{"_id":"69ba470dc78419a53408cf9e","slug":"bangladesh-cricket-board-in-trouble-new-government-to-investigate-decision-to-stay-out-of-t20-world-cup-2026-03-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bangladesh: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड मुश्किल में? नई सरकार टी20 विश्व कप से बाहर रहने के फैसले की जांच करेगी","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
Bangladesh: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड मुश्किल में? नई सरकार टी20 विश्व कप से बाहर रहने के फैसले की जांच करेगी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: Swapnil Shashank
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:02 PM IST
विज्ञापन
सार
बीसीबी ने हाल ही में मंत्रालय से पिछली जांच बंद करने की अपील की थी, लेकिन इसके ठीक अगले दिन नई जांच की घोषणा ने बोर्ड और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है।
अमीनुल हक और बांग्लादेश टीम
- फोटो : IANS/ANI
विज्ञापन
विस्तार
टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने का बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का फैसला उसके गले की फांस बनते जा रहा है। बांग्लादेश की नई सरकार ने इस मामले की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा है कि बीसीबी पर कोई भी फैसला लेने से पहले वह आईसीसी से सलाह लेंगे। अमीनुल ने कहा है कि ईद के बाद एक नई जांच कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या भारत और श्रीलंका में आयोजित इस टूर्नामेंट से हटने का फैसला स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में विफलता का नतीजा था।
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय ने 11 मार्च को बीसीबी चुनावों में गड़बड़ियों, हेरफेर और पावर के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी। खेल मंत्री ने कहा था कि जांच कमेटी यह भी तय करेगी कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में कमी क्यों आई और भविष्य में गलती न दोहराई जाए। बीसीबी ने सरकार की इस कार्रवाई को दखलअंदाजी बताया था।
अमीनुल हक ने कहा है कि जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद वह इस मामले पर आईसीसी से बात करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि पिछले साल बीसीबी चुनावों में हमारी पिछली सरकार ने सीधे दखलअंदाजी की थी। मैंने इस बारे में कई बार बात की है। ढाका क्लब और जिलों के आरोपों के बाद, हमने एक जांच कमिटी बनाई है। मैं रिपोर्ट पढ़ने और आईसीसी से बात करने के बाद ही कोई निर्णय लूंगा।'
जब बीसीबी चुनाव हुए थे, तब तमीम इकबाल और ढाका क्लब के अधिकारियों पर चुनाव इंजीनियरिंग के आरोप लगे थे। चुनाव से पहले बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी दखलंदाजी के आरोप थे। तमीम ने चुनावों से अपनी उम्मीदवारी 1 अक्टूबर को वापस ले ली, जबकि अमीनुल ने 5 अक्टूबर को इन आरोपों से इनकार किया। खेल मंत्री ने कहा कि जांच कमिटी बीसीबी इलेक्शन कमिश्नर, बोर्ड अधिकारी और जिला प्रशासक से बात करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पत्र भेजने के बाद नॉमिनेशन बदले गए।
बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने के लिए भारत आने से इनकार कर दिया था। बोर्ड ने आईसीसी से अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की थी। आईसीसी ने इस मांग को नहीं माना था और बांग्लादेश के बाहर होने के फैसले के बाद स्कॉटलैंड को शामिल किया था।
मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि सरकार यह समझना चाहती है कि क्या यह स्थिति टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा, 'हमें यह गहराई से जांचना होगा कि हम विश्व कप में हिस्सा क्यों नहीं ले पाए और हमारी स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में कमी कहां रह गई।' उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में मौजूद कमियों को भी उजागर करता है।
सरकार इस जांच को बीसीबी के हालिया चुनावों में कथित अनियमितताओं से जोड़कर भी देख रही है। मंत्री के मुताबिक क्लब और जिला स्तर के कई स्टेकहोल्डर्स ने शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनकी जांच पहले से चल रही है। बीसीबी ने हाल ही में मंत्रालय से पिछली जांच बंद करने की अपील की थी, लेकिन इसके ठीक अगले दिन नई जांच की घोषणा ने बोर्ड और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजरें हैं, क्योंकि जांच के नतीजे न सिर्फ बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन बल्कि वैश्विक क्रिकेट में उसकी साख पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।
Trending Videos
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय ने 11 मार्च को बीसीबी चुनावों में गड़बड़ियों, हेरफेर और पावर के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी। खेल मंत्री ने कहा था कि जांच कमेटी यह भी तय करेगी कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में कमी क्यों आई और भविष्य में गलती न दोहराई जाए। बीसीबी ने सरकार की इस कार्रवाई को दखलअंदाजी बताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमीनुल हक ने कहा है कि जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद वह इस मामले पर आईसीसी से बात करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि पिछले साल बीसीबी चुनावों में हमारी पिछली सरकार ने सीधे दखलअंदाजी की थी। मैंने इस बारे में कई बार बात की है। ढाका क्लब और जिलों के आरोपों के बाद, हमने एक जांच कमिटी बनाई है। मैं रिपोर्ट पढ़ने और आईसीसी से बात करने के बाद ही कोई निर्णय लूंगा।'
जब बीसीबी चुनाव हुए थे, तब तमीम इकबाल और ढाका क्लब के अधिकारियों पर चुनाव इंजीनियरिंग के आरोप लगे थे। चुनाव से पहले बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी दखलंदाजी के आरोप थे। तमीम ने चुनावों से अपनी उम्मीदवारी 1 अक्टूबर को वापस ले ली, जबकि अमीनुल ने 5 अक्टूबर को इन आरोपों से इनकार किया। खेल मंत्री ने कहा कि जांच कमिटी बीसीबी इलेक्शन कमिश्नर, बोर्ड अधिकारी और जिला प्रशासक से बात करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पत्र भेजने के बाद नॉमिनेशन बदले गए।
बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टी20 विश्व कप 2026 में भाग लेने के लिए भारत आने से इनकार कर दिया था। बोर्ड ने आईसीसी से अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की थी। आईसीसी ने इस मांग को नहीं माना था और बांग्लादेश के बाहर होने के फैसले के बाद स्कॉटलैंड को शामिल किया था।
मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि सरकार यह समझना चाहती है कि क्या यह स्थिति टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा, 'हमें यह गहराई से जांचना होगा कि हम विश्व कप में हिस्सा क्यों नहीं ले पाए और हमारी स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में कमी कहां रह गई।' उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में मौजूद कमियों को भी उजागर करता है।
सरकार इस जांच को बीसीबी के हालिया चुनावों में कथित अनियमितताओं से जोड़कर भी देख रही है। मंत्री के मुताबिक क्लब और जिला स्तर के कई स्टेकहोल्डर्स ने शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनकी जांच पहले से चल रही है। बीसीबी ने हाल ही में मंत्रालय से पिछली जांच बंद करने की अपील की थी, लेकिन इसके ठीक अगले दिन नई जांच की घोषणा ने बोर्ड और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजरें हैं, क्योंकि जांच के नतीजे न सिर्फ बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन बल्कि वैश्विक क्रिकेट में उसकी साख पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।