन्य विभाग के आरक्षकों की जांच की गई। इस जांच में कुल 3 करोड़ 54 लाख रुपये की हेराफेरी सामने आई। पुलिस ने इस मामले से जुड़े तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई एक सप्ताह से अधिक समय तक चली जांच के बाद की गई। पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर यह कदम उठाया है। इस घटना ने पुलिस विभाग की आंतरिक वित्तीय नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। विभाग अब भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय करेगा। न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक का बयान
इस पूरे प्रकरण पर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े तीनों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी वित्तीय अनियमितताएं न हों।