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खेल पर हावी सियासत: किस तरह IPL से शुरू हुआ विवाद विश्व कप तक पहुंचा, बांग्लादेश मामले पर अब तक क्या-क्या हुआ?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 24 Jan 2026 05:33 PM IST
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सार
बांग्लादेश क्रिकेट अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल का जिद के कारण टीम को टी20 विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि इस विवाद की शुरुआत कहां से हुई और किस तरह बांग्लादेश को उसका हठ भारी पड़ गया।
टी20 विश्व कप 2026
- फोटो : ANI
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विस्तार
बांग्लादेश क्रिकेट टीम अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप का हिस्सा नहीं होगी। क्रिकेट की वैश्विक संस्था आईसीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को आइना दिखाया है और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को यह सूचित कर दिया है कि उसकी जगह आयरलैंड टीम को इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए शामिल किया गया है। बांग्लादेश को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही है और अब यह साबित भी हो गया है कि खेल पर किस तरह सियासत हावी हो गई।
बांग्लादेश ने आईपीएल से शुरू हुए विवाद को विश्व कप तक खींचा, लेकिन उसे ही इसका सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। आइए जानते हैं कि किस तरह बांग्लादेश की टीम को विश्व कप से बाहर किया गया और कैसे इस विवाद की शुरुआत हुई। इससे पहले जानिए इस कहानी के कितने किरदार हैं। मुख्य रूप से इसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, मुस्तफिजुर रहमान, आईसीसी, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल शामिल हैं।
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बांग्लादेश ने आईपीएल से शुरू हुए विवाद को विश्व कप तक खींचा, लेकिन उसे ही इसका सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। आइए जानते हैं कि किस तरह बांग्लादेश की टीम को विश्व कप से बाहर किया गया और कैसे इस विवाद की शुरुआत हुई। इससे पहले जानिए इस कहानी के कितने किरदार हैं। मुख्य रूप से इसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, मुस्तफिजुर रहमान, आईसीसी, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल शामिल हैं।
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मुस्तफिजुर को आईपीएल में लेने पर घिरा था केकेआर
आईपीएल 2026 के लिए 16 दिसंबर को अबु धाबी में मिनी नीलामी हुई थी। तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने नीलामी में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि उनका आधार मूल्य दो करोड़ रुपये था। मुस्तफिजुर को नीलामी में मोटी रकम मिली। मुस्तफिजुर एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी नहीं थे जो आईपीएल नीलामी में उतरे थे। इस बार बांग्लादेश के कुल सात खिलाड़ी थे जो ऑक्शन टेबल पर उतरे। इन खिलाड़ियों में रिशाद हुसैन, तस्कीन अहमद, तंजीम हसन साकिब, नाहिद राणा, रकीबुल हसन, मोहम्मद शोरिफुल इस्लाम और मुस्तफिजुर रहमान शामिल थे। इनमें से केवल मुस्तफिजुर को ही खरीदार मिला था। मुस्तफिजुर को लेने के लिए केकेआर और चेन्नई सुपर किंग्स (केकेआर) के बीच होड़ देखने मिली थी और अंत में केकेआर मोटी कीमत पर इस बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेने में सफल रहा था।
आईपीएल 2026 के लिए 16 दिसंबर को अबु धाबी में मिनी नीलामी हुई थी। तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने नीलामी में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि उनका आधार मूल्य दो करोड़ रुपये था। मुस्तफिजुर को नीलामी में मोटी रकम मिली। मुस्तफिजुर एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी नहीं थे जो आईपीएल नीलामी में उतरे थे। इस बार बांग्लादेश के कुल सात खिलाड़ी थे जो ऑक्शन टेबल पर उतरे। इन खिलाड़ियों में रिशाद हुसैन, तस्कीन अहमद, तंजीम हसन साकिब, नाहिद राणा, रकीबुल हसन, मोहम्मद शोरिफुल इस्लाम और मुस्तफिजुर रहमान शामिल थे। इनमें से केवल मुस्तफिजुर को ही खरीदार मिला था। मुस्तफिजुर को लेने के लिए केकेआर और चेन्नई सुपर किंग्स (केकेआर) के बीच होड़ देखने मिली थी और अंत में केकेआर मोटी कीमत पर इस बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेने में सफल रहा था।
शाहरुख खान आए निशाने पर, कैसे हुई बीसीसीआई की एंट्री?
