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वृक्षों के पर्यावरणीय, वैज्ञानिक के साथ ही धार्मिक पहलवानों से रूबरू कराएगा वन विभाग

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2020 05:32 PM IST
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Along with environmental scientific information of trees, now the forest department will also give religious information!
माय सिटी रिपोर्टर देहरादून हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और इस्लाम धर्म के धार्मिक ग्रंथों में उल्लेखित धार्मिक महत्व के पेड़ पौधों से लोग रूबरू हो सकें,इसके लिए वन विभाग अनुसंधान शाखा की ओर से हल्द्वानी में बायोडायवर्सिटी पार्क में सर्वधर्म वाटिका तैयार की गई है। सर्वधर्म वाटिका में हिंदू, इस्लाम, सिख, बौद्ध और ईसाई धर्म से जुड़े उन तमाम के पौधों को लगाया गया है। जिनका उल्लेख इन धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। सर्वधर्म वाटिका में जहां हिंदू धर्म से जुड़े मौलश्री, श्रीकृष्ण वट, कदंब, वैजयंती, , रुद्राक्ष, बेल , मदार जैसे पेड़ पौधे लगाए गए हैं वहीं इस्लाम धर्म से जुड़े धार्मिक महत्व के पेड़ पौधों मसलन अनार, खजूर,अंजीर और नीम के पेड़ लगाए गए हैं। वन अनुसंधान शाखा के निदेशक व मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी के मुताबिक सर्वधर्म वाटिका में ईसाई धर्म से जुड़े धार्मिक महत्व के पेड़-पौधों मसलन क्रिसमस ट्री, ओक, जेसीबी गणों को लगाया गया है वही सिख धर्म से जुड़े पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब में उल्लेखित रीठा, बेर, इमली और नीम जैसे धार्मिक महत्व के पेड़ पौधों को लगाया गया है। इसके अलावा बौद्ध धर्म से जुड़े अशोक और जैन धर्म से जुड़े आम के पेड़ों को भी लगाया गया है। मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी की माने तो हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और इस्लाम धर्म में इन तमाम पेड़ पौधों के पर्यावरणीय महत्व के साथ ही इनके धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व को भी उजागर किया गया है। ------------ शिव वाटिका और कृष्ण वाटिका में धार्मिक महत्व के वृक्षों का अद्भुत नजारा वन अनुसंधान शाखा के विशेषज्ञों के मुताबिक बायोडायवर्सिटी पार्क में शिव वाटिका और कृष्ण वाटिका की स्थापना की गई है। कृष्ण वाटिका में जहां भगवान श्रीकृष्ण को बेहद प्रिय वैजयंती के पेड़ लगाए गए हैं, वहीं धार्मिक महत्व के कदंब, मौलश्री और कृष्ण वट के भी पेड़ पौधों को भी लगाया गया है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण कदम्ब पेड़ों के नीचे रासलीलाएं करते थे, वही मौलश्री के नीचे बैठकर बांसुरी बजाते थे। जहां तक शिव वाटिका का सवाल है तो भगवान शिव को बेहद प्रिय रुद्राक्ष, मदार, बेल और हरसिंगार के पेड़ पौधों को लगाया गया है ---------- बायोडायवर्सिटी पार्क में लगाए गए हैं 500 प्रजातियों के पेड़ पौधे देश दुनिया में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के पेड़, पौधे, झाड़ियों और फूलों से आमजन रूबरू हो सके इसके लिए बायोडायवर्सिटी पार्क में 500 प्रजातियों के पेड़ पौधे, फूलों और झाड़ियों की प्रजातियां लगाई गई हैं। वन अनुसंधान शाखा के विशेषज्ञों के मुताबिक बायोडायवर्सिटी पार्क में 100 प्रजाति के पेड़ जिसमें आंवला, आम, कदम्ब, मौलश्री, वैजयंती, खजूर, अंजीर, रुद्राक्ष शामिल हैं वहीं औषधीय प्रजातियों के पेड़ पौधे लगाए गए हैं जिसमें कपूर, तेजपात, आंवला, हरड़, बहेड़ा, अर्जुन समेत कई प्रजातियों के पेड़ पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही बायोडायवर्सिटी पार्क में 65 औषधीय प्रजातियों के साथ ही पाम की 60 प्रजातियों के पेड़ और कैक्टस की 50 प्रजातियों को लगाया गया है। पार्क में बांस की 26 प्रजातियों को लगाया गया है। ------------ आमजन हिंदू, सिख, ईसाई, इस्लाम और बौद्ध धर्म से जुड़े धार्मिक महत्व के पेड़ पौधों से रूबरू हो सकें इसके लिए सर्वधर्म वाटिका की स्थापना की गई है। जिसमें इन तमाम धर्मों से जुड़े धार्मिक महत्व के पेड़ पौधों को लगाया गया है। वाटिका में लगाए गए इन तमाम पेड़ पौधों के वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व को भी दर्शाया गया है। पूरे देश में यह इकलौती सर्वधर्म वाटिका है। जिसमें धार्मिक महत्व के पेड़ पौधों के संरक्षण पर जोर दिया गया है ---संजीव चतुर्वेदी मुख्य वन संरक्षक एवम निदेशक वन अनुसंधान शाखा
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