टेस्ट क्रिकेट में अजिंक्य रहाणे के बल्ले से दो साल शतक निकला। उन्होंने पहली पारी में 81 और दूसरी पारी में 102 रन बनाए। अब सीरीज के दूसरे और आखिरी टेस्ट से पहले रहाणे ने अपनी उस पारी के बाद अपनी मनोदशा को लेकर खुलासा किया है। बकौल रहाणे वह एंटिगा में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए पहले टेस्ट मैच में शतक लगाने के बाद भावुक हो गए थे।
WIvIND: आखिर क्यों भावुक हो गए थे अजिंक्य रहाणे, एंटिगा टेस्ट के हफ्ते भर बाद खोला राज
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10वां शतक बनाने में 2 साल लग गए
रहाणे ने सबीना पार्क मैदान पर होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले मीडिया को बताया, 'वह थोड़ा भावुक क्षण था। मैं समझता हूं कि 10वां शतक विशेष था। मैं किसी तरह के सेलिब्रेशन के बारे में नहीं सोच रहा था, वह अपने-आप मेरे अंदर से निकला। मुझे 10वां शतक बनाने में दो साल का समय लग गया।'
रहाणे ने कहा, 'जैसा कि मैंने कहा कि मेरे लिए प्रक्रिया बहुत मायने रखती है। हर सीरीज से पहले तैयारी जरूरी है। मैं दो साल के दौरान यही कर रहा था और इसलिए मेरे लिए यह शतक बहुत महत्वपूर्ण था।' पहली पारी में जब रहाणे बल्लेबाजी करने आए तब भारतीय टीम का स्कोर 25/3 था और दूसरे में उसे बढ़त बनाने की जरूरत थी।
व्यक्तिगत रूप से खास थी पारी
रहाणे ने कहा, 'हम दबाव में थे (पहली पारी में)। मुझे लगा कि वेस्ट इंडीज ने उस दिन पूरे सत्र में अच्छी गेंदबाजी की। वहां मेरे पास अपनी टीम के लिए कुछ खास करने का मौका था। मुझे लगता है कि उस स्थिति के कारण मैं अपने बारे में नहीं सोच रहा था क्योंकि उस साझेदारी को बनाना बहुत महत्वपूर्ण था। एक खिलाड़ी को रुकना पड़ेगा और बल्लेबाजी करनी पड़ेगी, हम इस चीज को जानते थे।'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि वह पारी मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी कुछ खास थी क्योंकि हम जानते थे कि हम उस समय एक मुश्किल स्थिति में थे और मुझे खुशी है कि हमने अच्छा प्रदर्शन किया और दमदार वापसी करने में कामयाब रहे।'