IND 1st Inning
352/4 (89.3 ov)
Dhruv Jurel 13(11)*
Devdutt Padikkal 165 (227)
Day 2 - Session 2, India elected to bat
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'83' Special: इनाम के रूप में खिलाड़ियों को मिलने थे दो लाख रुपये, गावस्कर ने कहा- पुरस्कार राशि मांग रहे हैं टिप नहीं
Thu, 23 Dec 2021 04:35 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 23 Dec 2021 04:35 AM IST
सार
बताया जाता है कि बोर्ड के पास इतने रुपये नहीं थे कि वह कपिल देव की वर्ल्ड चैंपियन टीम को पुरस्कार राशि दे सके। 2008 में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रहे एन केपी साल्वे ने इसका खुलासा किया था।
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विश्व कप ट्रॉफी के साथ 'रील' कपिल देव और रियल कपिल देव
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट फैंस 25 जून की तारीख को शायद ही भूल सकते हैं। 1983 में इस तारीख को भारत ने अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीता था। कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में वेस्टइंडीज को शिकस्त दी थी और वर्ल्ड चैंपियन बना था। उस वक्त भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पास इतने पैसे नहीं हुआ करते थे।
इसके बाद भारतीय क्रिकेट का परिदृश्य बदला और धीरे-धीरे बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बन गया। भारत के इसी विजयी अभियान पर 24 दिसंबर को '83' मूवी भी रिलीज होने जा रही है। इसमें रणवीर सिंह कपिल देव का रोल निभाते दिखेंगे।
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बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष ने किए दिलचस्प खुलासे
बताया जाता है कि बोर्ड के पास इतने रुपये नहीं थे कि वह कपिल देव की वर्ल्ड चैंपियन टीम को पुरस्कार राशि दे सके। 2008 में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रहे एन केपी साल्वे ने इसका खुलासा किया था। उन्होंने भारत की वर्ल्ड कप जीत के 25 साल पूरे होने पर हुए एक सम्मान समारोह में दिलचस्प खुलासे किए थे। उन्होंने बताया था कि किस तरह वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पुरस्कार राशि के लिए उनका जीना मुश्किल कर दिया था।
विश्व कप जीत की खुशी की बराबरी कोई नहीं कर सकता
भारत ने 1983 में पहली बार जब वर्ल्ड कप जीता था तब एन केपी साल्वे बीसीसीआई के अध्यक्ष थे। उनका 2012 में 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 2008 में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि कि विश्व कप जीतने के बाद हम एक जगह इकट्ठे हुए थे। तब कप्तान कपिल ने अपने टीम के बाकी साथियों के बारे में विचार रखे थे। साल्वे ने बताया कि 25 आईपीएल जीतने की खुशी भी वर्ल्ड कप जीतने के जोश और जुनून की बराबरी नहीं कर सकता। साल्वे ने कहा कि मीटिंग के बाद टीम के सीनियर सदस्य सुनील गावस्कर पुरस्कार राशि के बारे में जानने के लिए उनके पास पहुंचे थे।
बीसीसीआई के पास तब बिल्कुल पैसे नहीं थे
