{"_id":"697c75c3dac07314b903a0a5","slug":"badrinath-kedarnath-qr-code-case-uttarakhand-state-information-commission-delivered-its-verdict-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: बदरी-केदार क्यूआर कोड प्रकरण में फैसला; न्यायालय का हवाला देकर सूचना का अधिकार नहीं रोका जा सकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: बदरी-केदार क्यूआर कोड प्रकरण में फैसला; न्यायालय का हवाला देकर सूचना का अधिकार नहीं रोका जा सकता
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 30 Jan 2026 02:45 PM IST
विज्ञापन
सार
बदरी-केदार क्यूआर कोड प्रकरण में उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग ने सुनवाई करते हुए कहा कि न्यायालय का हवाला देकर सूचना का अधिकार नहीं रोका जा सकता है।
केदारनाथ धाम/ बदरीनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग ने बदरी-केदार धाम क्यूआर कोड प्रकरण की सुनवाई में फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि किसी मामले का न्यायालय से संबंधित होना सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना देने में बाधक नहीं है। आयोग ने बदरीनाथ कोतवाली के लोक सूचना अधिकारी को चेतावनी दी कि भविष्य में न्यायालय का हवाला देकर सूचना देने से इन्कार न किया जाए।
Trending Videos
सूचना आयुक्त कुशला नंद ने कहा कि यदि जांच पूरी हो चुकी है तो केवल प्रकरण के न्यायालय में लंबित होने के आधार पर सूचना रोकी नहीं जा सकती। सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत केवल वही सूचनाएं रोकी जा सकती हैं, जिनके प्रकाशन पर न्यायालय की ओर से रोक लगाई गई हो अथवा जिनसे जांच या अभियोजन की प्रक्रिया प्रभावित होती हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढे़ं...Uttarakhand: प्रदेश में प्री एसआईआर के तहत एक से 15 फरवरी तक विशेष अभियान, दूसरे चरण में इन पर रहेगा फोकस
यह मामला वर्ष 2023 में बदरीनाथ व केदारनाथ धामों में लगे क्यूआर कोड से जुड़ा है। आयोग के निर्णय पर बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने संतोष व्यक्त करते हुए प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

कमेंट
कमेंट X