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IND vs NZ Final: भारत 15वीं बार खेलेगा ICC फाइनल, 16 ग्राफिक्स में न्यूजीलैंड से खिताबी मुकाबले के सभी आंकड़े
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Swapnil Shashank
Updated Sun, 08 Mar 2026 09:15 AM IST
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सार
टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत का सामना मजबूत न्यूजीलैंड से होगा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम खिताब बचाने और तीसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी। हालांकि कीवी टीम की संतुलित गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी भारत के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 विश्वकप फाइनल
- फोटो : BCCI
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विस्तार
टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम पर इतिहास रचने की उम्मीदों का भारी दबाव होगा। कागजों पर भारत का पलड़ा भले ही मजबूत दिख रहा हो, लेकिन न्यूजीलैंड जैसी अनुशासित और जुझारू टीम को हल्के में लेना किसी भी तरह से आसान नहीं होगा। यह मुकाबला शाम सात बजे शुरू होगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम साढ़े छह बजे होगा।
भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी टूर्नामेंट के इतिहास में रिकॉर्ड 15वीं बार फाइनल खेलने उतरने जा रही है। यह सफर 1983 विश्व कप से शुरू हुआ था, जब कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचा था। तब से अब तक टीम इंडिया आईसीसी के बड़े टूर्नामेंटों में कुल सात ट्रॉफियां अपने नाम कर चुकी है।
आईसीसी फाइनल में भारत का रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम
आईसीसी टूर्नामेंट्स (वनडे विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी, टी20 विश्व कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप) की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। कंगारू टीम ने अब तक खेले 14 फाइनल में से 10 बार खिताब जीता है। वहीं 2002 चैंपियंस ट्रॉफी का भारत-श्रीलंका फाइनल बारिश की वजह से दो दिन में भी पूरा नहीं हो सका था, जिसके चलते दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। टीम इंडिया ने अपना पिछला आईसीसी खिताब रोहित शर्मा की कप्तानी में 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर जीता था।
भारतीय टीम ने कई बड़े खिताब जीते हैं, लेकिन लगातार तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने का कारनामा अभी तक नहीं कर पाई है। भारत ने 2024 टी20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। अब 2026 टी20 विश्व कप फाइनल में उसके पास इतिहास रचने का मौका है। अगर भारत न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब जीत लेता है, तो वह पहली बार लगातार तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन जाएगा।
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भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी टूर्नामेंट के इतिहास में रिकॉर्ड 15वीं बार फाइनल खेलने उतरने जा रही है। यह सफर 1983 विश्व कप से शुरू हुआ था, जब कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचा था। तब से अब तक टीम इंडिया आईसीसी के बड़े टूर्नामेंटों में कुल सात ट्रॉफियां अपने नाम कर चुकी है।
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आईसीसी फाइनल में भारत का रिकॉर्ड
| साल | टूर्नामेंट | मुकाबला | परिणाम |
|---|---|---|---|
| 1983 | विश्व कप | भारत vs वेस्टइंडीज | भारत जीता |
| 2000 | चैंपियंस ट्रॉफी | भारत vs न्यूजीलैंड | भारत हारा |
| 2002 | चैंपियंस ट्रॉफी | भारत vs श्रीलंका | साझा विजेता |
| 2003 | विश्व कप | भारत vs ऑस्ट्रेलिया | भारत हारा |
| 2007 | टी20 विश्व कप | भारत vs पाकिस्तान | भारत जीता |
| 2011 | विश्व कप | भारत vs श्रीलंका | भारत जीता |
| 2013 | चैंपियंस ट्रॉफी | भारत vs इंग्लैंड | भारत जीता |
| 2014 | टी20 विश्व कप | भारत vs श्रीलंका | भारत हारा |
| 2017 | चैंपियंस ट्रॉफी | भारत vs पाकिस्तान | भारत हारा |
| 2021 | WTC फाइनल | भारत vs न्यूजीलैंड | भारत हारा |
| 2023 | WTC फाइनल | भारत vs ऑस्ट्रेलिया | भारत हारा |
| 2023 | विश्व कप | भारत vs ऑस्ट्रेलिया | भारत हारा |
| 2024 | टी20 विश्व कप | भारत vs द. अफ्रीका | भारत जीता |
