IPL-11 में धूम मचाने वाले केरल के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को इंडिया 'ए' टीम के लिए चुना गया था। इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी गई टीम इंडिया का यह यंग ब्रिगेड शनिवार को दिल्ली से लंदन के लिए रवाना हो गई। मगर संजू सैमसन टीम के साथ नहीं गए। उनके नहीं जाने की वजह उस वक्त पता नहीं चल सकी थी। मगर अब 23 वर्षीय इस बल्लेबाज के लिए बुरी खबर आ रही है।
सूत्रों की माने तो बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट अकैडमी (NCA) में 3 दिन पहले इंग्लैंड जाने वाली टीम के हुए यो-यो टेस्ट में संजू फेल हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो संजू सैमसन 16.1 का स्कोर करने में नाकाम रहे, जिसे भारतीय टीम ने टीम में आने के लिए बेंचमार्क बना रखा है। शायद यही वजह रही कि BCCI ने उन्हें इंग्लैंड दौरे पर ले जाने से साफ इनकार कर दिया।
वैसे यह कोई पहला मौका नहीं जब किसी क्रिकेटर के करियर के लिए 'यो-यो' टेस्ट काल बनकर आया हो। इसके पहले जब अगस्त 2017 में श्रीलंका दौरे के लिए वनडे सीरीज का ऐलान हुआ था तब शानदार फॉर्म में चल रहे युवराज सिंह और सुरेश रैना को भी 'यो-यो' पास न कर पाने के चलते टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
विराट कोहली के कप्तान बनने के बाद से भारतीय टीम इस टेस्ट पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे पहले तक यह केवल एक पारंपरिक बीप टेस्ट ही हुआ करता था और इसमें खिलाड़ी के स्कोर को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था। ऐसे में सभी क्रिकेटप्रेमी के जेहन में यह सवाल कौंध रहा होगा कि आखिर यह 'यो-यो' किस बला का नाम है?
अगली स्लाइड में जानिए इस टेस्ट के बारे में सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं।
आखिर क्या है यो-यो टेस्ट?
आखिर क्या है यो-यो टेस्ट?
फुटबाल,रग्बी जैसे खेलों में जहां दमखम की अपेक्षाकृत ज्यादा जरूरत पड़ती है, ऐसे खेलों में यह टेस्ट पहले से होता आ रहा है। यो-यो टेस्ट में कई 'कोन्स' की मदद से 20 मीटर की दूरी पर दो पंक्तियां बनाई जाती हैं। खिलाड़ी रेखा के पीछे अपना पांव रखकर शुरुआत करता है और निर्देश मिलते ही दौड़ना शुरू करता है।