आजादी का अमृत महोत्सव: पिथौरागढ़ पहुंचे केंद्रीय कानून मंत्री, कहा- जनता तक न्याय पहुंचाने में पहले स्थान पर उत्तराखंड
विधिक एवं चिकित्सकीय शिविर का उद्घाटन केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया।
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पिथौरागढ़ में विधिक एवं चिकित्सकीय शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर का उद्घाटन केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया।
स्टॉल लगाकर की जा रही मरीजों की जांच
इस इस शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा चिकित्सा विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर मरीजों की जांच की जा रही है। जिले भर से जांच के लिए बड़ी संख्या में लोग इस शिविर में पहुंच रहे हैं। डीडीहाट के वनराजी भी जांच के लिए पहुंचे।
वहीं केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय को सरल बनाना है। ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके। वह भी पहाड़ से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए उनको पता है कि दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में न्याय सुलभ कराना आसान नहीं है। इसके बावजूद उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण आम जनता तक न्याय पहुंचाने में पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है।
उन्होंने कहा कि न्याय के लिए आम आदमी को ठोकरें खाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। लीगल वालेंटियर इस काम को बेहतर तरीके से कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित की तारीफ करते हुए कहा कि जिस समर्पित भाव के साथ उन्होंने आम जनता तक न्याय पहुंचाने के लिए कार्य किया, इसके लिए वह उनको सैल्यूट करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अधिकतर लोगों को पता ही नहीं होता है कि उन्हें न्याय कैसे मिले। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इसके लिए दाे अक्टूबर से 14 नवंबर तक विभिन्न गांव में विधिक शिविर आयोजित कर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया गया। सभा को उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र चौहान ने भी संबोधित किया। सभा संबोधन के बाद केंद्रीय कानून मंत्री और वरिष्ठ न्यायाधीश ने शिविर में आए दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए इसके बाद देव सिंह मैदान में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
नौ हजार करोड़ से हाईटेक होंगी अदालतें : रिजिजू
केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू ने कहा कि अंग्रेज जो कानून बनाकर गए हमें उस कानून पर नहीं चलना है। यदि हम आम आदमी तक न्याय नहीं पहुंचा सकते तो हम किस बात की खुशी मना सकते हैं। एक लंबा कानून लिखने से न्याय नहीं मिलता है। आम आदमी को न्याय मिले, इसके लिए काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह भी पहाड़ से ताल्लुक रखते हैं।इसलिए वह जानते हैं कि दूरदराज पर्वतीय क्षेत्रों में दिल्ली या पंजाब की तरह सेवाएं देना आसान नहीं है।
इसके बावजूद उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण ने देश भर में सबसे अच्छा काम किया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में वर्चुअल तरीके से न्यायालयों ने लोगों को न्याय दिया है। समय की मांग है कि न्यायालयों को हाईटेक किया जाए, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत हो गई है। इस धनराशि का केंद्र और राज्य के तालमेल से सदुपयोग किया जाएगा। उच्च न्यायालय से विचार-विमर्श करके लोअर जुडीशियरी को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।