{"_id":"6a2935cfb56411c1580d1dc2","slug":"chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-on-modi-govt-record-breaking-12-years-tenure-infrastructure-development-power-s-2026-06-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सेवा, सुशासन और संकल्प के 12 वर्ष: विकसित भारत की यात्रा का स्वर्णिम कालखंड","category":{"title":"Blog","title_hn":"अभिमत","slug":"blog"}}
सेवा, सुशासन और संकल्प के 12 वर्ष: विकसित भारत की यात्रा का स्वर्णिम कालखंड
विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
Published by: न्यूज डेस्क
Updated Wed, 10 Jun 2026 03:30 PM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- फोटो : Amar ujala digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा के 12 वर्ष पूरे होना उस परिवर्तनकारी कालखंड का प्रतीक है, जिसने देश की दशा और दिशा को बदला है। वर्ष 2014 में देश ने एक ऐसे नेतृत्व पर विश्वास जताया, जिसने शासन को सत्ता का माध्यम नहीं, सेवा का संकल्प माना। आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो स्पष्ट दिखाई देता है कि इन 12 वर्षों में भारत ने सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है।
प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास‘ को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे शासन की कार्यसंस्कृति बनाया। जन-धन योजना ने गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, आधार और मोबाइल की जैम ट्रिनिटी ने सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाया और डीबीटी ने लाभ सीधे हितग्राहियों के खाते तक पहुंचाया। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलिया व्यवस्था पर प्रभावी रोक लगी। शासन पहली बार सचमुच अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचा।
प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास‘ को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे शासन की कार्यसंस्कृति बनाया। जन-धन योजना ने गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, आधार और मोबाइल की जैम ट्रिनिटी ने सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाया और डीबीटी ने लाभ सीधे हितग्राहियों के खाते तक पहुंचाया। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलिया व्यवस्था पर प्रभावी रोक लगी। शासन पहली बार सचमुच अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गरीब कल्याण इस दौर की सबसे बड़ी पहचान रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों को पक्का घर दिया। उज्ज्वला योजना ने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाई। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को महंगे इलाज की चिंता से राहत दी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ने अन्नदाताओं को सीधी आर्थिक सहायता दी। ये योजनाएं केवल सरकारी घोषणाएं नहीं रहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का आधार बनीं।
इन 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने भी नई शक्ति प्राप्त की है। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को केवल उपभोक्ता बाजार नहीं रहने दिया, बल्कि उत्पादन, नवाचार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा दी। मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर, फार्मा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। डिजिटल इंडिया ने भारत की शासन व्यवस्था और नागरिक जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आम आदमी के जीवन का हिस्सा बना दिया है। गांवों तक इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच ने शासन को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया है। कोविड काल में कोविन प्लेटफॉर्म के माध्यम से टीकाकरण का सफल संचालन भारत की डिजिटल क्षमता का बड़ा उदाहरण रहा। आज भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी दुनिया के लिए मॉडल बन चुका है।
इन 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने भी नई शक्ति प्राप्त की है। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को केवल उपभोक्ता बाजार नहीं रहने दिया, बल्कि उत्पादन, नवाचार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा दी। मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर, फार्मा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। डिजिटल इंडिया ने भारत की शासन व्यवस्था और नागरिक जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आम आदमी के जीवन का हिस्सा बना दिया है। गांवों तक इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच ने शासन को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया है। कोविड काल में कोविन प्लेटफॉर्म के माध्यम से टीकाकरण का सफल संचालन भारत की डिजिटल क्षमता का बड़ा उदाहरण रहा। आज भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी दुनिया के लिए मॉडल बन चुका है।
आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी पिछले 12 वर्ष ऐतिहासिक रहे हैं। आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे, वंदे भारत ट्रेनें, नए एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, अमृत भारत स्टेशन और बेहतर लॉजिस्टिक्स ने देश की गति बढ़ाई है। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी ने भारत के उन क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है, जो लंबे समय तक उपेक्षित रहे थे। यही कनेक्टिविटी विकसित भारत की मजबूत रीढ़ बन रही है।
छत्तीसगढ़ में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में हमें मोदी की गारंटी पर जनादेश मिला। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र हितग्राही महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह देकर महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा जा रहा है। पहली ही कैबिनेट में हमारी सरकार ने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास को मंजूरी देकर हमने अंत्योदय के मंत्र को चरितार्थ किया है। प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। हमने मोदीजी की गारंटियों को पूरा कर राजनीतिक प्रतिबद्धता को ऊंचाई प्रदान की है।
