PSL पर संकट के बादल: वॉर्नर-स्मिथ समेत विदेशी खिलाड़ियों को मिली धमकी, कहा गया- पाकिस्तान मत आओ! अगर आए तो...
पाकिस्तान सुपर लीग 2026 से पहले विदेशी खिलाड़ियों को एक सशस्त्र संगठन ने धमकी दी है, जिससे टूर्नामेंट पर संकट गहरा गया है। डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। अब पीसीबी के सामने सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के एक सशस्त्र संगठन 'जमात-उल-अहरार' ने विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान सुपर लीग में हिस्सा न लेने की चेतावनी दी है। इस सूची में डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ और डेरिल मिचेल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि अगर खिलाड़ी पाकिस्तान आते हैं, तो उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।
जमात-उल-अहरार के एक कमांडर ने द संडे गार्डियन से कहा, 'हम संबंधित क्रिकेट बोर्ड्स से कहना चाहते हैं कि वे अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान न भेजें। अगर उनके साथ कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी।' उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, 'हम अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव कदम उठाएंगे ताकि मैच न हो सकें और खिलाड़ी मैदान पर न उतरें।'
🔴 JUST IN 🇵🇰
— Islamabad Post (@ISBPost) March 23, 2026
Armed opposition groups in Pakistan have issued a statement urging all foreign players participating in the Pakistan Super League (PSL) cricket matches to avoid traveling to Pakistan, stating that their security is not guaranteed and there is a risk of harm.
The… pic.twitter.com/caf7Tim1ep
इससे पहले पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने पुष्टि की थी कि पीएसएल 2026 को सीमित शहरों में और बंद दरवाजों के पीछे आयोजित किया जाएगा। इसके पीछे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और बढ़ती ईंधन कीमतों को कारण बताया गया था। हालांकि, अब इन धमकियों के बाद PCB के सामने सुरक्षा सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
इस बार पाकिस्तान सुपर लीग में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं, जिनमें एडम जैम्पा, मोईन अली और डेवोन कॉनवे जैसे नाम शामिल हैं। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इन खिलाड़ियों की भागीदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई खिलाड़ी और उनके बोर्ड अब सुरक्षा को लेकर पुनर्विचार कर सकते हैं।
पाकिस्तान सुपर लीग का आगाज 26 मार्च से होना है, लेकिन अब सबकी नजर पीसीबी और विदेशी खिलाड़ियों के फैसले पर टिकी है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो टूर्नामेंट के आयोजन पर असर पड़ सकता है या कई बड़े खिलाड़ी इससे बाहर हो सकते हैं।