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BCCI Annual Contract: रोहित और कोहली का वेतन क्यों कम करेगा बीसीसीआई? सैकिया ने बताया कारण; A+ वर्ग होगा खत्म!
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 24 Jan 2026 04:01 PM IST
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सार
रोहित शर्मा और विराट कोहली दो प्रारूप से संन्यास ले चुके हैं, इसके बाद इस बात की अटकलें तेज है कि बीसीसीआई केंद्रीय अनुबंध में इन दोनों को किस श्रेणी में रखेगी। आइए जानते हैं कि इस बारे में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस बारे में क्या कहा है।
रोहित और कोहली
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि केंद्रीय अनुबंध में ए प्लस वर्ग अब खत्म होगा। सैकिया ने स्पष्ट करते हुए बताया कि ए प्लस वर्ग मापदंड इसलिए पूरा नहीं हो पाएगा क्योंकि कुछ खिलाड़ियों ने तीनों प्रारूपों में नहीं खेलने की इच्छा जताई है। 2024-25 के लिए जारी हुई केंद्रीय अनुबंध की सूची में विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा ही ए प्लस वर्ग में शामिल थे, जबकि अन्य खिलाड़ियों को ए, बी और सी कैटेगरी में रखा गया था।
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किस श्रेणी में मिलते हैं कितने रुपये
ए प्लस वर्ग में खिलाड़ियों को सात करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि अन्य वर्ग में क्रमश: पांच करोड़, तीन करोड़ और एक करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन मिलता है। कोहली और रोहित टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं, जबकि जडेजा भी अब भारत के लिए टी20 नहीं खेलते हैं। सिर्फ बुमराह ही ए प्लस वर्ग में शामिल ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीनों प्रारूप में खेलते हैं।
ए प्लस वर्ग में खिलाड़ियों को सात करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि अन्य वर्ग में क्रमश: पांच करोड़, तीन करोड़ और एक करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन मिलता है। कोहली और रोहित टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं, जबकि जडेजा भी अब भारत के लिए टी20 नहीं खेलते हैं। सिर्फ बुमराह ही ए प्लस वर्ग में शामिल ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीनों प्रारूप में खेलते हैं।
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सैकिया ने स्पोर्ट्स्टार से बात करते हुए कहा, इस रणनीति पर हम जल्द ही आगे बढ़ेंगे। हम एक श्रेणी को हटा रहे हैं क्योंकि ए-प्लस श्रेणी के लिए योग्य खिलाड़ी अब तीनों प्रारूपों में से केवल एक में ही खेल रहे हैं। ए-प्लस श्रेणी के लिए खिलाड़ी की योग्यता निर्धारित करने वाले मानदंड पूरे नहीं हो रहे हैं। ए-प्लस श्रेणी में शामिल कुछ खिलाड़ियों ने तीनों प्रारूपों में न खेलने का फैसला किया है इसलिए, पात्रता मानदंडों को पूरा करने के लिए पर्याप्त खिलाड़ी शेष नहीं हैं। एक ही फॉर्मेट में खेलने वाला खिलाड़ी ए-प्लस के लिए योग्य नहीं होगा, इसलिए हमें यह फैसला लेना पड़ा। इसमें कोई परेशानी नहीं है।
अभी की कॉन्ट्रैक्ट संरचना कैसी है?
- ये कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ खिलाड़ियों को एक साल का वेतन देने का जरिया नहीं हैं, बल्कि यह बीसीसीआई का एक सुव्यवस्थित मॉडल है जिसके जरिए प्रदर्शन, निरंतरता, क्रिकेट के अलग-अलग प्रारूपों में योगदान और चयनकर्ताओं के मूल्यांकन के आधार पर खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है।
- पिछले कुछ वर्षों में बीसीसीआई ने कई चौंकाने वाले फैसले भी लिए, जिसकी कभी सराहना हुई तो कभी आलोचना झेलनी पड़ी। केंद्रीय अनुबंध में जगह बनाने के लिए बीसीसीआई ने पिछले चक्र में कुछ बदलाव भी किए थे।
- बीसीसीआई ने जब साल 2024-2025 के लिए खिलाड़ियों के वार्षिक अनुबंध की सूची का एलान किया था, तो उस लिस्ट में कुल 34 खिलाड़ी थे।
- चार खिलाड़ियों को ए+ ग्रेड में रखा गया था। वहीं, छह खिलाड़ियों को ए ग्रेड में रखा गया था। पांच खिलाड़ी बी ग्रेड और 19 खिलाड़ी सी ग्रेड में थे।