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Dehradun News: कर्मचारियों व पेंशनरों के इलाज में 248 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान
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- अब तक कैशलेस इलाज पर 771 करोड़ रुपये किए खर्च
- कर्मचारियों व पेंशनरों के अंशदान से प्रति माह मिल रहे 12 करोड़, खर्र्च हो रहा 22 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो
भराड़ीसैंण। राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत कर्मचारियों व पेंशनरों के इलाज का 248 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान है। इसमें 180 करोड़ रुपये कैशलेस इलाज व 68 करोड़ रुपये चिकित्सा प्रतिपूर्ति के हैं। प्रदेश सरकार अंशदान व खर्च के बीच का अंतर कम करने के लिए अंशदान बढ़ाने पर कर्मचारियों की सहमति लेगी।
कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए सरकार ने वर्ष 2021 में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना शुरू की थीं। कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए यह अंशदान आधारित योजना है। कर्मचारियों व पेंशनरों के अंशदान से प्रति माह 12 करोड़ रुपये आता है। जबकि इलाज पर 22 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 2024-25 में 1.18 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों का कैशलेस इलाज किया गया। इस पर 275 करोड़ की राशि खर्च हुई है। इस साल अब तक 50 हजार से अधिक कर्मचारियों के इलाज 3.24 करोड़ खर्च हो चुका है। प्रदेश सरकार ने सूचीबद्ध अस्पतालों का भुगतान करने के लिए 112 करोड़ रुपये ऋण के रूप में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को दिए हैं। वर्तमान में कर्मचारियों के चिकित्सा से संबंधित 37 हजार से अधिक मामले लंबित हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
भराड़ीसैंण। राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत कर्मचारियों व पेंशनरों के इलाज का 248 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान है। इसमें 180 करोड़ रुपये कैशलेस इलाज व 68 करोड़ रुपये चिकित्सा प्रतिपूर्ति के हैं। प्रदेश सरकार अंशदान व खर्च के बीच का अंतर कम करने के लिए अंशदान बढ़ाने पर कर्मचारियों की सहमति लेगी।
कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए सरकार ने वर्ष 2021 में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना शुरू की थीं। कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए यह अंशदान आधारित योजना है। कर्मचारियों व पेंशनरों के अंशदान से प्रति माह 12 करोड़ रुपये आता है। जबकि इलाज पर 22 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 2024-25 में 1.18 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों का कैशलेस इलाज किया गया। इस पर 275 करोड़ की राशि खर्च हुई है। इस साल अब तक 50 हजार से अधिक कर्मचारियों के इलाज 3.24 करोड़ खर्च हो चुका है। प्रदेश सरकार ने सूचीबद्ध अस्पतालों का भुगतान करने के लिए 112 करोड़ रुपये ऋण के रूप में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को दिए हैं। वर्तमान में कर्मचारियों के चिकित्सा से संबंधित 37 हजार से अधिक मामले लंबित हैं।
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