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IPL 2026: क्या है फील्डिंग में बाधा डालना और क्यों बल्लेबाज को दिया जाता है आउट? रघुवंशी विवाद पर MCC की सफाई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Thu, 30 Apr 2026 04:40 PM IST
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सार
अंगकृष रघुवंशी के 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' आउट ने आईपीएल में इस दुर्लभ नियम को फिर चर्चा में ला दिया है। यह नियम तब लागू होता है जब बल्लेबाज जानबूझकर फील्डिंग में बाधा डालता है। इस पर अब एमसीसी ने स्पष्टीकरण दिया है।
अंगकृष रघुवंशी के फैसले पर विवाद
- फोटो : IPL/BCCI/JioStar/StarSports
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विस्तार
आईपीएल का मौजूदा संस्करण शतकों के साथ-साथ क्रिकेट नियमों को लेकर भी चर्चा में है। हाल ही में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' यानी 'फील्डिंग में बाधा डालने' के नियम के कारण आउट करार दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस नियम को लेकर बहस छिड़ गई। अब क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने स्पष्टीकरण जारी किया है। आइये जानते हैं...
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रघुवंशी के आउट पर छिड़ी बहस
आईपीएल में केकेआर के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी के विवादित आउट ने 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' यानी 'फील्डिंग में बाधा डालने' के नियम की व्याख्या को लेकर नई बहस छेड़ दी थी। लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ खेले गए मैच में हुई इस घटना के बाद एमसीसी को साफ करना पड़ा कि आखिर किन परिस्थितियों में किसी बल्लेबाज को 'फील्डिंग में बाधा डालने' के तहत आउट दिया जा सकता है।
आईपीएल में केकेआर के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी के विवादित आउट ने 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' यानी 'फील्डिंग में बाधा डालने' के नियम की व्याख्या को लेकर नई बहस छेड़ दी थी। लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ खेले गए मैच में हुई इस घटना के बाद एमसीसी को साफ करना पड़ा कि आखिर किन परिस्थितियों में किसी बल्लेबाज को 'फील्डिंग में बाधा डालने' के तहत आउट दिया जा सकता है।
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क्या हुआ था मैच में?
मैच के दौरान रघुवंशी ने सिंगल रन चुराने की कोशिश की, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज ने उन्हें वापस भेज दिया। रघुवंशी ने यू-टर्न लेकर स्ट्राइकर एंड पर लौटने की कोशिश की, तभी फील्डर का थ्रो उन्हें लग गया। इसके बाद अपील हुई और तीसरे अंपायर ने उन्हें 'फील्डिंग में बाधा डालने' के तहत आउट दे दिया। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में काफी बहस छेड़ दी।
मैच के दौरान रघुवंशी ने सिंगल रन चुराने की कोशिश की, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज ने उन्हें वापस भेज दिया। रघुवंशी ने यू-टर्न लेकर स्ट्राइकर एंड पर लौटने की कोशिश की, तभी फील्डर का थ्रो उन्हें लग गया। इसके बाद अपील हुई और तीसरे अंपायर ने उन्हें 'फील्डिंग में बाधा डालने' के तहत आउट दे दिया। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में काफी बहस छेड़ दी।
एमसीसी ने क्या कहा?
एमसीसी ने स्पष्ट किया कि इस नियम के तहत बल्लेबाज तभी आउट दिया जा सकता है जब वह जानबूझकर फील्डिंग टीम को बाधित या विचलित करने की कोशिश करे। नियम 37.1.1 के अनुसार, 'अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर शब्द या क्रिया के माध्यम से फील्डिंग साइड को बाधित करता है, तो उसे 'फील्डिंग में बाधा डालने' के तहत आउट दिया जाएगा।'
एमसीसी ने स्पष्ट किया कि इस नियम के तहत बल्लेबाज तभी आउट दिया जा सकता है जब वह जानबूझकर फील्डिंग टीम को बाधित या विचलित करने की कोशिश करे। नियम 37.1.1 के अनुसार, 'अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर शब्द या क्रिया के माध्यम से फील्डिंग साइड को बाधित करता है, तो उसे 'फील्डिंग में बाधा डालने' के तहत आउट दिया जाएगा।'
'जानबूझकर किया गया कार्य' क्यों माना गया?
एमसीसी के अनुसार, रघुवंशी का आउट होना सही था क्योंकि वह शुरुआत में ऑफ साइड पर दौड़ रहे थे। फिर उन्होंने पिच के बीच में आकर दिशा बदली। इसके बाद लेग साइड की ओर लौटे, जिससे वह गेंद और विकेट के बीच आ गए। एमसीसी ने कहा कि, पिच को इस तरह पार करना और रास्ता बदलना एक 'जानबूझकर किया गया कार्य' माना जाता है।
एमसीसी के अनुसार, रघुवंशी का आउट होना सही था क्योंकि वह शुरुआत में ऑफ साइड पर दौड़ रहे थे। फिर उन्होंने पिच के बीच में आकर दिशा बदली। इसके बाद लेग साइड की ओर लौटे, जिससे वह गेंद और विकेट के बीच आ गए। एमसीसी ने कहा कि, पिच को इस तरह पार करना और रास्ता बदलना एक 'जानबूझकर किया गया कार्य' माना जाता है।
अगर ऐसा नहीं करते तो?
एमसीसी ने यह भी साफ किया कि अगर रघुवंशी ऑफ साइड पर ही रहते, तो गेंद उन्हें नहीं लगती। या अगर वे लेग साइड से ही दौड़ शुरू करते और उसी तरफ लौटते, तो उन्हें आउट नहीं दिया जाता। यानी, पिच को जानबूझकर पार करना ही उनकी गलती साबित हुई। कुछ लोगों का मानना था कि रघुवंशी रन पूरा कर लेते, इसलिए उन्हें आउट नहीं देना चाहिए था। इस पर एमसीसी ने कहा कि यह नियम में मायने नहीं रखता। अगर जानबूझकर बाधा डाली गई है, तो आउट दिया जाएगा रन पूरा होता या नहीं, यह 'फील्डिंग में बाधा डालना' में कोई फैक्टर नहीं है।
एमसीसी ने यह भी साफ किया कि अगर रघुवंशी ऑफ साइड पर ही रहते, तो गेंद उन्हें नहीं लगती। या अगर वे लेग साइड से ही दौड़ शुरू करते और उसी तरफ लौटते, तो उन्हें आउट नहीं दिया जाता। यानी, पिच को जानबूझकर पार करना ही उनकी गलती साबित हुई। कुछ लोगों का मानना था कि रघुवंशी रन पूरा कर लेते, इसलिए उन्हें आउट नहीं देना चाहिए था। इस पर एमसीसी ने कहा कि यह नियम में मायने नहीं रखता। अगर जानबूझकर बाधा डाली गई है, तो आउट दिया जाएगा रन पूरा होता या नहीं, यह 'फील्डिंग में बाधा डालना' में कोई फैक्टर नहीं है।
