पूर्व भारतीय कप्तान और मौजूदा टीम के अनुभवी खिलाड़ी एमएस धोनी ने मानो आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया है। पिछले एक माह के भीतर उन्होंने दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
फिर सुप्रीम कोर्ट की शरण में धोनी, अब आम्रपाली ग्रुप से मांगा पेंटहाउस
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धोनी ने अपनी याचिका में क्या लिखा?
महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी याचिका में लिखा है कि उन्होंने रांची में अम्रपाली सफारी में एक पेंटहाउस बुक किया था। साथ ही उन्होंने कहा है कि समूह के प्रबंधन ने उन्हें अपना ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया था, लेकिन कंपनी ने उन्हें धोखा दिया है। ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर जो बकाया राशि थी, उसका भी भुगतान नहीं किया है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
2009 में धोनी ने आम्रपाली ग्रुप से कई समझौते किए और कंपनी के ब्रैंड एम्बेसडर बने। वह इस समूह के साथ छह साल तक जुड़े रहे, लेकिन साल 2016 में जब कंपनी पर खरीददारों को ठगने का आरोप लगा, तब उन्होंने आम्रपाली ग्रुप से खुद को अलग कर लिया।
महेंद्र सिंह धोनी ने 58,000 स्कवायर फीट में बने पेंटहाउस का कब्जा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह कदम उन्होंने तब उठाया है जब उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्तफोरेंसिक ऑडिटर्स ने उन्हें उन लाभार्थियों में से एक माना है जिसे कि सवा करोड़ का पेंटहाउस केवल 20 लाख रुपये में मिला है।
आवंटन रद्द होने के डर से क्रिकेटर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और वह इस संपत्ति का कब्जा चाहते हैं। क्रिकेटर ने नोएडा के सेक्टर 45 में स्थित फाइव बीएचके और फैमिली लाउंज वाले पेंटहाउस को केवल 20 लाख रुपये में उस समय खरीदा था जब उसका बाजार मूल्य सवा करोड़ रुपये था।