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ICC पर बरसे मैकुलम, लापरवाही के कारण बरी हो गए केर्न्स
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Jun 2016 05:48 PM IST
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ब्रैंडन मैकुलम
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न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर क्रिस केर्न्स के खिलाफ मैच फिक्सिंग के सबूत देने वाले पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने दावा किया है कि आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई का रवैया इस मामले में संजीदा नहीं था और उनका विश्वास आईसीसी पर से उठ चुका है।
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केर्न्स को नौ हफ्ते तक चली सुनवाई के बाद नवंबर 2015 में मैच फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया गया। मैकुलम ने एमसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट लेक्चर के दौरान आईसीसी को आड़े हाथों लिया।
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उन्होंने कहा, "मेरे पूर्व हीरो केर्न्स ने 2008 में मैच फिक्सिंग के लिए मुझसे संपर्क किया। एक बार कोलकाता में जहां मैं पहली बार आईपीएल खेल रहा था और फिर न्यूजीलैंड के इंग्लैंड दौरे पर जब हम वोर्सेस्टर में थे। मुझे लगा कि यहां क्रिकेट के घर में यह पुष्टि करना सही होगा कि मैं अपनी हर बात पर कायम हूं और हर उस साक्ष्य पर जो मैंने साउथवार्क क्राउन कोर्ट को दिए थे।"
उन्होंने आगे कहा, "वर्ल्ड कप 2011 में न्यूजीलैंड के पहले मैच से पूर्व आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के प्रतिनिधि जान रोड्स ने हमसे बात की और उन्होंने कहा कि यदि हमसे किसी ने मैच फिक्सिंग के लिए संपर्क किया है और हम उसकी जानकारी नहीं दे रहे तो हम भी अपराधी है। मैंने लोगों को केर्न्स के बारे में बताया, जिनमें पूर्व कप्तान और मेरे दोस्त डेनियल विटोरी शामिल थे। रोड्स के रवैये को देखकर वह हैरान रह गए। जॉन रोड्स के संबोधन के बाद मैंने डेन से बात की और हम रोड्स से मिलने गए। रोड्स हमें अपने होटल के कमरे में ले गए, जहां मैंने उन्हें केर्न्स के बारे में बताया।"
काफी तल्ख लहजे में बात रखते हुए मैकुलम ने कहा, "उन्होंने इसे नोट किया लेकिन हमारे बातचीत रिकॉर्ड नहीं की। मैं हैरान रह गया कि सबूत लेने के मामले में उनका रवैया कितना लापरवाही भरा था। मैं अक्तूबर 2015 में लंदन के कटघरे में था, जहां मैंने तीन बयान दिए। दूसरे बयान का अनुरोध आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई ने काफी बाद में किया, जिससे साफ है कि पहला बयान नाकाफी था।"