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पीएसएल की बढ़ी मुश्किलें: क्या पाकिस्तान को भारी पड़ रहा आईपीएल के साथ टकराव? विदेशी खिलाड़ी छोड़ रहे साथ

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sovit Chaturvedi Updated Mon, 23 Mar 2026 04:22 PM IST
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सार

पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) 2026 के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। पीएसएल 26 मार्च से शुरू हो रहा है। आईपीएल में कुछ खिलाड़ी चोटिल हैं जिसके कारण इन फ्रेंचाइजी ने पीएसएल के कुछ खिलाड़ियों से करार किया है। अब ये खिलाड़ी पीएसएल का करार छोड़कर आईपीएल में खेलने आ रहे हैं। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इन खिलाड़ियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

PSL vs IPL Clash: Pakistan League Facing Setback as Foreign Players Pull Out Explained
पीएसएल 2026 - फोटो : IANS
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विस्तार

पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का 11वां सीजन गुरुवार से शुरू हो रहा है, लेकिन आईपीएल के साथ टकराव उसके लिए भारी पड़ता जा रहा है। पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी परेशानी की बात तो यह है कि विदेशी खिलाड़ी अनुबंध के बावजूद लीग से नाम वापस ले रहे हैं और आईपीएल करार मिलने पर इसे प्राथमिकता दे रहे हैं। इतना ही नहीं दो नई टीमों के साथ पीएसएल की मेजबानी करना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के लिए लॉजिस्टिक्स और अनुबंध संबंधी परेशानियों का सबब बनता जा रहा है।
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इन खिलाड़ियों ने पीएसएल से नाम वापस लिया
  • पीएसएल के इस सीजन के लिए कुछ और खिलाड़ियों ने भी अपना नाम वापस ले लिया है। 
  • इन खिलाड़ियों में गुडाकेश मोती, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, ओटनील बार्टमैन और स्पेंसर जॉनसन शामिल हैं। 
  • हालांकि, इनमें से ज्यादातर खिलाड़ियों ने निजी कारणों का हवाला दिया है। 
  • आईपीएल में अभी भी कई टीमों द्वारा चोटिल खिलाड़ियों को रिप्लेस किया जाना बाकी है। 
  • ऐसे में पीएसएल से नाम वापस लेने वाले खिलाड़ियों को रिप्लेसमेंट के तौर पर आईपीएल में लाया जा सकता है।
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फीस बढ़ाने की हुई मांग
दो नई फ्रेंचाइजी को शामिल करने के साथ विस्तारित पीएसएल बृहस्पतिवार को लाहौर में शुरू होने वाली है। यह आईपीएल के 28 मार्च को शुरू होने से दो दिन पहले है। इस तरह इन दोनों लीगों का आयोजन एक साथ होगा। पीएसएल तीन मई तक चलेगा, जबकि आईपीएल का पूरा कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन यह मई के अंतिम या जून के शुरुआती सप्ताह तक चल सकता है। एक सूत्र के अनुसार, पीसीबी न केवल खिलाड़ियों द्वारा अनुबंधों के उल्लंघन से जूझ रहा है, बल्कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण कुछ खिलाड़ियों द्वारा अंतिम समय में फीस बढ़ाने की मांग से भी परेशान है। सूत्र ने बताया, पीसीबी इस समय पीएसएल को निर्धारित समय पर आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसने अभी तक नाम वापस लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई तय नहीं की है।

खिलाड़ियों को कार्रवाई करने से क्यों कतरा रहा पीसीबी
नाम वापस लेने वाले खिलाड़ियों पर दो से चार साल तक का प्रतिबंध लगाने के बारे में आंतरिक चर्चा हुई है, लेकिन चिंता बनी हुई है कि ऐसे उपाय भविष्य में शीर्ष विदेशी प्रतिभाओं को पीएसएल फ्रेंचाइजी के साथ अनुबंध करने से और भी हतोत्साहित कर सकते हैं। सूत्र ने स्वीकार किया कि दोनों लीगों के बीच वित्तीय असमानता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई खिलाड़ी चोट से जूझ रहे आईपीएल में काफी अधिक वेतन पैकेज दिए जा रहे हैं, जबकि पीएसएल फ्रेंचाइजी उन वेतन पैकेजों का मुकाबला करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। पीसीबी ने पिछले साल अनुबंध उल्लंघन के लिए दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी और उन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया था। यह कदम हालांकि प्रभावी साबित नहीं हुआ, क्योंकि बॉश ने पीएसएल खिलाड़ी ड्राफ्ट में शामिल होने से पहले ही अगली नीलामी में आईपीएल अनुबंध हासिल कर लिया।

आईसीसी के सदस्यों देशों के समक्ष उठा सकता है मुद्दा
पीसीबी द्वारा इस मुद्दे को आईसीसी के अन्य सदस्यों के समक्ष भी उठाने की उम्मीद है, ताकि एक मजबूत ढांचा तैयार किया जा सके, जो यह सुनिश्चित करे कि खिलाड़ी किसी लीग में शामिल होने के बाद अपने अनुबंध संबंधी दायित्वों का पालन करें। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और मार्नुस लाबुशेन, न्यूजीलैंड के मार्क चैपमैन और डेवोन कॉन्वे कुछ अन्य विदेशी खिलाड़ियों के साथ पीएसएल में भाग लेने के लिए लाहौर पहुंच गए हैं।
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