विवादों में अंगकृष रघुवंशी का विकेट: 'फील्डिंग में बाधा डालना' क्या है, IPL में कितने बल्लेबाज हुए इसका शिकार?
अंगकृष रघुवंशी के ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट ने आईपीएल में इस दुर्लभ नियम को फिर चर्चा में ला दिया है। यह नियम तब लागू होता है जब बल्लेबाज जानबूझकर फील्डिंग में बाधा डालता है। आईपीएल इतिहास में अब तक कितने बल्लेबाज इसका शिकार हुए...आइए देखते हैं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईपीएल में 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' से आउट हुए बल्लेबाज
| खिलाड़ी | रन (गेंद) | टीम | खिलाफ | साल |
|---|---|---|---|---|
| यूसुफ पठान | 72 (44) | KKR | पुणे वॉरियर्स | 2013 |
| अमित मिश्रा | 1 (2) | DD | SRH | 2019 |
| रवींद्र जडेजा | 5 (6) | CSK | RR | 2024 |
| अंगकृष रघुवंशी | 9 (8) | KKR | LSG | 2026* |
क्रिकेट के नियमों (Law 37) के मुताबिक, अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर फील्डिंग टीम के काम में बाधा डालता है, वो थ्रो रोकना हो, कैच में दखल देना हो या रन-आउट से बचने के लिए रास्ता बदलना, तो उसे ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड के तहत आउट दिया जा सकता है। इस नियम में सबसे जरूरी शब्द है- जानबूझकर या इंटेंट या फिर इरादा। यही पूरे नियम का दिल है।
कब बल्लेबाज आउट दिया जाता है?
1. फील्डिंग में जानबूझकर बाधा डालना
अगर बल्लेबाज थ्रो की लाइन में आ जाए या शरीर या हाथ से गेंद रोक दे या फिर फील्डर को भ्रमित करे और यह सब जानबूझकर हो, तो उसे आउट दिया जाता है।
2. रन लेते समय दिशा बदलना
अगर बल्लेबाज रन लेते वक्त अचानक अपनी लाइन बदलता है और इससे फील्डर का रन-आउट प्रयास रुक जाता है, तो अंपायर उसे आउट दे सकता है, चाहे रन-आउट होता या नहीं, यह मायने नहीं रखता।
3. हाथ से गेंद मारना (बैट के अलावा)
अगर स्ट्राइकर गेंद को हाथ से मारता है (बैट के अलावा) और यह जानबूझकर है, तो उसे आउट करार दिया जाएगा।
4. कैच रोकने की कोशिश करना
अगर बल्लेबाज जानबूझकर ऐसा कुछ करता है जिससे उसका कैच नहीं पकड़ा जा सके, तो उसे आउट करार दिया जाएगा।
कब नॉट आउट दिया जाता है?
1. अगर सब कुछ गलती से हुआ हो
अगर बल्लेबाज का कोई इरादा नहीं था तो उसे नॉट आउट करार दिया जाएगा। हालांकि, ये फैसला और चेक अंपायर को करना होता है।
2. खुद को चोट से बचाने के लिए
अगर बल्लेबाज गेंद से बचने के लिए मूव करता है तो उसे नॉट आउट दिया जाएगा।
3. विकेट बचाने के लिए दूसरी बार गेंद मारना
अगर बल्लेबाज अपनी विकेट बचाने के लिए गेंद को दोबारा मारता है (नियम के तहत), तो उसे नॉटआउट करार दिया जाएगा।
यानी पूरा खेल इंटेंट यानी इरादे का है। आउट या नॉट आउट का फैसला पूरी तरह से उसी पर निर्भर है। जानबूझकर किया तो आउट, गलती से हुआ तो नॉट आउट, लेकिन सब चेक अंपायर को करना होता है। इंटेंट अंपायर ही चेक करता है। यही इरादा इस नियम का सबसे बड़ा और विवादित हिस्सा है। अब जानते हैं कि इस नियम के शिकार आईपीएल में कितने खिलाड़ी हुए...