छत्तीसगढ़ में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में हमें मोदी की गारंटी पर जनादेश मिला। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र हितग्राही महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह देकर महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा जा रहा है। पहली ही कैबिनेट में हमारी सरकार ने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास को मंजूरी देकर हमने अंत्योदय के मंत्र को चरितार्थ किया है। प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। हमने मोदीजी की गारंटियों को पूरा कर राजनीतिक प्रतिबद्धता को ऊंचाई प्रदान की है।
आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई इस कालखंड की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। वर्षों तक देश के अनेक आदिवासी और वनांचल क्षेत्र नक्सली हिंसा, भय और पिछड़ेपन के चक्र में फंसे रहे। प्रधानमंत्री जी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की सफल रणनीति के अनुसार डबल इंजन की सरकार में नक्सलवाद की जड़ों पर निर्णायक प्रहार हुआ। बस्तर, जिसे कभी नक्सल हिंसा के कारण जाना जाता था, आज विकास, विश्वास और बदलाव की नई पहचान बना रहा है। 31 मार्च 2026 तक माओवाद को समाप्त करने का संकल्प सरकार ने पूरा किया। जिन क्षेत्रों में कभी भय था, वहां अब स्कूल, सड़क, स्वास्थ्य सुविधा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवा और सरकारी योजनाएं पहुंच रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर मोदी सरकार की नीति स्पष्ट रही है, राष्ट्रहित सर्वाेपरि और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस। उरी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिन्दूर ने दुनिया को यह संदेश दिया कि नया भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करता। सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति ने देशवासियों के मन में नया विश्वास पैदा किया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर मोदी सरकार की नीति स्पष्ट रही है, राष्ट्रहित सर्वाेपरि और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस। उरी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिन्दूर ने दुनिया को यह संदेश दिया कि नया भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करता। सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति ने देशवासियों के मन में नया विश्वास पैदा किया है।
जनजातीय समाज के सम्मान और विकास को भी इन 12 वर्षों में राष्ट्रीय प्राथमिकता मिली है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि जनजातीय अस्मिता के सम्मान का ऐतिहासिक कदम है। पीएम जनमन योजना ने विशेष पिछड़ी जनजातियों की बस्तियों तक सड़क, बिजली, पानी, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का काम शुरू किया। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय गांवों के समग्र विकास की दिशा में ठोस प्रयास हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य में इन योजनाओं का प्रभाव विशेष रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश की बड़ी आबादी जनजातीय समाज से आती है। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले परिवारों तक पहली बार योजनाएं व्यवस्थित रूप से पहुंच रही हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में वनोपज, पर्यटन, कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता के माध्यम से आजीविका के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। यह विकास केवल सड़क और भवन का विकास नहीं है, बल्कि आत्मसम्मान, भागीदारी और भरोसे का विकास है।
छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य में इन योजनाओं का प्रभाव विशेष रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश की बड़ी आबादी जनजातीय समाज से आती है। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले परिवारों तक पहली बार योजनाएं व्यवस्थित रूप से पहुंच रही हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में वनोपज, पर्यटन, कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता के माध्यम से आजीविका के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। यह विकास केवल सड़क और भवन का विकास नहीं है, बल्कि आत्मसम्मान, भागीदारी और भरोसे का विकास है।
महिला सशक्तिकरण भी मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धि रही है। उज्ज्वला, जन-धन, स्वच्छ भारत, जल जीवन मिशन और मातृशक्ति से जुड़ी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को सरल बनाया। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के जरिये देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देने का प्रयास हुआ। जब महिला सशक्त होती है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों मजबूत होते हैं।
अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास और केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण परियोजना जैसे कार्यों ने विकास भी, विरासत भी की अवधारणा को साकार किया है। योग, आयुर्वेद और भारतीय परंपराओं को विश्व स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष सेवा, सुशासन और संकल्प के वर्ष रहे हैं। इन वर्षों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और जनभागीदारी से देश की दिशा बदली जा सकती है। गरीबी से मुक्ति, नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, जनजातीय विकास, डिजिटल क्रांति, आधुनिक अवसंरचना और सांस्कृतिक आत्मविश्वास सबने मिलकर विकसित भारत की मजबूत नींव रखी है। आज भारत केवल आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि आत्मविश्वास के साथ दुनिया को दिशा भी दे रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है, कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 का संकल्प अवश्य सिद्ध होगा।
अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास और केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण परियोजना जैसे कार्यों ने विकास भी, विरासत भी की अवधारणा को साकार किया है। योग, आयुर्वेद और भारतीय परंपराओं को विश्व स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष सेवा, सुशासन और संकल्प के वर्ष रहे हैं। इन वर्षों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और जनभागीदारी से देश की दिशा बदली जा सकती है। गरीबी से मुक्ति, नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, जनजातीय विकास, डिजिटल क्रांति, आधुनिक अवसंरचना और सांस्कृतिक आत्मविश्वास सबने मिलकर विकसित भारत की मजबूत नींव रखी है। आज भारत केवल आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि आत्मविश्वास के साथ दुनिया को दिशा भी दे रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है, कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 का संकल्प अवश्य सिद्ध होगा।