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Gambhir-Shashi Tharoor: ये क्या बोल गए कोच गंभीर! थरूर के ट्वीट के जवाब में उनके पोस्ट ने क्यों बढ़ाया विवाद?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 22 Jan 2026 08:55 AM IST
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सार
गौतम गंभीर ने शशि थरूर के प्रशंसा वाले ट्वीट पर ऐसा जवाब दिया, जिससे यह सवाल उठने लगा कि क्या भारतीय टीम के कोच के पास वाकई पूरी ताकत है? गंभीर के ट्वीट में कहा गया कि कोच की ‘अनलिमिटेड अथॉरिटी’ वाली बात सच नहीं है। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या गंभीर चयन समिति से असहमत हैं या आलोचकों को जवाब दे रहे हैं। गंभीर ने कोई नाम नहीं लिया, इसलिए विवाद अभी भी खुला और अस्पष्ट बना हुआ है।
गंभीर और शशि थरूर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत ने नागपुर में खेले गए पहले टी20 में न्यूजीलैंड को 48 रन से हरा दिया। हालांकि, टीम इंडिया की इस जीत से ज्यादा चर्चा कोच गौतम गंभीर के एक ट्वीट की हो रही है। शशि थरूर को जवाब में गंभीर के इस पोस्ट ने विवाद खड़ा कर दिया है। उस जवाब से ऐसा लगा कि कोच होने के बावजूद उनके पास टीम पर पूरी ताकत या अधिकार नहीं हैं। सोशल मीडिया पर फैंस तरह तरह के सवाल पूछ रहे हैं। आइए जानते हैं...
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थरूर ने की तारीफ, गंभीर ने दिया चौंकाने वाला जवाब
पहला ट्वीट कांग्रेस सांसद शशि थरूर का था, जिन्होंने मैच से एक दिन पहले नागपुर में गंभीर से मुलाकात की थी और उनकी तारीफ की थी। थरूर ने गंभीर के काम की सराहना करते हुए अंग्रेजी में लंबा ट्वीट किया। उसमें लिखा था, 'नागपुर में अपने पुराने दोस्त गौतम गंभीर से अच्छी और खुलकर बातचीत हुई। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री के बाद भारत में सबसे मुश्किल काम भारतीय टीम का कोच होना है। करोड़ों लोग रोज उन्हें जज करते हैं, लेकिन वह शांत रहते हैं और बिना डरे अपना काम करते हैं। उनके शांत संगठन और नेतृत्व की तारीफ होनी चाहिए। उन्हें शुभकामनाएं।'
इस पर गंभीर ने बुधवार देर रात को जवाब देते हुए कहा, 'जब हलचल शांत होगी, तब इस बात की सच्चाई और लॉजिक सामने आएगा कि कोच की अनलिमिटेड अथॉरिटी वाली बात कितनी सही है। तब तक मैं इस बात पर थोड़ा हैरान हूं कि मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि वे सबसे बेहतरीन हैं!' गंभीर के इस बयान में कहीं भी किसी का नाम नहीं था, लेकिन बात बहुत कुछ कह गई।
पहला ट्वीट कांग्रेस सांसद शशि थरूर का था, जिन्होंने मैच से एक दिन पहले नागपुर में गंभीर से मुलाकात की थी और उनकी तारीफ की थी। थरूर ने गंभीर के काम की सराहना करते हुए अंग्रेजी में लंबा ट्वीट किया। उसमें लिखा था, 'नागपुर में अपने पुराने दोस्त गौतम गंभीर से अच्छी और खुलकर बातचीत हुई। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री के बाद भारत में सबसे मुश्किल काम भारतीय टीम का कोच होना है। करोड़ों लोग रोज उन्हें जज करते हैं, लेकिन वह शांत रहते हैं और बिना डरे अपना काम करते हैं। उनके शांत संगठन और नेतृत्व की तारीफ होनी चाहिए। उन्हें शुभकामनाएं।'
इस पर गंभीर ने बुधवार देर रात को जवाब देते हुए कहा, 'जब हलचल शांत होगी, तब इस बात की सच्चाई और लॉजिक सामने आएगा कि कोच की अनलिमिटेड अथॉरिटी वाली बात कितनी सही है। तब तक मैं इस बात पर थोड़ा हैरान हूं कि मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि वे सबसे बेहतरीन हैं!' गंभीर के इस बयान में कहीं भी किसी का नाम नहीं था, लेकिन बात बहुत कुछ कह गई।
गंभीर-अगरकर
- फोटो : PTI
क्या निशाना सिलेक्शन कमेटी पर था?