- नीलामी में जैसे ही केकेआर ने मुस्तफिजुर को खरीदा उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने केकेआर, विशेषकर फ्रेंचाइजी के मालिक शाहरुख खान को घेरना शुरू कर दिया गया था।
- इस मामले को लेकर सबसे ज्यादा अगर किसी की आलोचना हुई तो वह शाहरुख ही थे। कथावाचक से लेकर राजनेताओं ने शाहरुख की आलोचना की थी।
- मामला बढ़ने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सामने आना पड़ा था।
- बीसीसीआई ने तीन जनवरी 2026 को केकेआर को निर्देश दिया कि वह मुस्तफिजुर को टीम से बाहर करे जिसके बाद फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक रूप से मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया।
- बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था, हाल ही में देश भर में चल रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर, बीसीसीआई ने केकेआर फ्रेंचाइजी को निर्देश दिया है कि वे अपने एक खिलाड़ी, बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज कर दें।
- बीसीसीआई ने यह भी कहा था कि यदि केकेआर किसी रिप्लेसमेंट की मांग करता है, तो बीसीसीआई उसे इसकी अनुमति देगा।
बांग्लादेशी खिलाड़ी का विरोध करने की वजह
- मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हुआ।
- दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं।
- हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई थी।
- इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली।
- सबसे पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता संगीत सोम ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इन्होंने शाहरुख खान को घेरा था।
बौखलाए बांग्लादेश ने सुरक्षा को बनाया बहाना
मुस्तफिजुर को आईपीएल से बाहर करने के बाद बांग्लादेश बुरी तरह बौखला गया और उसने उकसाने वाले बयान देने शुरू कर दिए। बीसीबी ने भारत में सुरक्षा का हवाला देकर टी20 विश्व कप के मैच भारत में नहीं खेलने की मांग की। बीसीबी की मांग के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने आग में घी डालने का काम किया। नजरुल ने लगातार भारत विरोधी बयान दिए और क्रिकेट बोर्ड को आईसीसी से बांग्लादेश टीम के मैच भारत के बजाए श्रीलंका में कराने के लिए कहा। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी रोक लगा दी।
मुस्तफिजुर को आईपीएल से बाहर करने के बाद बांग्लादेश बुरी तरह बौखला गया और उसने उकसाने वाले बयान देने शुरू कर दिए। बीसीबी ने भारत में सुरक्षा का हवाला देकर टी20 विश्व कप के मैच भारत में नहीं खेलने की मांग की। बीसीबी की मांग के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने आग में घी डालने का काम किया। नजरुल ने लगातार भारत विरोधी बयान दिए और क्रिकेट बोर्ड को आईसीसी से बांग्लादेश टीम के मैच भारत के बजाए श्रीलंका में कराने के लिए कहा। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी रोक लगा दी।
बांग्लादेश की टीम
- फोटो : ANI
आईसीसी की एंट्री और बांग्लादेश की जिद
फिर इस मामले पर जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी की एंट्री हुई। आईसीसी ने सबसे पहले बीसीबी से बात की। बीसीबी ने चूंकि सुरक्षा का हवाला दिया था तो आईसीसी ने इसकी समीक्षा की। लेकिन उसे भारत में सुरक्षा में कहीं कमी नजर नहीं आई। आईसीसी ने बीसीबी को इससे अवगत कराया, लेकिन बांग्लादेश अपनी जिद पर ही अड़ा रहा और उसने लगातार भारत में नहीं खेलने की बात दोहराई। बीसीबी ने आईसीसी के सामने यह भी विकल्प रखा कि बांग्लादेश को ग्रुप सी से हटाकर ग्रुप बी में शामिल किया जाए और आयरलैंड को ग्रुप सी में भेजा जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रुप बी के मैच श्रीलंका में होने हैं। इन सबके बीच आईसीसी का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ढाका में बीसीबी अधिकारियों से मिला और मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बांग्लादेश अपने हठ पर कायम रहा।