साल्वे ने कहा कि उन दिनों बोर्ड के पास बिल्कुल पैसा नहीं हुआ करता था। तब गावस्कर मेरे पास आए और कहा कि हमें वर्ल्ड कप जीतने के लिए क्या मिलेगा? मैंने गावस्कर को बताया कि मेरे पास और बोर्ड के पास इतने पैसे नहीं हैं। हालांकि, वे इसके लिए कोशिश करेंगे और टीम को पुरस्कार के तौर पर दो लाख रुपये देने की कोशिश करेंगे। इस पर गावस्कर ने कहा था कि सर हम टिप नहीं मांग रहे हैं। उस वक्त गावस्कर के साथ कपिल भी मौजूद थे और वह गावस्कर से यह सब कहने के लिए बोल रहे थे। साल्वे हंसते हुए बताते हैं कि बाद में पूरी टीम ही गावस्कर-कपिल के साथ हो गई।
कार्यक्रम से पैसे जुटाने का प्लान बना
साल्वे ने कहा कि मैंने फिर टीम को तीन लाख रुपये देने की पेशकश की। इस पर भी खिलाड़ी तैयार नहीं हुए और गावस्कर ने कहा कि दो और तीन लाख में कितना अंतर है। इससे अच्छा होगा कि आप ये राशि भी न दें। मैं फिर पांच और सात लाख रुपये देने की पेशकश की, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। तब आईएस बिंद्रा ने सुझाव दिया कि दिल्ली में एक कार्यक्रम कराकर उसकी कमाई से हर एक खिलाड़ी को एक-एक लाख रुपये दूं। हालांकि, बाद में हमें लगा कि ऐसा कार्यक्रम हम कहां से करेंगे और उससे कुछ हासिल नहीं होगा।
लता मंगेशकर से कॉन्सर्ट के लिए हुई बातचीत
साल्वे ने बताया कि बिंद्रा ने फिर एक नया सुझाव दिया था और कहा था कि लता मंगेशकर कॉन्सर्ट कराकर धन जुटाया जा सकता है। मैंने फिर इस पर विचार किया और लता जी के पास पहुंचा। उन्हें पूरी स्थिति बताई, तो लता जी हंसने लगीं और कहा कि सभी खिलाड़ी इसके हकदार हैं। लता जी ने कॉन्सर्ट की बात मना ली। क्रिकेट फैन लता मंगेशकर ने भी इस घटना को याद करते हुए एकबार बताया था कि साल्वे साहब ने गुगली फेंकी थी और मैं क्लीन बोल्ड हो गई।
लता जी ने बोर्ड से कॉन्सर्ट के पैसे नहीं लिए
साल्वे ने बताया- लता जी ने उनकी इज्जत बचा ली थी। वरना खिलाड़ियों ने तो मेरा जीना मुश्किल कर दिया था। कपिल-गावस्कर समेत सभी दिग्गज आज बड़े शांत और सुशील दिखाई पड़ते हैं, लेकिन तब वे जवान थे। मैं तब भी बूढ़ा था और अब भी बूढ़ा हूं। बताया जाता है कि दिल्ली के आईजी स्टेडियम में हुए लता मंगेशकर कॉन्सर्ट से 20 लाख रुपये की कमाई हुई थी। इसके बाद टीम के खिलाड़ियों को बतौर इनाम एक-एक लाख रुपये दिए गए थे। लता जी ने इस कॉन्सर्ट के लिए बोर्ड से कोई पैसा नहीं लिया था।
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इसके बाद भारतीय क्रिकेट का परिदृश्य बदला और धीरे-धीरे बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बन गया। भारत के इसी विजयी अभियान पर 24 दिसंबर को '83' मूवी भी रिलीज होने जा रही है। इसमें रणवीर सिंह कपिल देव का रोल निभाते दिखेंगे।
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बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष ने किए दिलचस्प खुलासे
बताया जाता है कि बोर्ड के पास इतने रुपये नहीं थे कि वह कपिल देव की वर्ल्ड चैंपियन टीम को पुरस्कार राशि दे सके। 2008 में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रहे एन केपी साल्वे ने इसका खुलासा किया था। उन्होंने भारत की वर्ल्ड कप जीत के 25 साल पूरे होने पर हुए एक सम्मान समारोह में दिलचस्प खुलासे किए थे। उन्होंने बताया था कि किस तरह वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पुरस्कार राशि के लिए उनका जीना मुश्किल कर दिया था।
