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Controversy in Sri Lanka Cricket: श्रीलंका क्रिकेट में भूचाल; अध्यक्ष और कार्यकारी समिति के सदस्यों का इस्तीफा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: Swapnil Shashank
Updated Wed, 29 Apr 2026 03:15 PM IST
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सार
श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा प्रशासनिक संकट सामने आया है। विवाद के बीच बोर्ड अध्यक्ष और कार्यकारी समिति के कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम के बाद श्रीलंका क्रिकेट में नेतृत्व और भविष्य की योजनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
श्रीलंका क्रिकेट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने बोर्ड की एग्जीक्यूटिव कमेटी (कार्यकारी समिति) के सदस्यों के साथ तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को आधिकारिक रूप से इस्तीफों की जानकारी दे दी गई है। बुधवार को श्रीलंका क्रिकेट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, 'यह फैसला औपचारिक रूप से राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और युवा मामले और खेल मंत्री, सुनील कुमारा गमागे को बता दिया गया है।' अब श्रीलंका सरकार ने बोर्ड का प्रशासन अपने हाथ में लेने का फैसला किया है।
श्रीलंका के खेल मंत्री सुनील कुमारा गमागे ने एक विज्ञप्ति में कहा, '1973 की खेल कानून की संख्या 25 की धारा 31 और 34 के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीलंका क्रिकेट के सभी प्रशासनिक कार्यों को अस्थायी रूप से खेल मंत्रालय के अधीन लाया जाएगा।' उन्होंने इसके साथ ही कहा कि मौजूदा पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्रीलंकाई क्रिकेट में मौजूदा समस्याओं का समाधान करने और सुधारों को लागू करने के लिए जल्द ही एक अंतरिम समिति गठित की जाएगी।
65 साल के सिल्वा 2019 से श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष थे। उन्हें 2021, 2023 और 2025 में बिना किसी विरोध के श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। सिल्वा का इस्तीफा राष्ट्रीय पुरुष टीम के प्रदर्शन में गिरावट और कुप्रबंधन के आरोपों की बढ़ती आलोचना के बीच आया है। श्रीलंका इस साल के टी20 विश्व कप के सुपर आठ स्टेज तक पहुंचने में नाकाम रहा था।
सिल्वा ने 2025 में एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने जय शाह की जगह कार्यभार संभाला था, जिसमें वे भारत के साथ मिलकर आयोजित होने वाले इस चुनाव को श्रीलंका क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में बदलाव का कारण बताया गया है।
श्रीलंका का 1973 का खेल कानून मंत्री को खेल फेडरेशन को भंग करने का अधिकार देता है, हालांकि चुनी हुई संस्थाओं में इस तरह का दखल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चार्टर के खिलाफ है। समझा जाता है कि आईसीसी को इस गतिविधि के बारे में जानकारी दी गई है। नए चुनावों की टाइमलाइन अभी साफ नहीं है।
सिल्वा को पहले 2023 में श्रीलंका क्रिकेट प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। उस समय राष्ट्रीय टीम का प्रदर्शन 2023 वनडे विश्व कप में खराब रहा था। इसके बाद आईसीसी ने बोर्ड को निलंबित कर दिया था। इसकी वजह से 2024 का पुरुष अंडर-19 विश्व कप भी श्रीलंका से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया गया था। सिल्वा 2025 में फिर से बोर्ड अध्यक्ष के रूप में लौटे थे।
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श्रीलंका के खेल मंत्री सुनील कुमारा गमागे ने एक विज्ञप्ति में कहा, '1973 की खेल कानून की संख्या 25 की धारा 31 और 34 के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीलंका क्रिकेट के सभी प्रशासनिक कार्यों को अस्थायी रूप से खेल मंत्रालय के अधीन लाया जाएगा।' उन्होंने इसके साथ ही कहा कि मौजूदा पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्रीलंकाई क्रिकेट में मौजूदा समस्याओं का समाधान करने और सुधारों को लागू करने के लिए जल्द ही एक अंतरिम समिति गठित की जाएगी।
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65 साल के सिल्वा 2019 से श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष थे। उन्हें 2021, 2023 और 2025 में बिना किसी विरोध के श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। सिल्वा का इस्तीफा राष्ट्रीय पुरुष टीम के प्रदर्शन में गिरावट और कुप्रबंधन के आरोपों की बढ़ती आलोचना के बीच आया है। श्रीलंका इस साल के टी20 विश्व कप के सुपर आठ स्टेज तक पहुंचने में नाकाम रहा था।
सिल्वा ने 2025 में एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने जय शाह की जगह कार्यभार संभाला था, जिसमें वे भारत के साथ मिलकर आयोजित होने वाले इस चुनाव को श्रीलंका क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में बदलाव का कारण बताया गया है।
श्रीलंका का 1973 का खेल कानून मंत्री को खेल फेडरेशन को भंग करने का अधिकार देता है, हालांकि चुनी हुई संस्थाओं में इस तरह का दखल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चार्टर के खिलाफ है। समझा जाता है कि आईसीसी को इस गतिविधि के बारे में जानकारी दी गई है। नए चुनावों की टाइमलाइन अभी साफ नहीं है।
सिल्वा को पहले 2023 में श्रीलंका क्रिकेट प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। उस समय राष्ट्रीय टीम का प्रदर्शन 2023 वनडे विश्व कप में खराब रहा था। इसके बाद आईसीसी ने बोर्ड को निलंबित कर दिया था। इसकी वजह से 2024 का पुरुष अंडर-19 विश्व कप भी श्रीलंका से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट कर दिया गया था। सिल्वा 2025 में फिर से बोर्ड अध्यक्ष के रूप में लौटे थे।

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