𝐖𝐇𝐀𝐓 𝐉𝐔𝐒𝐓 𝐇𝐀𝐏𝐏𝐄𝐍𝐄𝐃?! 😳
— Star Sports (@StarSportsIndia) April 26, 2026
Mix-up. Long turn. Third umpire drama… & Raghuvanshi is given OUT for obstructing the field! 👀
Just the 4️⃣th instance of a batter being given out for obstructing the field in TATA IPL 🤯#TATAIPL 2026 ➡️ #LSGvKKR | LIVE NOW… pic.twitter.com/WRgr608Odb
लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के युवा बल्लेबाज रघुवंशी आठ गेंद में नौ रन बनाकर आउट हुए। पारी के पांचवें ओवर की आखिरी गेंद पर बॉल को मिड-ऑन की तरफ खेलने के बाद वह रन के लिए दौड़े, लेकिन साथी खिलाड़ी ने मना कर दिया। इसी बीच थ्रो बल्लेबाज के छोर पर आया और रघुवंशी उसकी लाइन में आ गए। थर्ड अंपायर ने माना कि उन्होंने अपनी दिशा बदली और गेंद को रोकने की कोशिश की, इसलिए उन्हें आउट दिया गया। कई लोगों का मानना था कि यह नेचुरल मूवमेंट था, न कि जानबूझकर किया गया प्रयास। फैसले के बाद कोच अभिषेक नायर फोर्थ अंपायर से बहस करते भी दिखे। वह और पूरा टीम मैनेजमेंट नाखुश था।
आईपीएल 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच चेन्नई में खेले गए मुकाबले में रवींद्र जडेजा 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के तहत आउट दिए गए थे। तब जडेजा सीएसके में थे। यह घटना सीएसके की पारी के 16वें ओवर की है, जब आवेश खान की शॉर्ट पिच गेंद को जडेजा ने थर्ड मैन की दिशा में खेला और दो रन लेने की कोशिश की। हालांकि, उनके साथी ऋतुराज गायकवाड़ ने दूसरा रन लेने से मना कर दिया। उस समय जडेजा आधी पिच तक पहुंच चुके थे और तुरंत नॉन-स्ट्राइकर एंड की ओर लौटने लगे। इसी दौरान संजू सैमसन गेंद को पकड़कर रन-आउट का प्रयास करने के लिए थ्रो करने वाले थे। जडेजा पिच के बीच में दौड़ते हुए थ्रो की लाइन में आ गए, जिससे गेंद उनके शरीर से टकरा गई और रन-आउट का मौका प्रभावित हुआ। थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद माना कि जडेजा को गेंद की दिशा का अंदाजा था और उन्होंने अपनी रनिंग लाइन नहीं बदली, जिससे फील्डिंग टीम के प्रयास में बाधा आई। इसी आधार पर उन्हें 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के तहत आउट करार दिया गया। जडेजा इस मैच में सात गेंदों पर पांच रन बनाकर पवेलियन लौटे।
आईपीएल 2019 के एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद आमने-सामने थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 162 रन बनाए, जिसमें मार्टिन गुप्टिल (36) और मनीष पांडे (30) का योगदान रहा। जवाब में दिल्ली की शुरुआत शानदार रही। पृथ्वी शॉ ने 56 रन बनाए, जबकि ऋषभ पंत ने 49 रन की अहम पारी खेली। मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया, जब आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 5 रन चाहिए थे और क्रीज पर अमित मिश्रा के साथ कीमो पॉल मौजूद थे।
ओवर की चौथी गेंद पर खलील अहमद की फुल लेंथ गेंद पर मिश्रा ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ले से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद दोनों बल्लेबाज तेजी से रन लेने के लिए दौड़े। विकेटकीपर स्ट्राइकर एंड पर रन-आउट नहीं कर सके, जिसके बाद गेंद खलील अहमद के पास आई। उन्होंने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर दौड़ रहे मिश्रा को रन-आउट करने की कोशिश की। इसी दौरान मिश्रा ने जानबूझकर थ्रो की लाइन में आकर उसे रोकने की कोशिश की। थर्ड अंपायर ने इसे फील्डिंग में बाधा मानते हुए उन्हें 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के तहत आउट दे दिया। हालांकि, इसके बावजूद दिल्ली कैपिटल्स ने मैच जीत लिया। अगली ही गेंद पर कीमो पॉल ने चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी।
आईपीएल 2013 में यूसुफ इस तरह आउट होने वाले पहले खिलाड़ी बने। यह घटना तब हुई जब वह कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से पुणे वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ खेल रहे थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए पुणे ने 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसमें मनीष पांडे (66) और एरॉन फिंच (48) का अहम योगदान रहा। जवाब में कोलकाता की शुरुआत खराब रही और टीम ने गौतम गंभीर (12), मनविंदर बिसला (1) और जैक कैलिस (1) के विकेट जल्दी गंवा दिए।
इसके बाद नंबर-चार पर आए पठान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मैच में बनाए रखा। उन्होंने रेयान टेन डेशकाटे (42) के साथ 98 रन की अहम साझेदारी की। मैच का 18वां ओवर निर्णायक साबित हुआ। वेन पार्नेल की यॉर्कर गेंद को पठान ने रोका और तेजी से सिंगल लेने की कोशिश की। इसी दौरान वह गेंद की दिशा में आ गए और गेंद को पैर से भी रोक दिया, जिससे गेंदबाज को गेंद पकड़ने का मौका नहीं मिला। थर्ड अंपायर ने इसे जानबूझकर फील्डिंग में बाधा मानते हुए पठान को 44 गेंदों पर 72 रन बनाकर 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के तहत आउट दे दिया। आखिर में पुणे वॉरियर्स इंडिया ने यह मुकाबला 7 रन से जीत लिया।
इस नियम की सबसे बड़ी समस्या है इंटेंट यानी इरादे को समझना। क्या बल्लेबाज ने जानबूझकर रास्ता बदला? या वह सिर्फ संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा था? यह फैसला पूरी तरह अंपायर की समझ पर निर्भर करता है, इसलिए हर बार बहस छिड़ जाती है।

कमेंट
कमेंट X