अंकिता के माता-पिता का दिल्ली में धरना: समर्थन में गए राहुल-प्रियंका, भाजपा ने कहा- मामले में की सख्त कार्रवाई
अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह व माता सोनी देवी न्याय के लिए इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्हें समर्थन देने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे। वहीं, उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश पर सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। सरकार मामले को लेकर संवेदनशील है।
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भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करने के विरोध में अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पहुंच कर उनका समर्थन किया। गौतम की नियुक्ति से फिर से उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में सियासत गरमा गई है।
बुधवार को अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह व माता सोनी देवी न्याय के लिए इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने बेटी की हत्या मामले में वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। पिता वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद पर नियुक्त न किया जाए। उन्होंने सवाल किया कि हत्याकांड मामले में वीआईपी का नाम सामने आया तो फिर बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, अंकिता भंडारी को न्याय और मामले से जुड़े हर सवाल का जवाब मिले। किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को जांच से ऊपर न माना जाए। कांग्रेस की ओर से न्याय की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक अंकिता और उसके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता है।
मैं इंसाफ की लड़ाई में शामिल : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला लेकिन मामले में वीआईपी को संरक्षण और सांविधानिक पद का इनाम जरूर मिला। महिला विरोधी बीजेपी से न्याय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। मैं और कांग्रेस पार्टी अंकिता के माता-पिता के दुख और इंसाफ की लड़ाई में शामिल हैं।
अंकिता प्रकरण में संवेदनशीलता दिखाई, की सख्त कार्रवाई : भट्ट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश पर सरकार ने त्वरित कार्रवाई की, निष्पक्ष जांच हुई, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के लिए अहम कदम उठाए गए। घटना सामने आने के बाद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी से लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन, अभियोजन की व्यवस्था और परिवार की मांगों पर निर्णय लेने तक सरकार ने इस संवेदनशील प्रकरण को गंभीरता से लिया।
भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है। घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। प्रकरण की गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की। प्रकरण की जांच के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मामले की पैरवी की। आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता-पिता की मांग पर मामले की पैरवी कर रहे सरकारी अधिवक्ता बदले और सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके अलावा सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त परिवार के सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने के कदम भी उठाए गए। वहीं, इस मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का विषय केवल एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, संवेदनशील शासन और कानून के प्रति विश्वास से भी जुड़ा है। कहा कि इस प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से उठाए गए कदम जवाबदेही और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।