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Racism in Cricket: भारत के पूर्व क्रिकेटर का बड़ा आरोप, बोले- भारतीय खिलाड़ी ही मुझ पर करते थे नस्लीय टिप्पणी

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: Swapnil Shashank Updated Wed, 25 Mar 2026 12:44 PM IST
सार

पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का खुलासा चौंका देने वाला है। उन्होंने जो खुलासे किए हैं, इससे तूफान मच सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मैदान पर क्रिकेटर्स और फैंस ने कई गलत नामों से पुकारा। इसकी वजह से उन्हें कई बार परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।

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Laxman Sivaramakrishnan Makes Shocking Revelation, Says Indian Players Made Racist Remarks Against Him
व्हाइट जर्सी में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन और कमेंट्री करते हुए भी; साथ में गावस्कर और मुरली - फोटो : Twitter
कभी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही लंबा न रहा हो, लेकिन उन्होंने खेल के मैदान पर अपनी फिरकी से सलीम मलिक और इमरान खान समेत कई दिग्गजों को परेशान किया। हालांकि, उनकी प्रतिभा और शुरुआती शानदार प्रदर्शन के बावजूद, वह आगे चलकर उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।


अब उन्होंने खुलासा किया है कि इसका कारण केवल उनकी प्रतिभा या खेल में सुधार की कमी ही नहीं थी, बल्कि उनके साथ ही नस्लीय टिप्पणी भी थी। हाल ही में एक इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक इंटरव्यू में, शिवरामकृष्णन ने अन्य कारणों के बारे में खुलकर बात की। उनका कहना है कि अन्य कारणों ने भी उन पर एक गहरा मानसिक घाव छोड़ा है, जिसे मिटाना उनके लिए मुश्किल रहा है। शिवरामकृष्णन ने कहा कि नस्लवाद की घटनाओं से उन्हें बार-बार गुजरना पड़ा।
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Laxman Sivaramakrishnan Makes Shocking Revelation, Says Indian Players Made Racist Remarks Against Him
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन - फोटो : Twitter
बचपन का पहला कड़वा अनुभव
'द इंडियन एक्सप्रेस' को दिए इंटरव्यू के मुताबिक, शिवरामकृष्णन के जीवन के साथ पहली नस्लीय घटना तब हुई, जब वह केवल 14 वर्ष के थे। वह चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में भारतीय टीम के लिए नेट गेंदबाज के तौर पर शामिल हुए थे। अपनी जर्सी में ही वह स्टेडियम के एक छोटे से कमरे में कपड़े बदलने के लिए दौड़े, तभी एक वरिष्ठ भारतीय बल्लेबाज ने उन्हें पुकारा। शिवरामकृष्णन ने बताया कि उस वरिष्ठ भारतीय खिलाड़ी ने उनसे उनके जूते साफ करने को कहा।

इस टिप्पणी से स्तब्ध शिवरामकृष्णन ने याद करते हुए कहा, 'मैंने बस उनकी ओर देखा और कहा- यह मेरा काम नहीं है, आप जो करना चाहते हैं वह करें।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उस वरिष्ठ खिलाड़ी ने उन्हें ग्राउंड स्टाफ समझ लिया था। शिवरामकृष्णन ने बताया, 'मुझे नहीं पता था कि नस्लवाद या रंग भेद क्या होता है। मैं बस सोच रहा था कि इस आदमी को इस तरह से प्रतिक्रिया क्यों करनी पड़ी।'

यह भी पढ़ें: एल. शिवरामकृष्णन का दर्दनाक अनुभव: कैसे लगी थी शराब की लत, क्यों बोले- नींद खुलती थी तो लगता था कि मर जाऊंगा?
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Laxman Sivaramakrishnan Makes Shocking Revelation, Says Indian Players Made Racist Remarks Against Him
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन - फोटो : Twitter
साथियों ने कहा 'करुपा' और भीड़ की नस्लीय टिप्पणियां
यह घटना कोई अकेली नहीं थी। शिवरामकृष्णन ने बताया कि तमिलनाडु की टीम में  प्रमुख खिलाड़ियों ने उन्हें 'करुपा' (काले रंग वाला) कहकर बुलाया। मुंबई, चंडीगढ़ और जालंधर जैसे शहरों में जब वह बाउंड्री के पास फील्डिंग करते थे, तो भीड़ अक्सर 'कालिया, तेरा क्या होगा' चिल्लाती थी, जो उनके त्वचा के रंग का मजाक उड़ाता था। एक अन्य नस्लवाद की घटना का जिक्र करते हुए, शिवरामकृष्णन ने खुलासा किया कि कैसे एक वरिष्ठ भारतीय खिलाड़ी ने उनके 17वें जन्मदिन पर लाए गए केक से उनकी त्वचा के रंग की तुलना की थी। यह सुनील गावस्कर ही थे जिन्हें उन्हें शांत करना पड़ा, जब वे रोते हुए केक काट रहे थे।
Laxman Sivaramakrishnan Makes Shocking Revelation, Says Indian Players Made Racist Remarks Against Him
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन - फोटो : Twitter
जन्मदिन पर क्यों रोए थे शिवरामकृष्णन?
शिवरामकृष्णन के मुताबिक, 'एक वरिष्ठ खिलाड़ी ने कहा था- हे सनी, तुमने सही रंग का केक ऑर्डर किया है। एक काले लड़के के लिए इतना डार्क चॉकलेट केक।' उन्होंने कहा, 'मैं रोने लगा और केक काटने से इनकार कर दिया। सुनील गावस्कर को मुझे शांत करना पड़ा और फिर मैंने रोते हुए केक काटा।' शिवरामकृष्णन के ये खुलासे क्रिकेट में मौजूद नस्लवाद की गहरी जड़ों को उजागर करते हैं। यह दर्शाता है कि कैसे खेल के मैदान पर प्रतिभा के साथ-साथ व्यक्तिगत गरिमा और सम्मान भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुभव उन युवा खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी हैं जो शायद ऐसी ही परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं।
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लक्ष्मण शिवरामकृष्णन - फोटो : Twitter
बीसीसीआई पर भी लगाए गंभीर आरोप
शिवरामकृष्णन ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर गंभीर नस्लवाद और भेदभाव का आरोप लगाते हुए 20 मार्च को 23 वर्षों के लंबे कमेंट्री करियर से संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने बीसीसीआई पर अवसरों की कमी का आरोप लगाया और सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। शिवरामकृष्णन ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि दो दशकों से अधिक समय तक कमेंट्री सेटअप का हिस्सा होने के बावजूद, उन्हें लगातार टॉस ड्यूटी और मैच के बाद की प्रेजेंटेशन सेरेमनी जैसी प्रमुख ऑन-एयर रोल से दूर किया गया। जब किसी ने उन्हें सुझाव दिया कि नस्ल भेदभाव का एक कारण हो सकता है, तो शिवरामकृष्णन ने जवाब दिया, 'आप सही कह रहे हैं। रंग भेद।' इसके तुरंत बाद उन्होंने घोषणा की, 'मैं बीसीसीआई के लिए कमेंट्री से संन्यास ले रहा हूं।'


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