{"_id":"6974ce207727da426c094fc8","slug":"chief-minister-dhamis-blunt-statement-if-you-indulge-in-corruption-you-will-not-be-spared-dehradun-news-c-5-drn1043-886401-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री धामी की दो टूक : भ्रष्टाचार किया तो बचोगे नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री धामी की दो टूक : भ्रष्टाचार किया तो बचोगे नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन
-पद चाहे जितना बड़ा हो, कार्रवाई तय है
-तीन वर्षों में भ्रष्टाचार के बड़े चेहरों पर धामी सरकार की निर्णायक कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति एक बार फिर सख्त कार्रवाई के रूप में सामने आई है। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया में टेंडर अनियमितताओं की रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। इस मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी कोई भी हो, पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, कड़ी कार्रवाई तय है। यही कारण है कि प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि शासन में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत हों।
बीते तीन वर्षों में धामी सरकार की भ्रष्टाचार पर कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी जांच और दंड की प्रक्रिया से गुजरेंगे। हरिद्वार भूमि प्रकरण, भर्ती धांधली, वन विभाग, उद्यान, परिवहन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और कर विभाग जैसे 12 से अधिक मामलों में कई वरिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन, गिरफ्तारी और विजिलेंस जांच की सख्त कार्रवाई की गई है। पहले जिन नामों पर सवाल उठाने से लोग हिचकते थे, आज वे भी कानून के दायरे में लाए जा रहे हैं। सीएम धामी के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही तय की जा रही है और यह संदेश स्पष्ट रूप से स्थापित हो चुका है कि भ्रष्टाचार के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है।
Trending Videos
-तीन वर्षों में भ्रष्टाचार के बड़े चेहरों पर धामी सरकार की निर्णायक कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति एक बार फिर सख्त कार्रवाई के रूप में सामने आई है। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया में टेंडर अनियमितताओं की रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। इस मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी कोई भी हो, पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, कड़ी कार्रवाई तय है। यही कारण है कि प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि शासन में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत हों।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते तीन वर्षों में धामी सरकार की भ्रष्टाचार पर कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी जांच और दंड की प्रक्रिया से गुजरेंगे। हरिद्वार भूमि प्रकरण, भर्ती धांधली, वन विभाग, उद्यान, परिवहन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और कर विभाग जैसे 12 से अधिक मामलों में कई वरिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन, गिरफ्तारी और विजिलेंस जांच की सख्त कार्रवाई की गई है। पहले जिन नामों पर सवाल उठाने से लोग हिचकते थे, आज वे भी कानून के दायरे में लाए जा रहे हैं। सीएम धामी के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही तय की जा रही है और यह संदेश स्पष्ट रूप से स्थापित हो चुका है कि भ्रष्टाचार के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है।

कमेंट
कमेंट X