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देवदत्त का पहला टेस्ट शतक: सही रणनीति, मजबूत फुटवर्क और बड़ी पारी की भूख बनी कुंजी; श्रीलंका में चमके बल्लेबाज
Sun, 16 Aug 2026 08:00 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गॉल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गॉल
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sun, 16 Aug 2026 08:00 PM IST
सार
देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक जड़ने के बाद कहा कि स्पिन के खिलाफ स्पष्ट रणनीति और बड़ी पारी की भूख उनकी सफलता की कुंजी रही। उन्होंने बताया कि शतक के बाद शुरुआती 20-30 गेंदों पर एकाग्रता बनाए रखना बेहद अहम था और दो साल की मेहनत के बाद यह उपलब्धि हासिल कर वह बेहद खुश हैं।
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देवदत्त पडिक्कल
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अपना पहला टेस्ट शतक जड़ने के बाद कहा कि स्पिन के खिलाफ स्पष्ट रणनीति और तीन अंकों के स्कोर को बड़ी पारी में बदलने की भूख उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी की कुंजी रही। 24 वर्षीय पडिक्कल ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से टेस्ट स्तर पर मौके का इंतजार करते हुए लगातार मेहनत कर रहे थे। पडिक्कल ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रसारकों से कहा, 'मैंने इस पल का सपना देखा है। पिछले दो वर्षों से मैं कड़ी मेहनत कर रहा था ताकि जब मुझे मौका मिले तो कुछ विशेष कर सकूं। मैं बहुत खुश हूं कि ऐसा कर पाया।'
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देवदत्त पडिक्कल
- फोटो : PTI
स्पिन के खिलाफ बनाई स्पष्ट रणनीति
- बाएं हाथ के बल्लेबाज ने बताया कि उन्होंने स्पिन गेंदबाजों का सामना करने के लिए अपनी योजनाओं पर काफी काम किया।
- उनका मानना है कि स्पिन के खिलाफ केवल गेंद के हिसाब से प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से तय योजना के साथ बल्लेबाजी करना जरूरी है।
- उन्होंने कहा, 'जब आप स्पिन खेल रहे हों तो आपके दिमाग में कुछ योजनाएं होना जरूरी है। आप हर समय केवल प्रतिक्रिया के भरोसे नहीं रह सकते। कुछ ऐसे शॉट होने चाहिए जिन्हें आप शुरुआत से खेलना चाहते हैं, ताकि गेंदबाज पर भी दबाव बनाया जा सके।'
- पडिक्कल ने कहा कि अपनी रणनीति को लेकर स्पष्टता ने उनके फुटवर्क में भी आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने हर शॉट, यहां तक कि रक्षात्मक शॉट में भी, पूरी तरह प्रतिबद्ध रहने की कोशिश की।
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देवदत्त पडिक्कल
- फोटो : BCCI
शतक के बाद भी नहीं होने दिया ध्यान भंग
पडिक्कल ने कहा कि शतक पूरा करने के बाद राहत महसूस करना आसान होता है, लेकिन उनके लिए असली चुनौती इसके बाद की गेंदें थीं। उन्होंने कहा, 'शतक के बाद आराम करना और राहत महसूस करना आसान है। लेकिन मेरे लिए अगले 20-30 गेंदें बेहद महत्वपूर्ण थीं। मुझे पूरी तरह केंद्रित रहना था। शतक के बाद शुरुआती 10 गेंदें निकाल लेने के बाद मेरा काम काफी आसान हो जाता है।'
पडिक्कल ने कहा कि शतक पूरा करने के बाद राहत महसूस करना आसान होता है, लेकिन उनके लिए असली चुनौती इसके बाद की गेंदें थीं। उन्होंने कहा, 'शतक के बाद आराम करना और राहत महसूस करना आसान है। लेकिन मेरे लिए अगले 20-30 गेंदें बेहद महत्वपूर्ण थीं। मुझे पूरी तरह केंद्रित रहना था। शतक के बाद शुरुआती 10 गेंदें निकाल लेने के बाद मेरा काम काफी आसान हो जाता है।'
कर्नाटक के बल्लेबाजों से मिली प्रेरणा
पडिक्कल ने अपनी बड़ी पारी की भूख का श्रेय कर्नाटक के उन बल्लेबाजों को भी दिया, जिन्हें उन्होंने बड़े स्कोर और शतक बनाते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों को देखकर उनके भीतर भी बड़ी पारियां खेलने की इच्छा पैदा हुई।
पडिक्कल ने अपनी बड़ी पारी की भूख का श्रेय कर्नाटक के उन बल्लेबाजों को भी दिया, जिन्हें उन्होंने बड़े स्कोर और शतक बनाते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों को देखकर उनके भीतर भी बड़ी पारियां खेलने की इच्छा पैदा हुई।
देवदत्त पडिक्कल
- फोटो : PTI
गॉल की पिच को लेकर क्या बोले?
गॉल की पिच के बारे में पडिक्कल ने कहा कि दूसरे दिन सतह में ज्यादा बदलाव नहीं आया है और अभी गेंद के थोड़ा अधिक टर्न होने में कुछ सत्र लग सकते हैं। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि तीसरे और चौथे दिन पिच तेजी से बदल सकती है। उन्होंने कहा, 'गॉल में तीसरे और चौथे दिन पिच तेजी से बदलती है। हमें उम्मीद है कि इस बार भी ऐसा होगा और इससे हमारे गेंदबाजों को मदद मिलेगी।'
गॉल की पिच के बारे में पडिक्कल ने कहा कि दूसरे दिन सतह में ज्यादा बदलाव नहीं आया है और अभी गेंद के थोड़ा अधिक टर्न होने में कुछ सत्र लग सकते हैं। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि तीसरे और चौथे दिन पिच तेजी से बदल सकती है। उन्होंने कहा, 'गॉल में तीसरे और चौथे दिन पिच तेजी से बदलती है। हमें उम्मीद है कि इस बार भी ऐसा होगा और इससे हमारे गेंदबाजों को मदद मिलेगी।'
देवदत्त पडिक्कल-केएल राहुल
- फोटो : PTI
शतक के बाद जश्न का मूड नहीं
पहला टेस्ट शतक लगाने की खुशी के बावजूद पडिक्कल ने किसी बड़े जश्न की योजना नहीं बनाई। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बड़ी उपलब्धि के बाद जोरदार जश्न मनाते हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'नहीं, मैं थका हुआ हूं। अब बस वापस जाकर सोने वाला हूं।'
पहला टेस्ट शतक लगाने की खुशी के बावजूद पडिक्कल ने किसी बड़े जश्न की योजना नहीं बनाई। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बड़ी उपलब्धि के बाद जोरदार जश्न मनाते हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'नहीं, मैं थका हुआ हूं। अब बस वापस जाकर सोने वाला हूं।'