इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में डेब्यू करने वाले क्रुणाल पांड्या ने अपने पहले ही मैच में विश्व रिकॉर्ड बना दिया। बाएं हाथ के 29 वर्षीय क्रुणाल ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए महज 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसी के साथ वह एकदिवसीय क्रिकेट में डेब्यू मैच में विश्व में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।
डेब्यू में रचा इतिहास: क्रुणाल ने तोड़ा 31 साल पुराना रिकॉर्ड, पिता को याद कर हुए भावुक
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पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जा रहे पहले एकदिवसीय क्रिकेट में क्रुणाल सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने आते के साथ ही तेजी से रन बनाने शुरू किए। देखते-देखते क्रुणाल ने छह चौके और दो छक्के की मदद से अपना पहला एकदिवसीय अर्धशतक भी पूरा कर लिया।
बात करें क्रुणाल की पारी की तो वह उस वक्त बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे जब भारत 205 रन पर पांच विकेट गिर चुके थे और केएल राहुल दूसरे छोर पर मौजूद थे। इसके बाद क्रुणाल ने ना सिर्फ राहुल के साथ मिलकर 112 रनों की अटूट साझेदारी निभाई, बल्कि मुश्किल में फंसी टीम को भी उबारा। वह भारतीय पारी के समाप्त होने पर 31 गेंदों में 58 रन बनाकर नाबाद लौटे।
क्रुणाल ने अपनी पारी के दौरान 187.10 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। इसके साथ ही वह एक खास लिस्ट में भी शामिल हो गए। क्रुणाल अब एकदिवसीय क्रिकेट की डेब्यू पारी में सबसे ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 50 से अधिक का स्कोर करने के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी का नाम है। अफरीदी ने 1996 में श्रीलंका के खिलाफ 255 की स्ट्राइक रेट से 102 रन बनाए थे।
इससे पहले क्रुणाल कई मौकों पर बेहद भावुक नजर आए। दरअसल क्रुणाल और हार्दिक के पिता हिमांशु पांड्या का इसी साल जनवरी में निधन हो गया था। घर में सबसे बड़े क्रुणाल को इससे काफी सदमा भी पहुंचा था। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए जबरदस्त प्रदर्शन कर भारतीय टीम में चुने गए।
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