सचिन तेंदुलकर यानी ब्रह्माण्ड का एकमात्र क्रिकेटर, जिनके नाम शतकों का शतक है। 2012 एशिया कप के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर अपनी अपने शतकों का सैकड़ा पूरा करने वाले मास्टर-ब्लास्टर न जाने कितनी ही बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए। यानी 90 से 100 रन के बीच अपना विकेट दे गए। ऐसा ही वाकया 2011 में हुआ था, जब उन्हें आउट करने वाले इंग्लिश पेसर और फैसला देने वाले अंपायर को जान से मारने तक की धमकियां मिलने लगी थी।
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नर्वस नाइंंटीज का शिकार हुए सचिन
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इंग्लैंड की टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज टिम ब्रेसनेन ने दावा किया है कि 2011 में ओवल टेस्ट मैच के दौरान महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक से महरूम करने के बाद उन्हें और ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रोड टकर को जान से मारने की धमकी मिली थी।
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सचिन तेंदुलकर को 100वें शतक से रोककर खुशी मनाती इंग्लिश टीम
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ब्रेसनेन ने कहा कि 2011 विश्व कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तेंदुलकर ने अपना 99वां शतक पूरा किया था और हमारी टीम के खिलाफ ओवल में खेले जा रहे चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में अपने 100वें शतक की ओर बढ़ रहे थे तभी 91 रन के योग पर मेरी एक गेंद उनके पैड से टकराई औऱ अंपायर ने पगबाधा करार दिया था।
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सचिन को आउट करार देते अंपायर टकर
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ब्रेसनेन ने ‘यॉर्कशर क्रिकेट: कवर्स आफ’ पॉडकास्ट के दौरान कहा, ‘वह गेंद शायद लेग साइड से बाहर जा रही थी और ऑस्ट्रेलिया के अंपायर टकर ने उसे आउट दे दिया। वह 80 के आसपास (असल में 91) रन बनाकर खेल रहे थे और निश्चित रूप से शतक बना लेते। हम सीरीज जीते और दुनिया की नंबर एक टीम बने।’
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टीम ब्रेसनेन
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उन्होंने कहा, ‘हम दोनों को जान से मारने की धमकी मिली, मुझे और उन अंपायर को, इसके बाद कई बार हमें जान से मारने की धमकी मिलती रही। मुझे टि्वटर पर धमकी मिली और उसे लोगों ने उसके घर के पते पर पत्र लिखे। जान से मारने की धमकी के साथ लिखा था कि तुमने उसे आउट कैसे दे दिया? गेंद लेग साइड से बाहर जा रही थी।’