फिर इस मामले पर जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी की एंट्री हुई। आईसीसी ने सबसे पहले बीसीबी से बात की। बीसीबी ने चूंकि सुरक्षा का हवाला दिया था तो आईसीसी ने इसकी समीक्षा की। लेकिन उसे भारत में सुरक्षा में कहीं कमी नजर नहीं आई। आईसीसी ने बीसीबी को इससे अवगत कराया, लेकिन बांग्लादेश अपनी जिद पर ही अड़ा रहा और उसने लगातार भारत में नहीं खेलने की बात दोहराई। बीसीबी ने आईसीसी के सामने यह भी विकल्प रखा कि बांग्लादेश को ग्रुप सी से हटाकर ग्रुप बी में शामिल किया जाए और आयरलैंड को ग्रुप सी में भेजा जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रुप बी के मैच श्रीलंका में होने हैं। इन सबके बीच आईसीसी का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ढाका में बीसीबी अधिकारियों से मिला और मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बांग्लादेश अपने हठ पर कायम रहा।
बांग्लादेश को भारी पड़ी जिद
- 21 जनवरी को आईसीसी बोर्ड की बैठक हुई जिसमें बांग्लादेश की मांग बहुमत के आधार पर खारिज कर दी गई।
- आईसीसी ने बांग्लादेश को अल्टीमेटम दे दिया था कि या तो वह तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में खेले या उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम में शामिल किया जाएगा।
- आईसीसी के अल्टीमेटम के बाद बीसीबी और खिलाड़ियों की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के साथ बैठक हुई।
- बैठक के बाद बीसीबी ने फिर पुराना राग अलापते हुए कहा कि उसकी टीम भारत नहीं जाएगी।
- आईसीसी पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि तय कार्यक्रम में बदलाव नहीं होगा और उसने बीसीबी को सूचित कर दिया कि बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड की टीम विश्व कप खेलेगी।
जय शाह-आसिफ नजरुल
- फोटो : ANI
बांग्लादेश को होगा भारी नुकसान
बांग्लादेश क्रिकेट अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा हो गया है। बांग्लादेश की इस जिद का असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे बीसीबी को करोड़ों का आर्थिक झटका लग सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आईसीसी से मिलने वाली सालाना आय के तौर पर बीसीबी को करीब 325 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा प्रसारण अधिकार, प्रायोजन और अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई भी घटेगी। कुल मिलाकर मौजूदा वित्तीय वर्ष में बीसीबी की आय 60 प्रतिशत या उससे ज्यादा तक गिर सकती है। वहीं, इसका असर द्विपक्षीय क्रिकेट पर भी पड़ सकता है। भारत का अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित बांग्लादेश दौरा रद्द होने की आशंका है। इस सीरीज के टीवी प्रसारण अधिकारों की कीमत कम से कम 10 अन्य द्विपक्षीय मुकाबलों के बराबर मानी जाती है।
बांग्लादेश क्रिकेट अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा हो गया है। बांग्लादेश की इस जिद का असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे बीसीबी को करोड़ों का आर्थिक झटका लग सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आईसीसी से मिलने वाली सालाना आय के तौर पर बीसीबी को करीब 325 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा प्रसारण अधिकार, प्रायोजन और अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई भी घटेगी। कुल मिलाकर मौजूदा वित्तीय वर्ष में बीसीबी की आय 60 प्रतिशत या उससे ज्यादा तक गिर सकती है। वहीं, इसका असर द्विपक्षीय क्रिकेट पर भी पड़ सकता है। भारत का अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित बांग्लादेश दौरा रद्द होने की आशंका है। इस सीरीज के टीवी प्रसारण अधिकारों की कीमत कम से कम 10 अन्य द्विपक्षीय मुकाबलों के बराबर मानी जाती है।