{"_id":"69c45407d3ea3c4b7804aa7e","slug":"authentic-repository-of-indian-knowledge-tradition-to-be-accessible-via-digital-medium-governor-dehradun-news-c-5-drn1043-929997-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजिटल माध्यम से मिलेगा भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमाणिक भंडार : राज्यपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिजिटल माध्यम से मिलेगा भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमाणिक भंडार : राज्यपाल
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बुधवार को लोक भवन में श्री देव सुमन उत्तराखंड विवि की ओर से विकसित प्रज्ञानम् एआई चैटबॉट का लोकार्पण किया। प्रज्ञानम् एआई चैटबॉट भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चैटबॉट भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े विषयों पर जिज्ञासुओं के प्रश्नों का त्वरित, सटीक एवं संदर्भ आधारित उत्तर प्रदान करने में सक्षम है। इसे विवि की ओर से वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च पहल के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा पर किए गए शोध कार्यों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुत विषयवस्तु के आधार पर विकसित किया गया है।
यह चैटबॉट विशेष रूप से वेद, उपनिषद, पुराण, प्राचीन भारतीय गणित, नाट्यशास्त्र, संगीत, आयुर्वेद, दर्शन एवं भारतीय विज्ञान जैसे विषयों पर आधारित विस्तृत डेटाबेस पर निर्मित है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित प्रमाणिक जानकारी डिजिटल माध्यम से सरल एवं त्वरित रूप में उपलब्ध कराना है। चैटबॉट pragyanam.live/ पर ऑनलाइन उपलब्ध हो गया है, जहां आम नागरिक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी इसे आसानी से उपयोग कर सकते हैं। लोकार्पण कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा वेद, पुराण उपनिषद और प्राचीन सभ्यता में निहित ज्ञान आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। प्रज्ञानम् जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस अमूल्य ज्ञान को 21वीं सदी की आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकेगा। यह चैटबॉट न केवल जिज्ञासाओं का समाधान करेगा, बल्कि शोध आधारित और प्रमाणिक जानकारी प्रदान कर उपयोगकर्ताओं को भारतीय ज्ञान की गहराई
Trending Videos
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बुधवार को लोक भवन में श्री देव सुमन उत्तराखंड विवि की ओर से विकसित प्रज्ञानम् एआई चैटबॉट का लोकार्पण किया। प्रज्ञानम् एआई चैटबॉट भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चैटबॉट भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े विषयों पर जिज्ञासुओं के प्रश्नों का त्वरित, सटीक एवं संदर्भ आधारित उत्तर प्रदान करने में सक्षम है। इसे विवि की ओर से वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च पहल के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा पर किए गए शोध कार्यों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुत विषयवस्तु के आधार पर विकसित किया गया है।
यह चैटबॉट विशेष रूप से वेद, उपनिषद, पुराण, प्राचीन भारतीय गणित, नाट्यशास्त्र, संगीत, आयुर्वेद, दर्शन एवं भारतीय विज्ञान जैसे विषयों पर आधारित विस्तृत डेटाबेस पर निर्मित है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित प्रमाणिक जानकारी डिजिटल माध्यम से सरल एवं त्वरित रूप में उपलब्ध कराना है। चैटबॉट pragyanam.live/ पर ऑनलाइन उपलब्ध हो गया है, जहां आम नागरिक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी इसे आसानी से उपयोग कर सकते हैं। लोकार्पण कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा वेद, पुराण उपनिषद और प्राचीन सभ्यता में निहित ज्ञान आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। प्रज्ञानम् जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस अमूल्य ज्ञान को 21वीं सदी की आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकेगा। यह चैटबॉट न केवल जिज्ञासाओं का समाधान करेगा, बल्कि शोध आधारित और प्रमाणिक जानकारी प्रदान कर उपयोगकर्ताओं को भारतीय ज्ञान की गहराई
विज्ञापन
विज्ञापन