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Dehradun News: ग्रामीण मार्गों से बसें नदारद ई-रिक्शा बने लाइफलाइन
Fri, 11 Sep 2026 02:00 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:00 AM IST
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पछवादून के ग्रामीण मार्गों पर निजी बसों का संचालन या तो अनियमित हो गया है या फिर पूरी तरह बंद हो चुका है। बसों की इस गैरमौजूदगी में अब ई-रिक्शा यात्रियों की आवाजाही का मुख्य सहारा बन गए हैं।हाल यह है कि क्षेत्र के हर ग्रामीण मार्ग पर न सिर्फ बड़ी संख्या में ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, बल्कि गांवों के प्रमुख चौराहों पर इनके स्टैंड भी बन गए हैं। पूर्व में विकासनगर क्षेत्र से देहरादून-डाकपत्थर के अलावा लांघा, मटोगी, मदर्सू, जीवनगढ़, बाढ़वाला, हरिपुर, अंबाड़ी, बरोटीवाला, ढालीपुर, कुल्हाल, सहसपुर के ग्रामीण क्षेत्रों और शिमला बाईपास आदि रास्तों पर बड़ी संख्या में नियमित रूप से बसें चलती थीं।लेकिन, बीते कुछ वर्षों से स्थिति पूरी तरह बदल गई है, जिससे ग्रामीणों की पूरी निर्भरता ई-रिक्शा पर आ गई है।यात्रियों को मिल रही घर से पिकअप की सुविधा : यात्रियों का मानना है कि ई-रिक्शा उनके लिए बसों से अधिक सुविधाजनक साबित हो रहे हैं। जीवनगढ़ निवासी अय्यूब, इकराम और रुद्रपुर निवासी अमित व सुरेश ने बताया कि अब बसों का कोई निर्धारित समय नहीं रह गया है, जबकि ई-रिक्शा सड़कों पर आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालकों ने स्थानीय लोगों को अपने फोन नंबर बांटे हुए हैं। एक फोन कॉल करने पर वे यात्रियों को उनके घर से ही बैठाने पहुंच जाते हैं।देहरादून-डाकपत्थर बस यूनियन के पूर्व अध्यक्ष साैरभ शर्मा ने बताया कि ग्रामीण मार्गों पर सवारी कम मिलने और डीजल-मेंटेनेंस का खर्च तक न निकल पाने के कारण बसों की संख्या लगातार घटी है। इसी वजह से कुछ रूट पूरी तरह बंद भी हुए हैं। इसके बावजूद यूनियन का हमेशा यही प्रयास रहता है कि सभी रूटों पर बसों का संचालन किसी तरह सुचारू रहे।
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