पैनेसिया अस्पताल में आग: ट्रैफिक पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर, बीसी खंडूड़ी की अंतिम यात्रा का रूट बदला
ट्रैफिक पुलिस ने पैनेसिया से कैलाश अस्पताल तक के रास्ते को ग्रीन कॉरिडोर में बदल दिया ताकि किसी भी एंबुलेंस का रास्ता बाधित न हो। इस दौरान इस रास्ते से प्रस्तावित पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी की अंतिम यात्रा का रूट भी बदल दिया गया।
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हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया अस्पताल में बुधवार सुबह लगी आग ने कुछ ही मिनटों में अस्पताल को चीख-पुकार, धुएं और अफरा-तफरी के भयावह मंजर में बदल दिया। सूचना शासन-प्रशासन तक पहुंची तो दमकल, पुलिस, ट्रैफिक, स्वास्थ्य विभाग समेत सभी संबंधित महकमे अलर्ट पर आ गए।
कैलाश अस्पताल को भी हाई अलर्ट भेजा गया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने पैनेसिया से कैलाश अस्पताल तक के रास्ते को ग्रीन कॉरिडोर में बदल दिया ताकि किसी भी एंबुलेंस का रास्ता बाधित न हो। इस दौरान इस रास्ते से प्रस्तावित पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी की अंतिम यात्रा का रूट भी बदल दिया गया।
धुएं और आग के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था लेकिन फायर ब्रिगेड, पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने हिम्मत नहीं हारी। पैनेसिया अस्पताल का स्टाफ भी कंधे से कंधा मिलाकर राहत बचाव कार्य में जुटा रहा। इस दौरान पैनेसिया अस्पताल के चार कर्मचारी और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी की अंतिम यात्रा को छह नंबर पुलिया से होते हुए जोगीवाला से हरिद्वार के लिए निकाला गया। पुलिस अधिकारियों ने दूसरे मार्गों से आ रहे ट्रैफिक को कुछ देर के लिए रोका ताकि अस्पताल की ओर जाने वाले आपातकालीन वाहनों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। ट्रैफिक पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने में अहम भूमिका निभाई।
अग्निशमन विभाग ने भी तत्परता दिखाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम महज आठ मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। दमकल वाहन पहुंचते ही आग पर काबू पाने और अस्पताल के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में 12 दमकलकर्मियों समेत पुलिस और एसडीआरएफ के 30 से अधिक जवान जुटे रहे। धुएं और अफरा-तफरी के बीच जवानों ने जान जोखिम में डालकर राहत कार्य किया। अस्पताल में मौजूद मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समन्वित तरीके से कार्रवाई की गई।