| 2025 | चैंपियंस ट्रॉफी | भारत vs न्यूजीलैंड | भारत जीता |
| 2026 | टी20 विश्व कप | भारत vs न्यूजीलैंड | परिणाम बाकी |
ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम
आईसीसी टूर्नामेंट्स (वनडे विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी, टी20 विश्व कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप) की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। कंगारू टीम ने अब तक खेले 14 फाइनल में से 10 बार खिताब जीता है। वहीं 2002 चैंपियंस ट्रॉफी का भारत-श्रीलंका फाइनल बारिश की वजह से दो दिन में भी पूरा नहीं हो सका था, जिसके चलते दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। टीम इंडिया ने अपना पिछला आईसीसी खिताब रोहित शर्मा की कप्तानी में 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर जीता था।
भारतीय टीम ने कई बड़े खिताब जीते हैं, लेकिन लगातार तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने का कारनामा अभी तक नहीं कर पाई है। भारत ने 2024 टी20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। अब 2026 टी20 विश्व कप फाइनल में उसके पास इतिहास रचने का मौका है। अगर भारत न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब जीत लेता है, तो वह पहली बार लगातार तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन जाएगा।
भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 विश्वकप 2026 फाइनल
- फोटो : ANI
अहमदाबाद की यादें और अधूरा सपना
नरेंद्र मोदी स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के लिए भावनात्मक यादों से भी जुड़ा हुआ है। इसी मैदान पर 19 नवंबर 2023 को भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों वनडे विश्व कप फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। उस दिन भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ड्रेसिंग रूम की सीढ़ियां चढ़ते हुए बेहद भावुक नजर आए थे।
स्टेडियम में मौजूद लगभग 93 हजार दर्शकों के सामने भारतीय टीम का सपना टूट गया था। हालांकि भारतीय क्रिकेट ने उसके बाद वापसी की और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतकर उस दर्द को काफी हद तक कम कर दिया था। अब एक बार फिर अहमदाबाद का यही मैदान भारतीय टीम को इतिहास रचने का मौका दे रहा है।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के लिए भावनात्मक यादों से भी जुड़ा हुआ है। इसी मैदान पर 19 नवंबर 2023 को भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों वनडे विश्व कप फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। उस दिन भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ड्रेसिंग रूम की सीढ़ियां चढ़ते हुए बेहद भावुक नजर आए थे।
स्टेडियम में मौजूद लगभग 93 हजार दर्शकों के सामने भारतीय टीम का सपना टूट गया था। हालांकि भारतीय क्रिकेट ने उसके बाद वापसी की और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतकर उस दर्द को काफी हद तक कम कर दिया था। अब एक बार फिर अहमदाबाद का यही मैदान भारतीय टीम को इतिहास रचने का मौका दे रहा है।
सूर्यकुमार की कप्तानी में नया अध्याय
टी20 प्रारूप में भारतीय टीम अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेल रही है। आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्यकुमार एक चतुर रणनीतिक कप्तान भी साबित हुए हैं। पिछले दो वर्षों में उन्होंने टीम को अच्छी तरह से संभाला है और युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास दिया है।
यह फाइनल उनके लिए भी बेहद खास होगा। अगर भारत खिताब जीतता है तो सूर्यकुमार अपनी कप्तानी की एक अलग पहचान बना सकते हैं। साथ ही यह जीत 2023 विश्व कप फाइनल की कड़वी यादों को भी काफी हद तक मिटा सकती है। भारतीय टीम इस मैच को जीतकर टी20 विश्व कप को तीसरी बार अपने नाम करने वाली पहली टीम बनना चाहेगी, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
टी20 प्रारूप में भारतीय टीम अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेल रही है। आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सूर्यकुमार एक चतुर रणनीतिक कप्तान भी साबित हुए हैं। पिछले दो वर्षों में उन्होंने टीम को अच्छी तरह से संभाला है और युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास दिया है।
