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आईपीएल 2026: पहले ही मैच में चेन्नई की कई कमजोरियां हुईं उजागर, बल्लेबाजी-गेंदबाजी फ्लॉप; आसान नहीं आगे की राह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: Swapnil Shashank
Updated Tue, 31 Mar 2026 03:45 PM IST
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सार
चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 127 रन बनाए और सभी विकेट गंवा दिए। इसके बाद राजस्थान ने गुवाहाटी में चेज करते हुए 12.1 ओवर में दो विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ अर्धशतक जमाया।
सैमसन, हेनरी और कप्तान ऋतुराज
- फोटो : ANI
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विस्तार
चेन्नई सुपरकिंग्स ने आईपीएल 2026 का आगाज हार के साथ किया है। सोमवार को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में चेन्नई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। पहले ही मैच में चेन्नई की कई कमजोरियां उजागर हो गई हैं, जो इस सीजन में टीम की राह मुश्किल कर सकती हैं। आइए जानते हैं टीम में क्या कमियां रहीं...
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मिडिल ऑर्डर में अनुभव की कमी
चेन्नई सुपर किंग्स के मिडिल ऑर्डर में अनुभव की कमी साफतौर पर पहले ही मैच में दिखाई दिए। संजू सैमसन और ऋतुराज के सस्ते में आउट होने के बाद टीम की लड़खड़ाती हुई पारी को संभालने वाला कोई बल्लेबाज नजर नहीं आया। आयुष म्हात्रे, मैथ्यू शॉर्ट जैसे बल्लेबाजों से चेन्नई की पारी बुनने की उम्मीद नहीं कर सकती है।
वहीं, घरेलू क्रिकेट में सरफराज ने बेशक खूब रन बनाए हैं, लेकिन आईपीएल में उनका रिकॉर्ड कोई बहुत अच्छा नहीं रहा है। कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर अभी काफी युवा हैं। अनुभव के नाम पर चेन्नई के मध्यक्रम में सिर्फ शिवम दुबे एक बल्लेबाज नजर आते हैं। यह भी सच्चाई है कि दुबे हर मुकाबले में टीम की नैया को शायद अकेले पार ना लगा सकें।
चेन्नई सुपर किंग्स के मिडिल ऑर्डर में अनुभव की कमी साफतौर पर पहले ही मैच में दिखाई दिए। संजू सैमसन और ऋतुराज के सस्ते में आउट होने के बाद टीम की लड़खड़ाती हुई पारी को संभालने वाला कोई बल्लेबाज नजर नहीं आया। आयुष म्हात्रे, मैथ्यू शॉर्ट जैसे बल्लेबाजों से चेन्नई की पारी बुनने की उम्मीद नहीं कर सकती है।
वहीं, घरेलू क्रिकेट में सरफराज ने बेशक खूब रन बनाए हैं, लेकिन आईपीएल में उनका रिकॉर्ड कोई बहुत अच्छा नहीं रहा है। कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर अभी काफी युवा हैं। अनुभव के नाम पर चेन्नई के मध्यक्रम में सिर्फ शिवम दुबे एक बल्लेबाज नजर आते हैं। यह भी सच्चाई है कि दुबे हर मुकाबले में टीम की नैया को शायद अकेले पार ना लगा सकें।
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फिनिशर की कमी
सिर्फ मिडिल ऑर्डर ही नहीं बल्कि चेन्नई सुपरकिंग्स को इस सीजन एक दमदार फिनिशर की कमी भी खल सकती है। डेवाल्ड ब्रेविस यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, लेकिन वह चोटिल हैं और उन्हें पूरी तरह से फिट होने में कितना समय लगेगा यह कहना मुश्किल है। एमएस धोनी भी दो हफ्ते के लिए उपलब्ध नहीं हैं। टीम प्रशांत वीर और उर्विल पटेल को यह रोल दे सकती है, लेकिन इन दोनों के पास अनुभव की कमी है।
सिर्फ मिडिल ऑर्डर ही नहीं बल्कि चेन्नई सुपरकिंग्स को इस सीजन एक दमदार फिनिशर की कमी भी खल सकती है। डेवाल्ड ब्रेविस यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, लेकिन वह चोटिल हैं और उन्हें पूरी तरह से फिट होने में कितना समय लगेगा यह कहना मुश्किल है। एमएस धोनी भी दो हफ्ते के लिए उपलब्ध नहीं हैं। टीम प्रशांत वीर और उर्विल पटेल को यह रोल दे सकती है, लेकिन इन दोनों के पास अनुभव की कमी है।
कमजोर गेंदबाजी अटैक
चेन्नई का गेंदबाजी अटैक इस सीजन टीम के लिए सबसे बड़ी समस्या बन सकता है। मैट हेनरी का रिकॉर्ड टी-20 में कोई बहुत अच्छा नहीं रहा है और इसका उदाहरण पहले ही मैच में देखने को भी मिला। राजस्थान के खिलाफ हेनरी ने तीन ओवर के स्पेल में ही 40 रन खर्च कर दिए थे। खलील अहमद और अंशुल कंबोज से टीम दमदार प्रदर्शन की उम्मीद कर सकती है।
हालांकि, खलील विकेट निकालने की काबिलियत तो रखते हैं, लेकिन वह काफी महंगे साबित होते हैं। स्पिन विभाग में नामी गेंदबाज के तौर पर टीम के पास सिर्फ नूर अहमद और अकील हुसैन ही दिखाई दे रहे हैं। चेन्नई के साथ दिक्कत यह है कि इन दोनों विदेशी गेंदबाजों को टीम एक साथ प्लेइंग इलेवन में नहीं खिला सकती है। नूर राजस्थान के खिलाफ रनों पर लगाम लगाने में भी विफल रहे थे। चेन्नई सुपर किंग्स के सामने कई बड़े सवाल नजर आ रहे हैं, जिसका जवाब टीम मैनेजमेंट को जल्द से जल्द खोजना होगा।
चेन्नई का गेंदबाजी अटैक इस सीजन टीम के लिए सबसे बड़ी समस्या बन सकता है। मैट हेनरी का रिकॉर्ड टी-20 में कोई बहुत अच्छा नहीं रहा है और इसका उदाहरण पहले ही मैच में देखने को भी मिला। राजस्थान के खिलाफ हेनरी ने तीन ओवर के स्पेल में ही 40 रन खर्च कर दिए थे। खलील अहमद और अंशुल कंबोज से टीम दमदार प्रदर्शन की उम्मीद कर सकती है।
हालांकि, खलील विकेट निकालने की काबिलियत तो रखते हैं, लेकिन वह काफी महंगे साबित होते हैं। स्पिन विभाग में नामी गेंदबाज के तौर पर टीम के पास सिर्फ नूर अहमद और अकील हुसैन ही दिखाई दे रहे हैं। चेन्नई के साथ दिक्कत यह है कि इन दोनों विदेशी गेंदबाजों को टीम एक साथ प्लेइंग इलेवन में नहीं खिला सकती है। नूर राजस्थान के खिलाफ रनों पर लगाम लगाने में भी विफल रहे थे। चेन्नई सुपर किंग्स के सामने कई बड़े सवाल नजर आ रहे हैं, जिसका जवाब टीम मैनेजमेंट को जल्द से जल्द खोजना होगा।