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प्रफुल्ल हिंगे की कहानी: IPL डेब्यू पर बेटे की सफलता से भावुक हुए पिता, मैकग्रा कनेक्शन ने निभाई अहम भूमिका
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Tue, 14 Apr 2026 04:17 PM IST
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सार
सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने आईपीएल में अपने डेब्यू मैच में ही प्रभावित किया। प्रफुल्ल आईपीएल इतिहास में पहले ओवर में तीन विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। प्रफुल्ल की सफलता पर उनके पिता भी खुश हैं।
प्रफुल्ल हिंगे
- फोटो : IANS
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विस्तार
सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आईपीएल 2026 के मैच में धमाल मचा दिया। अपने आईपीएल करियर का पहला ओवर डालने आए प्रफुल्ल ने शुरुआती ओवर में ही तीन विकेट झटक कर राजस्थान की पारी लड़खड़ा दी थी। सनराइजर्स हैदराबाद को मिली जीत में प्रफुल्ल हिंगे का योगदान सबसे अहम रहा जिन्होंने चार ओवर में 34 रन देकर चार विकेट लिए।
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डेब्यू मैच में ही चमके प्रफुल्ल
प्रफुल्ल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच से आईपीएल में डेब्यू किया था, लेकिन उन्हें उस मैच में गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला था क्योंकि वह इम्पैक्ट प्लेयर की लिस्ट में थे और मैदान पर नहीं उतरे थे। इस लिहाज से प्रफुल्ल का राजस्थान के खिलाफ मैच आईपीएल करियर का डेब्यू मुकाबला रहा। प्रफुल्ल अपने डेब्यू मैच में ही जलवा बिखेरने में सफल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
प्रफुल्ल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच से आईपीएल में डेब्यू किया था, लेकिन उन्हें उस मैच में गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला था क्योंकि वह इम्पैक्ट प्लेयर की लिस्ट में थे और मैदान पर नहीं उतरे थे। इस लिहाज से प्रफुल्ल का राजस्थान के खिलाफ मैच आईपीएल करियर का डेब्यू मुकाबला रहा। प्रफुल्ल अपने डेब्यू मैच में ही जलवा बिखेरने में सफल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
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खुशी से झूम उठे प्रफुल्ल के पिता
प्रफुल्ल की सफलता पर उनके पिता प्रकाश हिंगे खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं, उनके बेटे प्रफुल्ल की उपलब्धि का जश्न मनाते समय वह अपने शब्दों के चयन और उत्साह की अभिव्यक्ति में बहुत संयम बरतते हैं। दरअसल हिंगे परिवार को यह भी नहीं पता था कि उनका बेटा सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से सोमवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगा या नहीं। अकाउंटेंट के पद पर काम कर चुके प्रकाश ने कहा, हमें पता था कि इम्पैक्ट प्लेयर्स की सूची में होने के कारण उसे पंजाब के खिलाफ खेलना था। हम उससे कभी नहीं पूछते कि वह खेल रहा है या नहीं। वह सोने से पहले हर दिन रात 10 बजे फोन करता है। हमारे बीच बस सामान्य बातचीत होती है जैसे खाना खाया। कल जब मैच का प्रसारण शुरू हुआ तो हमने टीवी पर देखा कि वह डेब्यू करेगा, इसलिए हम खुश थे।
प्रफुल्ल की सफलता पर उनके पिता प्रकाश हिंगे खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं, उनके बेटे प्रफुल्ल की उपलब्धि का जश्न मनाते समय वह अपने शब्दों के चयन और उत्साह की अभिव्यक्ति में बहुत संयम बरतते हैं। दरअसल हिंगे परिवार को यह भी नहीं पता था कि उनका बेटा सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से सोमवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगा या नहीं। अकाउंटेंट के पद पर काम कर चुके प्रकाश ने कहा, हमें पता था कि इम्पैक्ट प्लेयर्स की सूची में होने के कारण उसे पंजाब के खिलाफ खेलना था। हम उससे कभी नहीं पूछते कि वह खेल रहा है या नहीं। वह सोने से पहले हर दिन रात 10 बजे फोन करता है। हमारे बीच बस सामान्य बातचीत होती है जैसे खाना खाया। कल जब मैच का प्रसारण शुरू हुआ तो हमने टीवी पर देखा कि वह डेब्यू करेगा, इसलिए हम खुश थे।
प्रफुल्ल हिंगे
- फोटो : IPL
13 साल की उम्र में हुआ दाखिला
नागपुर के रहने वाले प्रकाश ने उस समय को याद किया जब उन्होंने अपने बेटे प्रफुल्ल की क्रिकेट में रुचि को देखते हुए उसे स्थानीय जिमखाना क्लब में दाखिला दिलाया था। तब वह लगभग 13 साल का था। प्रकाश ने कहा, मैं अपने मोहल्ले की गलियों में खेलता था। मेरे बेटे को इसमें रुचि थी, इसलिए मैंने उसे एक स्थानीय अकादमी में दाखिला दिला दिया। मैंने उसे जरूर संतुलन बनाए रखने के लिए कहा लेकिन साथ ही मैं उसे अपना रास्ता चुनने की स्वतंत्रता भी देना चाहता था।
एक बार जब प्रफुल्ल विदर्भ की अंडर-16 टीम में शामिल हो गए, तो फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रशांत वैद्य ने प्रफुल्ल को चेन्नई स्थित एमआरएफ पेस फाउंडेशन में भेजने की सलाह दी।
नागपुर के रहने वाले प्रकाश ने उस समय को याद किया जब उन्होंने अपने बेटे प्रफुल्ल की क्रिकेट में रुचि को देखते हुए उसे स्थानीय जिमखाना क्लब में दाखिला दिलाया था। तब वह लगभग 13 साल का था। प्रकाश ने कहा, मैं अपने मोहल्ले की गलियों में खेलता था। मेरे बेटे को इसमें रुचि थी, इसलिए मैंने उसे एक स्थानीय अकादमी में दाखिला दिला दिया। मैंने उसे जरूर संतुलन बनाए रखने के लिए कहा लेकिन साथ ही मैं उसे अपना रास्ता चुनने की स्वतंत्रता भी देना चाहता था।
एक बार जब प्रफुल्ल विदर्भ की अंडर-16 टीम में शामिल हो गए, तो फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रशांत वैद्य ने प्रफुल्ल को चेन्नई स्थित एमआरएफ पेस फाउंडेशन में भेजने की सलाह दी।
तमिलनाडु के पूर्व बल्लेबाज सेंथिलनाथन ने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मैकग्रा को श्रेय दिया, जिन्होंने प्रफुल्ल की मदद की थी। उन्होंने कहा, रणनीतिक पक्ष की बात करें तो मैकग्रा शायद दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्हें पता है कि किस लेंथ और किस लाइन पर गेंदबाजी करनी है। नई और पुरानी गेंदों का उपयोग कैसे करना है। सबसे महत्वपूर्ण बात बड़े मैच के दबाव को कैसे संभालना है। ये वो चीजें हैं जो मैकग्रा सिखाते हैं, जो निश्चित रूप से उसके लिए मददगार साबित होंगी।
