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सोमनाथ स्वाभिमान दिवस सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना का प्रतीक : भट्ट
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- टपकेश्वर महादेव मंदिर में भाजपा ने आयोजित किया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। भाजपा महानगर की ओर से सोमनाथ स्वाभिमान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शिरकत की। रहे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस भारत की सनातन संस्कृति, आत्मगौरव और राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की उस आत्मा का प्रतीक है, जिसे अनेक बार आघात पहुंचाए गए लेकिन कभी झुकाया नहीं जा सका।
टपकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 मनाया जा रहा है, ताकि भावी पीढ़ियों को सनातन संस्कृति की अविरलता, जीवटता और संघर्षशीलता का संदेश दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि सोमनाथ मंदिर को बार-बार ध्वस्त किया गया लेकिन हर बार राष्ट्र की चेतना ने उसका पुनर्निर्माण किया। यह भारत की अटूट आस्था और स्वाभिमान की विजय का प्रतीक है। महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस विशेष रूप से युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का अवसर है। राज्यमंत्री सुरेश भट्ट ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास यह प्रमाणित करता है कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा अमर है। इसके पश्चात सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी महत्व पर विचार-विमर्श एवं बैठक की गई। इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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देहरादून। भाजपा महानगर की ओर से सोमनाथ स्वाभिमान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शिरकत की। रहे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस भारत की सनातन संस्कृति, आत्मगौरव और राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की उस आत्मा का प्रतीक है, जिसे अनेक बार आघात पहुंचाए गए लेकिन कभी झुकाया नहीं जा सका।
टपकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 मनाया जा रहा है, ताकि भावी पीढ़ियों को सनातन संस्कृति की अविरलता, जीवटता और संघर्षशीलता का संदेश दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि सोमनाथ मंदिर को बार-बार ध्वस्त किया गया लेकिन हर बार राष्ट्र की चेतना ने उसका पुनर्निर्माण किया। यह भारत की अटूट आस्था और स्वाभिमान की विजय का प्रतीक है। महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान दिवस विशेष रूप से युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का अवसर है। राज्यमंत्री सुरेश भट्ट ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास यह प्रमाणित करता है कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा अमर है। इसके पश्चात सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी महत्व पर विचार-विमर्श एवं बैठक की गई। इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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