{"_id":"6a95e169d197e1c8050be1ab","slug":"bail-rejected-for-two-accused-in-the-murder-of-a-bjp-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1089-1055303-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: बैरागीवाला में भाजपा नेता की हत्या के दो आरोपियों की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: बैरागीवाला में भाजपा नेता की हत्या के दो आरोपियों की जमानत खारिज
Tue, 01 Sep 2026 01:47 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने सहसपुर के बैरागीवाला में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के आरोपी जावेद और यूनुस की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले में अपराध की प्रकृति को गंभीर बताते हुए कहा कि दोनों आरोपियों को जमानत देने का कोई उचित आधार नहीं है।
13 जून को बैरागीवाला में विवाद के बाद भाजपा नेता विनोद कुमार पर लोहे की पंजी और लकड़ी के फट्ट से हमला किया गया था। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी, जबकि उनके दो भाई भी मारपीट में घायल हुए थे। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी और मामले ने सांप्रदायिक रंग भी ले लिया था।
आरोपी पक्ष और वादी के परिवार के बीच पुरानी रंजिश थी। घटना से पहले सिंचाई के पानी को लेकर भी विवाद हुआ था। आरोप है कि जावेद, युनूस और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वादी पक्ष के घर पर हमला किया और मारपीट की। इस दौरान विनोद कुमार के सिर पर लोहे की पंजी और लकड़ी के फट्ट से भी वार किया गया।
विज्ञापन
अदालत ने संकलित साक्ष्यों और मेडिकल प्रपत्रों का अवलोकन करते हुए अपराध को गंभीर माना। आरोपियों ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने और आपराधिक इतिहास न होने का तर्क दिया था। जावेद 15 जून और युनूस पांच अगस्त से जिला कारागार में बंद है।
विज्ञापन
13 जून को बैरागीवाला में विवाद के बाद भाजपा नेता विनोद कुमार पर लोहे की पंजी और लकड़ी के फट्ट से हमला किया गया था। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी, जबकि उनके दो भाई भी मारपीट में घायल हुए थे। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी और मामले ने सांप्रदायिक रंग भी ले लिया था।
विज्ञापन
आरोपी पक्ष और वादी के परिवार के बीच पुरानी रंजिश थी। घटना से पहले सिंचाई के पानी को लेकर भी विवाद हुआ था। आरोप है कि जावेद, युनूस और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वादी पक्ष के घर पर हमला किया और मारपीट की। इस दौरान विनोद कुमार के सिर पर लोहे की पंजी और लकड़ी के फट्ट से भी वार किया गया।
विज्ञापन
अदालत ने संकलित साक्ष्यों और मेडिकल प्रपत्रों का अवलोकन करते हुए अपराध को गंभीर माना। आरोपियों ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने और आपराधिक इतिहास न होने का तर्क दिया था। जावेद 15 जून और युनूस पांच अगस्त से जिला कारागार में बंद है।