राज और नीति: प्रदेश अध्यक्ष का इनकार, मंत्रिमंडल में फेरबदल के फिर भी हैं आसार
मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने फिलहाल मंत्रिमंडल फेरबदल से इनकार किया है, लेकिन मंत्रियों की विभागवार समीक्षा के बाद 15 जून के बाद बदलाव की चर्चाएं तेज हैं। परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ वरिष्ठ मंत्री हट सकते हैं और नए चेहरे शामिल हो सकते हैं।
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मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा है कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में फिलहाल कोई फेरबदल नहीं होगा। उनके इस बयान के बाद भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री की मंत्रियों की विभागवार समीक्षा का परिणाम मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के रूप में दिखाई देगा। इन समीक्षा बैठकों के पीछे कुल मिलाकर उद्देश्य यही है कि मंत्रियों का परफॉर्मेंस कैसा है? इसी के आधार पर आगामी दिनों में मंत्रिमंडल का फेरबदल दिखाई दे सकता है।
सियासी गलियारों की खबरों पर अगर भरोसा किया जाए तो फेरबदल का आधार परफॉर्मेंस कहा जा रहा है, लेकिन इसी बहाने कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को हटाने की भी चर्चा है। वहीं, मुख्यमंत्री के कुछ विश्वसनीय नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो यह फेरबदल मलमास के बाद यानी 15 जून के बाद कभी भी हो जाए तो चौंकिएगा मत।
मुख्य सचिव बने रहेंगे अनुराग जैन, एक और एक्सटेंशन की भी चर्चा
पिछले माह तेजी से मीडिया में फैली यह चर्चा सही साबित नहीं हो रही है कि मुख्य सचिव अनुराग जैन मई में केंद्र सरकार में किसी महत्वपूर्ण पद पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जैन अभी मुख्य सचिव बने रहेंगे। उनके वर्तमान विस्तारित कार्यकाल, जो अगस्त माह में पूर्ण हो रहा है, में एक और एक्सटेंशन होने की संभावना है। जैन 3 अक्टूबर 2024 से मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं। 1 सितंबर 2025 से उनका विस्तारित कार्यकाल चल रहा है जो अगस्त 2026 में पूरा होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे मुख्य सचिव के रूप में एक और एक्सटेंशन प्राप्त करेंगे या फिर किसी और बड़े असाइनमेंट में दिल्ली जाएंगे या फिर शासकीय सेवा से रिटायर होंगे?
रेरा और मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में क्यों नहीं हो रही नियुक्ति
मध्य प्रदेश में निगम, मंडल और प्राधिकरणों में लगातार राजनीतिक नियुक्तियां हो रही हैं, लेकिन दो महत्वपूर्ण शासकीय संस्थानों के प्रमुख के पद खाली पड़े हैं। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष का पद तो पिछले डेढ़ साल से खाली पड़ा है। इसके अध्यक्ष रहे 1986 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह परिहार का कार्यकाल समाप्त हुए कोई डेढ़ साल हो चुका है। इसी प्रकार प्रदेश के विकास और निर्माण की दृष्टि से एक और महत्वपूर्ण संस्था रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के प्रमुख का पद पिछले ढाई महीने से खाली पड़ा है। इस पद पर कार्यरत 1984 बैच की आईएएस अधिकारी ए पी श्रीवास्तव का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से मार्च से यह पद खाली है।
आखिर क्यों चर्चा में हैं रीवा के कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी
मध्य प्रदेश में इस समय रीवा के कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की चर्चा चारों तरफ हो रही है। उन्होंने एक माह पहले रीवा में कलेक्टर पद का कार्यभार संभाला था। इस एक माह के दौरान उन्होंने जिले में प्रशासन विशेष कर राजस्व प्रशासन और आम जनता के बीच जाकर शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने की जो पहल की है, उससे बड़ी संख्या में लोग ऑन द स्पॉट लाभान्वित हो रहे हैं।
उनके जन चौपाल कार्यक्रम में जहां हाथों हाथ लोगों की समस्याओं का निराकरण हो रहा है, वहीं दोषी कर्मचारी और अधिकारी दंडित भी किए जा रहे हैं। अभी तक पांच अधिकारी और कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं और 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। इस एक माह में वे तीन बार नॉन-एसी बस से दूरदराज गावों में पहुंचे हैं। अनेक कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर नियमित उपस्थिति पर बल भी दिया गया है। इन कार्रवाईयों से पूरे प्रशासन में कार्य की नई तस्वीर नजर आ रही है। इन सबका परिणाम यह है कि सीएम हेल्पलाइन और मोनिट में रीवा जिला अब ए ग्रेड में आ गया है जो किसी समय सी और बी ग्रेड में होता था।
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