यह फाइनल उनके लिए भी बेहद खास होगा। अगर भारत खिताब जीतता है तो सूर्यकुमार अपनी कप्तानी की एक अलग पहचान बना सकते हैं। साथ ही यह जीत 2023 विश्व कप फाइनल की कड़वी यादों को भी काफी हद तक मिटा सकती है। भारतीय टीम इस मैच को जीतकर टी20 विश्व कप को तीसरी बार अपने नाम करने वाली पहली टीम बनना चाहेगी, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
न्यूजीलैंड हमेशा रही है खतरनाक प्रतिद्वंद्वी
न्यूजीलैंड की टीम को विश्व क्रिकेट में सबसे अनुशासित और संतुलित टीमों में से एक माना जाता है। बड़े मैचों में यह टीम अक्सर अपनी अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर जाती है। कीवी टीम के पास फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं जो पावरप्ले में मैच का रुख बदल सकते हैं। इसके अलावा ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन जैसे बल्लेबाज मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। गेंदबाजी में लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी जैसे तेज गेंदबाज किसी भी बल्लेबाजी क्रम को मुश्किल में डाल सकते हैं, जबकि कप्तान मिचेल सैंटनर अपनी चतुर स्पिन से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं।
न्यूजीलैंड की टीम को विश्व क्रिकेट में सबसे अनुशासित और संतुलित टीमों में से एक माना जाता है। बड़े मैचों में यह टीम अक्सर अपनी अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर जाती है। कीवी टीम के पास फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं जो पावरप्ले में मैच का रुख बदल सकते हैं। इसके अलावा ग्लेन फिलिप्स और मार्क चैपमैन जैसे बल्लेबाज मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। गेंदबाजी में लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी जैसे तेज गेंदबाज किसी भी बल्लेबाजी क्रम को मुश्किल में डाल सकते हैं, जबकि कप्तान मिचेल सैंटनर अपनी चतुर स्पिन से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं।
बुमराह बन सकते हैं असली अंतर
भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत जसप्रीत बुमराह माने जा रहे हैं। उनकी सटीक यॉर्कर और तेज रफ्तार गेंदबाजी किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ बुमराह ने शानदार प्रदर्शन किया था और विपक्षी टीम की रनगति पर पूरी तरह अंकुश लगाया था। फाइनल में भी उनके चार ओवर बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
दिलचस्प बात यह होगी कि क्या भारतीय कप्तान उन्हें नई गेंद से फिन एलन के खिलाफ उतारेंगे या फिर हमेशा की तरह डेथ ओवरों के लिए बचाकर रखेंगे। अगर बुमराह शुरुआती ओवरों में गेंदबाजी करते हैं तो वह स्विंग का फायदा उठाकर न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को जल्दी झटका दे सकते हैं।
भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत जसप्रीत बुमराह माने जा रहे हैं। उनकी सटीक यॉर्कर और तेज रफ्तार गेंदबाजी किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ बुमराह ने शानदार प्रदर्शन किया था और विपक्षी टीम की रनगति पर पूरी तरह अंकुश लगाया था। फाइनल में भी उनके चार ओवर बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
दिलचस्प बात यह होगी कि क्या भारतीय कप्तान उन्हें नई गेंद से फिन एलन के खिलाफ उतारेंगे या फिर हमेशा की तरह डेथ ओवरों के लिए बचाकर रखेंगे। अगर बुमराह शुरुआती ओवरों में गेंदबाजी करते हैं तो वह स्विंग का फायदा उठाकर न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को जल्दी झटका दे सकते हैं।
नई गेंद से भारत की रणनीति
भारत के पास नई गेंद से अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या जैसे विकल्प मौजूद हैं। दोनों गेंदबाज शुरुआत में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं। लेकिन अगर पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल रही तो उनकी गेंदबाजी पर दबाव भी बन सकता है। ऐसे में कप्तान सूर्यकुमार को यह तय करना होगा कि किस गेंदबाज से शुरुआत कराई जाए और किसे मध्य ओवरों के लिए बचाकर रखा जाए।
भारत के पास नई गेंद से अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या जैसे विकल्प मौजूद हैं। दोनों गेंदबाज शुरुआत में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं। लेकिन अगर पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल रही तो उनकी गेंदबाजी पर दबाव भी बन सकता है। ऐसे में कप्तान सूर्यकुमार को यह तय करना होगा कि किस गेंदबाज से शुरुआत कराई जाए और किसे मध्य ओवरों के लिए बचाकर रखा जाए।
स्पिन विभाग बना चिंता का कारण
भारतीय टीम के लिए स्पिन गेंदबाजी इस टूर्नामेंट में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई है। वरुण चक्रवर्ती से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह लगातार विकेट निकालने में सफल नहीं रहे हैं। उनकी मिस्ट्री गेंदबाजी का असर भी पहले जैसा नहीं दिख रहा है। न्यूजीलैंड के दाएं हाथ के बल्लेबाज उनके खिलाफ खुलकर खेल सकते हैं। ऐसे में कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल करने की चर्चा तेज हो गई है। कुलदीप की विविधता और टर्न की क्षमता न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है।
भारतीय टीम के लिए स्पिन गेंदबाजी इस टूर्नामेंट में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई है। वरुण चक्रवर्ती से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह लगातार विकेट निकालने में सफल नहीं रहे हैं। उनकी मिस्ट्री गेंदबाजी का असर भी पहले जैसा नहीं दिख रहा है। न्यूजीलैंड के दाएं हाथ के बल्लेबाज उनके खिलाफ खुलकर खेल सकते हैं। ऐसे में कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल करने की चर्चा तेज हो गई है। कुलदीप की विविधता और टर्न की क्षमता न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है।
अभिषेक शर्मा की फॉर्म पर सवाल
ओपनर अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। उनकी तकनीकी कमजोरियां कई बार सामने आई हैं और विपक्षी गेंदबाजों ने इसका फायदा उठाया है। अगर वह फाइनल में भी खेलते हैं तो न्यूजीलैंड के ऑफ स्पिनर कोल मैककॉन्ची उन्हें शुरुआत में ही चुनौती दे सकते हैं। दूसरी तरफ अगर टीम प्रबंधन उन्हें बाहर करता है तो मध्यक्रम बहुत लंबा हो जाएगा। ऐसे में रिंकू सिंह को मौका मिल सकता है, हालांकि वह भी हाल के मैचों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं।
किस्मत और मौके का खेल
क्रिकेट में फाइनल जैसे बड़े मैचों में किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को इसका फायदा मिला था, जब हैरी ब्रूक ने संजू सैमसन का आसान कैच छोड़ दिया था। उस मौके का फायदा उठाते हुए भारत ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली थी। फाइनल में भी भारत न्यूजीलैंड की छोटी-सी गलती को बड़े मौके में बदलने की कोशिश करेगा।
ओपनर अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। उनकी तकनीकी कमजोरियां कई बार सामने आई हैं और विपक्षी गेंदबाजों ने इसका फायदा उठाया है। अगर वह फाइनल में भी खेलते हैं तो न्यूजीलैंड के ऑफ स्पिनर कोल मैककॉन्ची उन्हें शुरुआत में ही चुनौती दे सकते हैं। दूसरी तरफ अगर टीम प्रबंधन उन्हें बाहर करता है तो मध्यक्रम बहुत लंबा हो जाएगा। ऐसे में रिंकू सिंह को मौका मिल सकता है, हालांकि वह भी हाल के मैचों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं।
किस्मत और मौके का खेल
क्रिकेट में फाइनल जैसे बड़े मैचों में किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को इसका फायदा मिला था, जब हैरी ब्रूक ने संजू सैमसन का आसान कैच छोड़ दिया था। उस मौके का फायदा उठाते हुए भारत ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली थी। फाइनल में भी भारत न्यूजीलैंड की छोटी-सी गलती को बड़े मौके में बदलने की कोशिश करेगा।
ऐतिहासिक उपलब्धि की दहलीज पर भारत
अगर भारतीय टीम इस फाइनल को जीतने में सफल रहती है तो वह टी20 विश्व कप को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ सकती है। लेकिन इसके लिए भारत को न्यूजीलैंड जैसी मजबूत और जुझारू टीम से पार पाना होगा, जो किसी भी परिस्थिति में मुकाबला पलटने की क्षमता रखती है।
रविवार को अहमदाबाद के विशाल स्टेडियम में करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें भारतीय टीम के साथ होंगी। अब देखना यह होगा कि सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया इतिहास रच पाती है या फिर न्यूजीलैंड एक और बड़े उलटफेर को अंजाम देता है।
अगर भारतीय टीम इस फाइनल को जीतने में सफल रहती है तो वह टी20 विश्व कप को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ सकती है। लेकिन इसके लिए भारत को न्यूजीलैंड जैसी मजबूत और जुझारू टीम से पार पाना होगा, जो किसी भी परिस्थिति में मुकाबला पलटने की क्षमता रखती है।
रविवार को अहमदाबाद के विशाल स्टेडियम में करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें भारतीय टीम के साथ होंगी। अब देखना यह होगा कि सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया इतिहास रच पाती है या फिर न्यूजीलैंड एक और बड़े उलटफेर को अंजाम देता है।