विश्व कप जीत की खुशी की बराबरी कोई नहीं कर सकता
भारत ने 1983 में पहली बार जब वर्ल्ड कप जीता था तब एन केपी साल्वे बीसीसीआई के अध्यक्ष थे। उनका 2012 में 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 2008 में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि कि विश्व कप जीतने के बाद हम एक जगह इकट्ठे हुए थे। तब कप्तान कपिल ने अपने टीम के बाकी साथियों के बारे में विचार रखे थे। साल्वे ने बताया कि 25 आईपीएल जीतने की खुशी भी वर्ल्ड कप जीतने के जोश और जुनून की बराबरी नहीं कर सकता। साल्वे ने कहा कि मीटिंग के बाद टीम के सीनियर सदस्य सुनील गावस्कर पुरस्कार राशि के बारे में जानने के लिए उनके पास पहुंचे थे।
बीसीसीआई के पास तब बिल्कुल पैसे नहीं थे
साल्वे ने कहा कि उन दिनों बोर्ड के पास बिल्कुल पैसा नहीं हुआ करता था। तब गावस्कर मेरे पास आए और कहा कि हमें वर्ल्ड कप जीतने के लिए क्या मिलेगा? मैंने गावस्कर को बताया कि मेरे पास और बोर्ड के पास इतने पैसे नहीं हैं। हालांकि, वे इसके लिए कोशिश करेंगे और टीम को पुरस्कार के तौर पर दो लाख रुपये देने की कोशिश करेंगे। इस पर गावस्कर ने कहा था कि सर हम टिप नहीं मांग रहे हैं। उस वक्त गावस्कर के साथ कपिल भी मौजूद थे और वह गावस्कर से यह सब कहने के लिए बोल रहे थे। साल्वे हंसते हुए बताते हैं कि बाद में पूरी टीम ही गावस्कर-कपिल के साथ हो गई।
कार्यक्रम से पैसे जुटाने का प्लान बना
साल्वे ने कहा कि मैंने फिर टीम को तीन लाख रुपये देने की पेशकश की। इस पर भी खिलाड़ी तैयार नहीं हुए और गावस्कर ने कहा कि दो और तीन लाख में कितना अंतर है। इससे अच्छा होगा कि आप ये राशि भी न दें। मैं फिर पांच और सात लाख रुपये देने की पेशकश की, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। तब आईएस बिंद्रा ने सुझाव दिया कि दिल्ली में एक कार्यक्रम कराकर उसकी कमाई से हर एक खिलाड़ी को एक-एक लाख रुपये दूं। हालांकि, बाद में हमें लगा कि ऐसा कार्यक्रम हम कहां से करेंगे और उससे कुछ हासिल नहीं होगा।
लता मंगेशकर से कॉन्सर्ट के लिए हुई बातचीत
साल्वे ने बताया कि बिंद्रा ने फिर एक नया सुझाव दिया था और कहा था कि लता मंगेशकर कॉन्सर्ट कराकर धन जुटाया जा सकता है। मैंने फिर इस पर विचार किया और लता जी के पास पहुंचा। उन्हें पूरी स्थिति बताई, तो लता जी हंसने लगीं और कहा कि सभी खिलाड़ी इसके हकदार हैं। लता जी ने कॉन्सर्ट की बात मना ली। क्रिकेट फैन लता मंगेशकर ने भी इस घटना को याद करते हुए एकबार बताया था कि साल्वे साहब ने गुगली फेंकी थी और मैं क्लीन बोल्ड हो गई।
लता जी ने बोर्ड से कॉन्सर्ट के पैसे नहीं लिए
साल्वे ने बताया- लता जी ने उनकी इज्जत बचा ली थी। वरना खिलाड़ियों ने तो मेरा जीना मुश्किल कर दिया था। कपिल-गावस्कर समेत सभी दिग्गज आज बड़े शांत और सुशील दिखाई पड़ते हैं, लेकिन तब वे जवान थे। मैं तब भी बूढ़ा था और अब भी बूढ़ा हूं। बताया जाता है कि दिल्ली के आईजी स्टेडियम में हुए लता मंगेशकर कॉन्सर्ट से 20 लाख रुपये की कमाई हुई थी। इसके बाद टीम के खिलाड़ियों को बतौर इनाम एक-एक लाख रुपये दिए गए थे। लता जी ने इस कॉन्सर्ट के लिए बोर्ड से कोई पैसा नहीं लिया था।