Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के मैदान में पानी लाने पर क्यों मचा बवाल? अश्विन की आलोचकों को दो टूक
15 साल के वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू न मिलने और पानी पिलाने को लेकर मचे बवाल पर रविचंद्रन अश्विन ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ड्रिंक्स कैरी करना सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
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आयरलैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच में 15 साल के युवा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका न देने पर भारतीय टीम मैनेजमेंट की काफी आलोचना हो रही थी। इस फैसले का बचाव करने के बाद पूर्व भारतीय दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी आलोचकों के निशाने पर आ गए थे। अब इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज से पहले अश्विन ने पलटवार किया है और आलोचकों को आड़े हाथों लिया है।
अश्विन ने बेबाक अंदाज में सवाल उठाया कि अगर एक 15 साल का युवा खिलाड़ी भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों के लिए ड्रिंक्स (पानी) लेकर मैदान पर जाता है और ड्रेसिंग रूम के माहौल से कुछ सीखता है, तो इसमें गलत क्या है?
वैभव को बाहर बैठाना सही फैसला था?
आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन और फिर श्रीलंका में इंडिया-ए के लिए खेलते हुए लिस्ट-ए इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी जड़ने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। इस पर अश्विन ने टीम मैनेजमेंट का बचाव करते हुए अपने एक वीडियो में कहा था "बाहर बैठकर मैच देखने और राष्ट्रीय टीम के माहौल में खुद को ढालने की भी अपनी एक अलग वैल्यू होती है। उसे टीम की सेवा करने दें, मदद करने दें, यहां तक कि पानी भी लाने दें। इस अनुभव से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है।"
अश्विन ने दिग्गज सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि कोई भी खिलाड़ी रातों-रात महान नहीं बनता। एक बार जब वैभव खेलना शुरू करेंगे, तो शायद वह कभी टीम से ड्रॉप न हों, जैसा सचिन के साथ हुआ था। लेकिन अगर वह पहले कुछ समय प्लेइंग इलेवन से बाहर बिताते हैं, तो वह टीम के माहौल को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। उनके पास एक लंबा और शानदार करियर है, इसलिए बाहर बैठना भी टीम में एक बड़ी भूमिका निभाने जैसा है।
खिलाड़ियों को पानी पिलाना कोई छोटा या कमतर काम बन गया है?
वैभव को बाहर बैठाने और पानी पिलाने की बात कहने पर जब सोशल मीडिया पर अश्विन को ट्रोल किया गया, तो उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर आकर आलोचकों की क्लास लगा दी। अश्विन ने पूछा कि सीनियर खिलाड़ियों के लिए पानी की बोतलें ले जाना अचानक से एक नकारात्मक चीज कैसे बन गया?
अश्विन ने गुस्से में कहा कि हमें वैभव सूर्यवंशी को समय देने की जरूरत है। उन्होंने आईपीएल में जिस तरह से खेला है, उससे यह साफ है कि उन्हें किसी न किसी मोड़ पर मौका जरूर मिलेगा, वह बेहद स्पेशल खिलाड़ी हैं। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि पानी ले जाना कोई छोटा या अपमानजनक काम नहीं है। लोग ऐसा क्यों सोचते हैं? क्रिकेट के संस्कार कब बदल गए? 1990 और 2000 के दशक में, मैं चेन्नई में एक बॉल-बॉय था और मुझे क्रिकेटरों के लिए पानी ले जाने में बेहद खुशी होती थी। मैदान पर दौड़कर जाना और भारतीय खिलाड़ियों को पानी देना कब से कमतर काम हो गया?
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका?
आयरलैंड के खिलाफ भले ही वैभव को मौका न मिला हो, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ 1 जुलाई से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में उनके डेब्यू की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट ने पहले स्पष्ट किया था कि आयरलैंड में वैभव को इसलिए मौका नहीं मिला क्योंकि टीम नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में वर्ल्ड कप जीतने वाले ओपनर्स को थोड़ा लंबा रन देना चाहती थी।
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी।