IND vs PAK: क्या हार के बाद हाथ मिलाने का इंतजार करते रह गए पाकिस्तानी खिलाड़ी? शाहीन-उस्मान का वीडियो वायरल
भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया। मैच के बाद शाहीन अफरीदी और उस्मान तारिक का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे भारतीय खिलाड़ियों की ओर देखते दिखे। भारत की ‘नो-हैंडशेक’ नीति के कारण हाथ नहीं मिलाया गया, जिससे सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई।
विस्तार
वायरल क्लिप में पाकिस्तान की अंतिम बल्लेबाजी जोड़ी शाहीन अफरीदी और उस्मान तारिक, भारतीय खिलाड़ियों की ओर देखते नजर आते हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों खिलाड़ी मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम से हाथ मिलाने का इंतजार कर रहे थे।
वीडियो में देखा जा सकता है कि भारतीय खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने और एक-दूसरे को बधाई देने में व्यस्त थे, जबकि पाकिस्तानी खिलाड़ी कुछ सेकंड तक वहीं ठहरे रहे और फिर पवेलियन की ओर लौट गए। हालांकि, यह स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है कि वे खासतौर पर हैंडशेक के लिए ही रुके थे या किसी और कारण से।
Shaheen Shah Afridi and Usman Tariq kept waiting for the Indian team to shake hands.
— Rohan💫 (@rohann__45) February 16, 2026
Chad Indian team didn’t even look at them.🗿💀
Unreal beizzati of Pakistanis.😭🤣🔥#INDvsPAK pic.twitter.com/UKf9DrBE8V
भारत ने 2025 एशिया कप के बाद से पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट औमें नो-हैंडशेक नीति अपनाई हुई है। यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। पाकिस्तान का दोहरा चेहरा तब उजागर हुआ, जब वह एक तरफ आतंकियों को पनाह देता नजर आया और दूसरी तरफ भारत से हाथ भी मिलाना चाहा। हालांकि, हाथ न मिलाने की नीति केवल क्रिकेट और कबड्डी तक सीमित है। हॉकी और टेनिस जैसे अन्य खेलों में दोनों देशों के खिलाड़ी पारंपरिक खेल भावना का पालन करते हुए हाथ मिलाते रहे हैं।
मैच के दौरान भी यह रुख साफ दिखा। टॉस के समय भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा के बीच पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ। मुकाबले के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी टीम से हाथ नहीं मिलाया। कोलंबो में भारत की एकतरफा जीत ने क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोरीं, लेकिन मैच के बाद का यह वीडियो नई बहस छेड़ गया है। क्या पाकिस्तानी खिलाड़ी वाकई हैंडशेक का इंतजार कर रहे थे या यह सिर्फ एक गलतफहमी थी, यह स्पष्ट नहीं है।