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बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: आधी-अधूरी मतदाता सूची से 11 टीएमसी उम्मीदवारों का भविष्य अधर में

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सार

ममता बनर्जी के फिक्स्ड वोट बैंक के साथ साथ इसी समुदाय के उम्मीदवारों पर भी गाज गिरने से ममता बनर्जी व उनकी पार्टी लड़ाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।

Bengal Assembly Elections 2026: Incomplete voter list puts future of 11 TMC candidates in jeopardy
ममता बनर्जी, सीएम, पश्चिम बंगाल - फोटो : PTI
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विस्तार

बंगाल की मतदाता सूची चुनाव आयोग जब जारी किया था, उसमें 63 लाख 66 हजार 952 मतदाताओं के नाम कट गए थे। कहा गया कि यह या तो मृत पाए गए हैं या फिर कहीं अन्य राज्य में शिफ्ट हो चुके हैं। मार्के की बात तो यह है कि इसके साथ ही 60 लाख छह हजार 675 लोगों के नाम के आगे विचाराधीन लिखा हुआ था।

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ममता बनर्जी व उनकी पार्टी को यह विचलित करने के लिए काफी था। विचलित के बाद उत्तेजित तब हुईं जब उन्हें यह पता चला कि उनकी सरकार में मंत्री शशि पांजा सहित 11 उम्मीदवारों का नाम ही मतदाता सूची में नहीं है.
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विचाराधीन मतदाताओं में से 46 लाख के करीब लोगों की जांच व तहकीकात पूरी हो चुकी है। प्रतिदिन दो लाख लोगों की जांच 705 ज्यूडिशियल ऑफिसर्स कर रहे हैं और 14 लाख लोगों की सुनवाई अभी तक शेष है। इसमें ममता सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री शशि पांजा सहित 11 उम्मीदवारों का नाम मतदाता सूची में ही नहीं है।

शशि पांजा के अलावा टीएमसी के घोषित अन्य उम्मीदवार हैं, मोहम्मद गुलाम रब्बानी, मोहम्मद नजरुल इस्लाम, नूर आलम, डॉ अब्दुल अजीज, शाहिना मुमताज़, स्वाति खांडेकर, श्रीसंया बंदोपाध्याय, अनिसुर रहमान और फ़ैयाज़ शेख उर्फ काजल शेख।

परिचय का इनका जहां तक सवाल है, शशि पांजा वरिष्ठ विधायक व महत्वपूर्ण विभाग की मंत्री हैं। कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व अजित पांजा की पुत्रवधु हैं। मोहम्मद गुलाम रब्बानी वरिष्ठ विधायक व राज्य सरकार के पूर्व मंत्री हैं।

विधायक स्वाति खांडेकर पूर्व सांसद हैं व पूर्व सांसद स्व अकबर अली खांडेकर की पत्नी हैं। श्रीसंया बंदोपाध्याय, टीएमसी के वरिष्ठ सांसद व एडवोकेट कल्याण बनर्जी के बेटे हैं। फ़ैयाज़ शेख उर्फ काजल शेख वीरभूम जिला के वरिष्ठ व बाहुबली नेता हैं।

गौ-तस्करी मामले में तिहाड़ जेल जा चुके वीरभूम जिला के ही बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल उर्फ केश्टो मंडल से इनका शुरू से छत्तीस का आंकड़ा रहा है। यानी यह वह लोग हैं जिन्हें लोग किसी न किसी कारण से जानते पहचानते जरूर हैं।

ममता सरकार में ही मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कलकत्ता हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजय पॉल को तीन पेज का एक ईमेल भेजा है। जिसमें एसआईआर से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों को उठाया है।

इसमें एक पेज टीएमसी के इन 11 उम्मीदवारों को लेकर है कि इनका नाम विचाराधीन कब तक रहेगा। इन उम्मीदवारों के नाम, इनका विधानसभा सीट और इनके एपिक नम्बर के साथ यह लिखा गया है।

चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा कलकत्ता हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस को ईमेल भेजने के पीछे की वजह यह है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही कलकत्ता हाइकोर्ट के अधीन ज्यूडिशियल ऑफिसर्स विचाराधीन नामों की जांच कर रहे हैं।

पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल (सोमवार) है। टीएमसी के 6 उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

उत्तर दिनाजपुर जिला के गोआलपुखुर सीट से मोहम्मद गुलाम रब्बानी, मालदा जिला के मोथाबाड़ी सीट से मोहम्मद नजरुल इस्लाम, मुर्शिदाबाद जिला के शमशेरगंज सीट से नूर आलम, लालगोला सीट से डॉ अब्दुल अजीज, नावदा सीट से शाहिना मुमताज और बीरभूम जिला के हासन सीट से फ़ैयाज़ हक उर्फ काजल शेख। दूसरे चरण के मतदान के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल (गुरुवार) है।

दूसरे चरण में टीएमसी के 5 उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उत्तर 24 परगना जिला के देगंगा सीट से अनिसुर रहमान, हुगली जिला के चंडीतल्ला सीट से स्वाति खांडेकर, उत्तरपाड़ा सीट से श्रीसंया बंदोपाध्याय और कोलकाता के श्यामपुकुर सीट से शशि पांजा।

बहरहाल, शशि पांजा की श्यामपुकुर सीट का जहां तक सवाल है, पिछले विधानसभा चुनाव में यह 22 हजार 520 मतों से विजयी हुई थीं। जबकि खबर है कि इस श्यामपुकुर सीट से एसआईआर में 51 हजार 918 मतदाताओं का नाम कट चुका है।

साथ ही शशि पांजा का नाम भी विचाराधीन की तालिका में शामिल है। गौरतलब है कि टीएमसी के 11 विचाराधीन उम्मीदवारों में अल्पसंख्यक उम्मीदवारों की संख्या आधा से अधिक यानी 8 उम्मीदवार हैं।

ममता बनर्जी के फिक्स्ड वोट बैंक के साथ साथ इसी समुदाय के उम्मीदवारों पर भी गाज गिरने से ममता बनर्जी व उनकी पार्टी लड़ाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। अब देखना यह है कि नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम तिथि के पहले इनके नामों पर क्या विचार होता है!

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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