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सीएए : उत्तराखंड में पाकिस्तान, अफगानिस्तान के 159 लोगों को मिली नागरिकता

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 05:58 PM IST
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CAA: 159 people from Pakistan and Afghanistan get citizenship in Uttarakhand
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- नए कानून के तहत 198 लोगों ने किया भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन
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- पाकिस्तान व अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए हिंदुओं को दिया सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम- 2019 (सीएए) के तहत उत्तराखंड में रहने वाले पाकिस्तान व अफगानिस्तान के 159 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिली है। केंद्र व राज्य सरकार ने ऐसे हिंदू लोगों की गहनता से जांच पड़ताल करने के बाद उन्हें नागरिकता देने की मंजूरी दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने संसद में नागरिक संशोधन अधिनियम 1955 में सुधार करते हुए 2019 में बिल पारित किया था, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दी थी। एक्ट में किए गए संशोधन में 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए हिंदुओं को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान किया गया था। उस दौरान विपक्ष दलों ने इसका भारी विरोध किया।
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भारत में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश के अलावा अन्य किसी भी देश से आने वाले हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी, ईसाई लोगों को भारतीय नागरिकता दिए जाने की सूची में रखा गया है। सीएए कानून लागू होने के बाद भारत में अब तक 400 सौ लोगों को नागरिकता दी गई है। जबकि उत्तराखंड में गृह विभाग की गहन जांच के बाद पाकिस्तान से आए 153 और अफगानिस्तान से आए छह लोगों समेत कुल 159 लोगों को भारतीय नागरिकता देने का निर्णय लिया गया। कुल 198 लोगों ने आवेदन किए। इसमें पाकिस्तान के 189, अफगानिस्तान के छह, बांग्लादेश शरणार्थियों के तीन आवेदन शामिल हैं।
सीएएस के तहत अधीक्षक डाक के अधीन जिला स्तरीय समिति अनुशंसा करती है। निदेशक जनगणना के अधीन राज्य स्तरीय समिति अनुमोदन करती है। खुफिया ब्यूरो के माध्यम से आवेदनों की जांच की जाती है। एफआरआरओ, रेलवे व एनआईसी अपने-अपने प्रतिनिधि भेजते हैं। राज्य सरकार का भी एक प्रतिनिधि इसमें शामिल होता है। जानकारी के मुताबिक इनमें ज्यादातर हिंदू लोग पाकिस्तान के सिंध, बलूचिस्तान से है। इन लोगों के रिश्तेदार देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में रहते हैं। इस वजह से इन्हें यहां आश्रय मिला था। ऐसी भी जानकारी मिली है कि अखंड भारत के शक्तिपीठों में से एक माता हिंगलाज मंदिर के पुजारी परिवार ने भी भारत में शरण ली हुई थी, उन्हें भी भारत सरकार ने नागरिकता दी है।
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सीमा जागरण मंच ने की मदद
सीमा जागरण मंच ने शरणार्थियों की खोज करके उनसे संवाद स्थापित कर उनके आवेदन पत्र भरवाए और उन्हें गृह विभाग में दर्ज कराया। इसके बाद गृह विभाग की जांच एजेंसियों ने आवेदनों की जांच पड़ताल की।
.......कोट........
प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने सीएए में संशोधन करके भारत में शरण लेने वाले हिंदू परिवारों की परेशानियों को दूर किया है। नए कानून के तहत उत्तराखंड में रह रहे पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश के 159 लोगों को भारतीय नागरिकता देने की मंजूरी मिली है। इससे परेशानियों में जी रहे लोगों को रहने का अधिकार मिलेगा। शुरू में विपक्ष ने इस संशोधन पर भ्रम फैलाने की कोशिश की, लेकिन उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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अमित शाह की सभा में होगा सम्मान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं7 हरिद्वार में उनके कार्यक्रम में भारत की नागरिकता प्राप्त करने वालों का सम्मान किया जाएगा। इसके पात्र नागरिकों के साथ जनसंपर्क किया जा रहा है।
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