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IND vs AUS: 'तेंदुलकर और कोहली की विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं यशस्वी', पूर्व कोच ग्रेग चैपल का बयान
Tue, 26 Nov 2024 02:47 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 26 Nov 2024 02:47 PM IST
सार
उन्होंने लिखा, 'जायसवाल का सफर दिखाता है कि भारत की रणनीति और बुनियादी ढांचे ने कैसे विश्व क्रिकेट में उसका दबदबा बनाया है। भारत के लिये खेलने का सपना पूरा करने के लिए उसे सर्वश्रेष्ठ प्रतिस्पर्धाओं की तलाश में दस वर्ष की उम्र में यह युवा बल्लेबाज मुंबई आया था।'
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यशस्वी और ग्रेग चैपल
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारत के पूर्व कोच ग्रेग चैपल का मानना है कि यशस्वी जायसवाल में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की बल्लेबाजी में उत्कृष्टता की परंपरा को आगे ले जाने का माद्दा है। ‘सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड’ के लिये अपने कॉलम में चैपल ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में पहले टेस्ट में 161 रन की पारी खेलने वाले जायसवाल से काफी प्रभावित हैं। भारत ने पहला टेस्ट 295 रन से जीता।
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'यशस्वी जायसवाल निर्भीक हैं'
चैपल ने लिखा, 'यह युवा सलामी बल्लेबाज निर्भीक है और सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तरह उत्कृष्ट बल्लेबाजी की विरासत को आगे ले जा सकता है।' वर्ष 2005 से 2007 के बीच भारत के कोच रहे चैपल ने पारंपरिक प्रारूप में युवाओं को तैयार करने में भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड की रणनीति में भारी अंतर को भी रेखांकित किया।
उन्होंने लिखा, 'जायसवाल का सफर दिखाता है कि भारत की रणनीति और बुनियादी ढांचे ने कैसे विश्व क्रिकेट में उसका दबदबा बनाया है। भारत के लिये खेलने का सपना पूरा करने के लिए उसे सर्वश्रेष्ठ प्रतिस्पर्धाओं की तलाश में दस वर्ष की उम्र में यह युवा बल्लेबाज मुंबई आया था।'
उन्होंने लिखा, 'जायसवाल का सफर दिखाता है कि भारत की रणनीति और बुनियादी ढांचे ने कैसे विश्व क्रिकेट में उसका दबदबा बनाया है। भारत के लिये खेलने का सपना पूरा करने के लिए उसे सर्वश्रेष्ठ प्रतिस्पर्धाओं की तलाश में दस वर्ष की उम्र में यह युवा बल्लेबाज मुंबई आया था।'
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'भारतीय प्लेइंग-11 में जगह बनाना मुश्किल'
चैपल ने लिखा, 'भारतीय प्लेइंग-11 में जगह बनाना कितना मुश्किल है, यह देखते हुए उसकी प्रतिबद्धता गजब की है। भारत में इतने सारे खिलाड़ी हैं जो टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं लेकिन कइयों को प्रदेश की टीम में भी मौका नहीं मिलता।' उन्होंने लिखा, 'ऑस्ट्रेलिया के नाथन मैकस्वीनी से तुलना कर लीजिये। 22 वर्ष के जायसवाल ने 14 टेस्ट, 30 प्रथम श्रेणी मैच, 32 लिस्ट ए मैच और 53 आईपीएल मैच खेल लिये हैं । वहीं 25 वर्ष के मैकस्वीनी ने पदार्पण टेस्ट खेलने के अलावा 34 प्रथम श्रेणी, 22 लिस्ट ए और 18 टी20 मैच खेले हैं।'
चैपल ने द्रविड़ की तारीफ की
उन्होंने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के पूर्व प्रमुख और चैपल के रहते भारत के कप्तान रहे राहुल द्रविड़ की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'भारत में दीर्घकालिन रणनीति को देखते हुए राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में युवा स्तर पर क्रिकेट को तरजीह दी गई । इससे खिलाड़ियों को खेल की बारीकियों को समझने का मौक मिला। वहीं आस्ट्रेलिया में युवा क्रिकेटरों के लिये उतने मौके नहीं है और प्रतिस्पर्धा की बजाय स्कूल को तरजीह दी जाती है।'
चैपल ने लिखा, 'मैंने एक बार युवा सरफराज खान से पूछा कि स्कूल और खेल में संतुलन कैसे बनाते हो तो उस समय 16 साल के सरफराज ने कहा कि वह स्कूल नहीं जाता। उसने कहा कि स्कूल बाद में भी जा सकता है लेकिन क्रिकेट खेलने का मौका बार बार नहीं मिलता।'
चैपल ने लिखा, 'मैंने एक बार युवा सरफराज खान से पूछा कि स्कूल और खेल में संतुलन कैसे बनाते हो तो उस समय 16 साल के सरफराज ने कहा कि वह स्कूल नहीं जाता। उसने कहा कि स्कूल बाद में भी जा सकता है लेकिन क्रिकेट खेलने का मौका बार बार नहीं मिलता।'