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Hindi News ›   Cricket ›   R Ashwin Compares Gautam Gambhir's Approach With Rahul Dravid's, Flags India's Biggest ODI Concern

Gambhir vs Dravid: क्या गौतम गंभीर की रणनीति में है बड़ी खामी? रविचंद्रन अश्विन ने राहुल द्रविड़ से की तुलना

Fri, 24 Jul 2026 02:37 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 24 Jul 2026 02:37 PM IST
सार

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज हारने के बाद रविचंद्रन अश्विन ने टीम इंडिया की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा कोच गौतम गंभीर के 'बिट्स एंड पीसेज' खिलाड़ियों पर भरोसे की आलोचना की और राहुल द्रविड़ के दौर की स्पष्ट रणनीति की तारीफ की। अश्विन ने विश्व कप 2027 से पहले 17-18 खिलाड़ियों का तय पूल बनाने की सलाह दी।

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R Ashwin Compares Gautam Gambhir's Approach With Rahul Dravid's, Flags India's Biggest ODI Concern
गंभीर और द्रविड़ - फोटो : ANI

विस्तार

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद टीम इंडिया की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी के लिए टीम में स्पष्ट रणनीति की जरूरत है। उन्होंने मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर के दृष्टिकोण की तुलना पूर्व कोच राहुल द्रविड़ से करते हुए कहा कि मौजूदा टीम प्रबंधन 'बिट्स एंड पीसेज' खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा कर रहा है।
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द्रविड़ के दौर में थी स्पष्ट रणनीति
 
  • अश्विन ने कहा कि 2023 विश्व कप में हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के बाद भी राहुल द्रविड़ और टीम प्रबंधन ने घबराहट नहीं दिखाई। उन्होंने टीम संयोजन में स्पष्टता बनाए रखी और पांच गेंदबाजों के साथ फाइनल तक का सफर तय किया।
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  • अश्विन ने कहा, 'अगर हार्दिक नहीं हैं तो नितीश कुमार रेड्डी, फिर शिवम दुबे का नाम आता है। लेकिन जो खिलाड़ी उपलब्ध ही नहीं हैं, उनके बारे में बार-बार बात करने का कोई मतलब नहीं है। 2023 विश्व कप में हार्दिक के चोटिल होने के बाद टीम ने छठे गेंदबाज की तलाश में भटकने के बजाय पांच गेंदबाजों के साथ अलग रणनीति अपनाई। इससे टीम में स्पष्टता बनी रही और भारत फाइनल तक पहुंचा।'
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'बिट्स एंड पीसेज' खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा ठीक नहीं
अश्विन का मानना है कि मौजूदा टीम प्रबंधन विशेषज्ञ खिलाड़ियों की बजाय ऐसे क्रिकेटरों पर अधिक भरोसा कर रहा है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में थोड़ा-थोड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने कहा, 'बिट्स एंड पीसेज खिलाड़ियों को लेकर मौजूदा टीम प्रबंधन का आकर्षण काफी ज्यादा रहा है। शायद यही वजह है कि टेस्ट क्रिकेट में भी हमें संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि वहां विशेषज्ञ खिलाड़ियों की जरूरत होती है। टीम प्रबंधन को ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो बल्ले और गेंद दोनों से अकेले मैच जिताने की क्षमता रखते हों।'

विश्व कप से पहले 17-18 खिलाड़ियों का तय हो पूल
अश्विन ने सुझाव दिया कि भारत को अब खिलाड़ियों के चयन को लेकर भ्रम खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि अगले 14 महीनों के लिए 17-18 खिलाड़ियों का एक निश्चित समूह तय कर देना चाहिए और उसी में खिलाड़ियों को घुमाकर सर्वश्रेष्ठ संयोजन तैयार करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'सबसे पहले चयन को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए। 17-18 खिलाड़ियों का एक पूल तय कर दीजिए और उन्हें बता दीजिए कि अगले 14 महीनों तक विश्व कप की टीम इसी समूह से चुनी जाएगी। इस पूल में दो विकेटकीपर, तीन स्पिनर और पांच तेज गेंदबाज होने चाहिए। इसी समूह में रोटेशन करके विश्व कप के पहले मैच तक सर्वश्रेष्ठ अंतिम एकादश तैयार की जानी चाहिए। फिलहाल टीम में स्पष्टता की काफी कमी नजर आती है।'
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