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DC vs GT: सुनील गावस्कर ने किया दिल्ली के बल्लेबाज डेविड मिलर का बचाव, बोले- उनकी मंशा में कमी नहीं निकाल सकते
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Thu, 09 Apr 2026 04:00 PM IST
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सार
गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच के दौरान अंतिम ओवर में डेविड मिलर का सिंगल नहीं लेने का फैसला दिल्ली कैपिटल्स को भारी पड़ा था। दिल्ली की टीम ने हाथ आई बाजी गंवा दी जिसके बाद फैंस ने मिलर की आलोचना की थी। हालांकि, दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने मिलर का बचाव किया है।
समीर रिजवी-डेविड मिलर
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल के रोमांचक मैच में एक रन लेने से इनकार करने वाले दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज डेविड मिलर का बचाव करते हुए कहा कि उनकी मंशा में कमी नहीं निकाल सकते। जीत के लिए 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को दो गेंद में दो रन की जरूरत थी लेकिन आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर मिलर ने एक रन लेने से इनकार कर दिया। वह आखिरी गेंद पर चूके लेकिन एक रन के लिए भागे, लेकिन जोस बटलर के थ्रो पर कुलदीप यादव रन आउट हो गए।
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1986 मैच से की तुलना
गावस्कर ने कहा, 'डेविड मिलर बहुत अच्छा खेल रहे थे और उन्हें खुद पर भरोसा था कि वह मैच फिनिश करेंगे। उनकी मंशा में कमी नहीं निकाल सकते। प्रसिद्ध कृष्णा ने एक शानदार धीमा बाउंसर डाला जिसे वह खेल नहीं सका। दबाव के हालात में ऐसा हो जाता है।' क्रिकेटर से कमेंटेटर बने गावस्कर ने कहा कि दबाव के हालात में मैच की स्थिति को लेकर चौकस रहना काफी अहम है जो भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1986 में टाई रहे मैच में दिखाई थी।
गावस्कर ने कहा, 'डेविड मिलर बहुत अच्छा खेल रहे थे और उन्हें खुद पर भरोसा था कि वह मैच फिनिश करेंगे। उनकी मंशा में कमी नहीं निकाल सकते। प्रसिद्ध कृष्णा ने एक शानदार धीमा बाउंसर डाला जिसे वह खेल नहीं सका। दबाव के हालात में ऐसा हो जाता है।' क्रिकेटर से कमेंटेटर बने गावस्कर ने कहा कि दबाव के हालात में मैच की स्थिति को लेकर चौकस रहना काफी अहम है जो भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1986 में टाई रहे मैच में दिखाई थी।
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चेन्नई में उस मैच में भारत 348 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था। शास्त्री ने नाबाद 48 रन बनाए और सही समय पर एक रन लेकर भारत को 347 रन तक पहुंचाया, जबकि आखिरी गेंद पर मनिंदर सिंह आउट हो गए। वह मैच ड्रॉ रहा था। गावस्कर ने कहा, इसी समय पर मैच के हालात को लेकर जागरूक रहना जरूरी है। मुझे इससे रवि शास्त्री का वह एक रन याद आता है जो 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने सही समय पर लेकर स्कोर बराबर कर दिया था।
पीटरसन ने राशिद को सराहा
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान की तारीफ की जिन्होंने गुजरात के लिये चार ओवर में 17 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कहा, राशिद खान ने जबरदस्त गेंदबाजी की, लेकिन एक ईकाई के रूप में गुजरात की गेंदबाजी उतनी अच्छी नहीं थी लेकिन खेल में ऐसा होता है।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान की तारीफ की जिन्होंने गुजरात के लिये चार ओवर में 17 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कहा, राशिद खान ने जबरदस्त गेंदबाजी की, लेकिन एक ईकाई के रूप में गुजरात की गेंदबाजी उतनी अच्छी नहीं थी लेकिन खेल में ऐसा होता है।