सोशल मीडिया पर बहुत से फैंस ने कहा कि गंभीर का इशारा चयन समिति की तरफ है, खासकर अजित अगरकर की तरफ, लेकिन गंभीर ने न कोई नाम लिया और न ही किसी संस्था का जिक्र किया। यानी बयान अस्पष्ट था, लेकिन सवाल उठाने वाला था।
गंभीर का कोचिंग दौर पहले से ही विवादों में
गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम में कई बड़े बदलाव हुए, जैसे:
इन बदलावों से कई फैंस परेशान हैं और गंभीर पर सवाल उठते रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बहुत से फैंस ने कहा कि गंभीर का इशारा चयन समिति की तरफ है, खासकर अजित अगरकर की तरफ, लेकिन गंभीर ने न कोई नाम लिया और न ही किसी संस्था का जिक्र किया। यानी बयान अस्पष्ट था, लेकिन सवाल उठाने वाला था।
गंभीर का कोचिंग दौर पहले से ही विवादों में
गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम में कई बड़े बदलाव हुए, जैसे:
- सुर्याकुमार यादव को टी20 कप्तान बनाया गया।
- रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट से संन्यास लिया।
- शुभमन गिल को टी20 सेटअप से बाहर किया गया।
- टेस्ट में भारत ने घर और ऑस्ट्रेलिया दोनों जगह सीरीज हारी।
- न्यूजीलैंड से भारत पहली बार घर में वनडे सीरीज हारा।
इन बदलावों से कई फैंस परेशान हैं और गंभीर पर सवाल उठते रहे हैं।
गंभीर और अगरकर
- फोटो : ANI
कोच vs चयन समिति, असली अधिकार किसके पास?
भारतीय क्रिकेट में हमेशा यह सवाल रहता है कि टीम किसकी चलती है, कोच की या चयन समिति की? गंभीर का ट्वीट उसी बहस को गहरा करता है। अगर कोच कह रहा है कि उसके पास पूरी ताकत नहीं, तो इसका मतलब है कि चयन, रोटेशन और टीम बदलाव में कई पक्ष शामिल हैं।
गंभीर की नाराजगी या सफाई?
गंभीर का ट्वीट दो तरह से पढ़ा जा सकता है।
भारतीय क्रिकेट में हमेशा यह सवाल रहता है कि टीम किसकी चलती है, कोच की या चयन समिति की? गंभीर का ट्वीट उसी बहस को गहरा करता है। अगर कोच कह रहा है कि उसके पास पूरी ताकत नहीं, तो इसका मतलब है कि चयन, रोटेशन और टीम बदलाव में कई पक्ष शामिल हैं।
गंभीर की नाराजगी या सफाई?
गंभीर का ट्वीट दो तरह से पढ़ा जा सकता है।
- पहला ये कि वो आलोचकों को जवाब दे रहे हैं, जो टीम की हार या बदलावों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
- या फिर वो अंदरूनी सिस्टम की तरफ इशारा कर रहे हैं, जहां कोच चाहता है कि लोग सच जानें।
- लेकिन जब तक वो खुलकर कुछ नहीं कहते, मामला बस अटकलों तक सीमित है।
कोहली, गंभीर और रोहित
- फोटो : ANI
रोहित-कोहली से विवाद पर गंभीर का जवाब?
अब पहली बार गंभीर ने इस मुद्दे को अप्रत्यक्ष रूप से छुआ और बिना किसी का नाम लिए बहुत कुछ कह दिया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि फैसले हमेशा अकेले कोच के नहीं होते, और खिलाड़ियों को बाहर करने का मुद्दा भी उतना आसान नहीं होता जितना लोग सोशल मीडिया पर बना देते हैं।
- गंभीर का यह बोलना, 'इस बात पर थोड़ा हैरान हूं कि मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि वे सबसे बेहतरीन हैं!' फैंस इसे कोहली-रोहित से उनके अनबन का जवाब मान रहे हैं।
- भारतीय क्रिकेट में हाल ही में जो भी गलत हुआ है, उसका ठीकरा ज्यादातर भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर पर फोड़ा जा रहा है।
- फिर वह चाहे खिलाड़ियों का टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होना हो, या खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य करने का फैसला, हर बात का दोष गंभीर पर डाल दिया गया।
- टेस्ट और वनडे में हालिया खराब नतीजों ने इस माहौल को और बढ़ा दिया है, लेकिन पूरी बहस एक ही बात पर टिक गई है कि गंभीर, विराट कोहली और रोहित शर्मा को टीम से बाहर करना चाहते हैं।
- हालांकि इससे पहले गंभीर ने हमेशा रोहित और विराट को लेकर एक बात कही है, '2027 वर्ल्ड कप अभी दो साल दूर है। किसी की जगह पक्की नहीं है।'
- उनका यह संदेश बाकी खिलाड़ियों पर भी लागू होता है, यानी कोई भी ऑटोमैटिक सिलेक्शन नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर ट्रोल्स और नफरत फैलाने वाले लोग इस बयान को अपने हिसाब से जोड़कर पूरी कहानी बना दी। उन्होंने ऐसा माहौल बना दिया कि गंभीर जैसे कोहली और रोहित को हटाने पर तुले हों, जबकि गंभीर ने ऐसा कभी सीधे नहीं कहा।
- गंभीर के बयान का ये भी मतलब हो सकता है कि कोहली और रोहित को हटाने के लिए उन पर चयन समिति या कहीं और से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा हो, जबकि वो इसके पक्ष में न हो। और इस पोस्ट के जरिये वह लोगों को यह बताने की कोशिश कर रहे हों कि उनके पास पावर नहीं है और इसके बावजूद लोग उन्हें अपने लोगों के खिलाफ खड़े कर रहे हैं।
अब पहली बार गंभीर ने इस मुद्दे को अप्रत्यक्ष रूप से छुआ और बिना किसी का नाम लिए बहुत कुछ कह दिया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि फैसले हमेशा अकेले कोच के नहीं होते, और खिलाड़ियों को बाहर करने का मुद्दा भी उतना आसान नहीं होता जितना लोग सोशल मीडिया पर बना देते हैं।