वर्ल्ड कप के 12वें सीजन का फाइनल की चर्चा अब भी जारी है। फाइनल के आखिरी ओवर में इंग्लैंड को ओवरथ्रो के चार रन सहित कुल छह रन देने के मामले पर अब खुद अंपायर ने अपनी बात रखी है।
अंपायर धर्मसेना ने वर्ल्ड कप फाइनल में गलती की बात मानी, लेकिन कहा- नहीं है पछतावा
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लॉर्ड्स के मैदान में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में मार्टिन गुप्टिल की थ्रो पर कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड को छह रन दे दिए थे जिसके बाद मैच इंग्लैंड के पक्ष में चला गया था।
अब एक रिपोर्ट के मुताबिक खुद अंपायर धर्मसेना ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा है कि 'उनसे गलती हुई थी और वहां पर उन्हें एक रन कम देने चाहिए थे'। धर्मसेना ने कहा कि उन्हें फैसले का पछतावा नहीं हैं क्योंकि उनके पास टेलीविज़न रिप्ले का विकल्प नहीं था जिसमें वे यह देख पाते कि दोनों बल्लेबाजों ने एक-दूसरे को क्रॉस किया था या नहीं।
श्रीलंकाई अंपायर ने कहा कि उन्होंने छह रन देने का फैसला लेग अंपायर मराइस इरासमस से पूछकर दिया था जिसपर मैच अधिकारियों और ने भी साथ दिया था। बता दें कि इस फैसले को लेकर ICC के पांच बार के बेस्ट अंपायर रहे साइमन टफेल ने पहले सवाल उठाए थे और MCC के नियम के तहत इसे गलत बताया था।
क्या था मामला:
दरअसल मामला इंग्लैंड की पारी के 50वें ओवर का है। मेजबान टीम को 3 गेंदों में 9 रन की दरकार थी, तभी चौथी गेंद पर बेन स्टोक्स ने मिड विकेट की ओर शॉट खेला और तेजी से एक रन लेने के बाद दूसरा रन लेने के लिए भागे। इस दौरान दूसरा रन पूरा करने के वक्त उन्होंने स्ट्राइक एंड की तरफ डाइव लगा दी, तभी गुप्टिल का थ्रो आकर उनके बैट पर लगा और गेंद बाउंड्री पार चली गई। इसके बाद अंपायर ने आपस में बातचीत करने के बाद इंग्लैंड को 6 रन दे दिए। इस तरह जहां सिर्फ 2 रन होने चाहिए थे, वहां इंग्लैंड को 4 रन और अतिरिक्त मिल गए यानी कुल मिलाकर इंग्लैंड के खाते में 6 रन जुड़ गए। अब इंग्लैंड को आखिरी 2 गेंदों में जीत के लिए सिर्फ 3 रन की दरकार थी, जो कि मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया।