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देहरादून रेलवे स्टेशन: ट्रेनों में तकनीकी ने लिया विस्तार, यात्री सुरक्षा के साथ स्टेशन की क्षमता भी बढ़ी

अंकित यादव,संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 26 Feb 2026 12:20 PM IST
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सार

देहरादून रेलवे स्टेशन में गत 29 वर्षों में यात्री सुविधाओं में चौतरफा बढ़ोतरी हुई है। ट्रेनों से लेकर प्लेटफार्म तक का विस्तार किया गया। अब आगे भी कोच क्षमता बढ़ाने पर काम हो रहा है।

Dehradun Railway Station Technology expanded in trains increasing capacity station along with passenger safety
देहरादून रेलवे स्टेशन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

उत्तराखंड में जिस तरह से अमर उजाला ने खुद को हर रोज और मजबूत कर अपने 29 वर्ष पूरे किए, वैसे ही वह देहरादून रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के सतत विकास का साक्षी भी बना है। दून से चलने वाली ट्रेनें में तकनीकी ने तो विस्तार लिया ही है, साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम और स्टेशन की क्षमता में खासी बढ़ोतरी हुई है।

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ब्रिटिश काल में बने दून रेलवे स्टेशन को अब नई तकनीकी से लैस किया जा रहा है। जहां पहले दून से चलने वाली 100 प्रतिशत ट्रेनें डीजल से चलती थीं, वहीं अब सभी ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन के साथ संचालित हो रहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक इससे हर महीने करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व की बचत हो रही है।

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वर्तमान में सभी 18 ट्रेनें लिंक हाफमैन बुश कोच (एलएचबी) के साथ संचालित हो रही हैं। ये वो इलेक्ट्रिक इंजन हैं जो इंजन से ही सभी कोचों को बिजली सप्लाई करते हैं। ट्रेनों के लंबे समय तक खड़े रहने के बाद एसी चलता रहता है।

वहीं, डीजल इंजन वाली ट्रेनों के कोच में लगे पंखे व एसी व्हील के घूमने पर ही चलते थे। इसके अलावा दून रेलवे स्टेशन की कोच क्षमता को 12 से बढ़ाकर 18 किया गया है। इतना ही नहीं वर्ष 2017 में प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर चार से पांच की गई है।

 

अब हादसा हुआ तो एक के ऊपर एक नहीं चढ़ेंगे ट्रेन के डिब्बे

रेलवे के तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों के मुताबिक दून से चलने वाली सभी ट्रेनों के डिब्बों को आपस में स्थायी रूप से जोड़ा गया है। ऐसे में सभी कोच अब नट बोल्ट से लैस हैं। इस तकनीकी को हादसे के दौरान डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर न चढ़ें इसलिए विकसित किया गया है। इससे दुर्घटना के दौरान नुकसान को कम से कम करने में मदद मिली है।

कोरोना के दौरान दून से यात्रियों को लेकर गईं पांच ट्रेनें वापस नहीं लौटीं

दून रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बेसक बढ़ी हैं लेकिन रेलवे ने कुछ ऐसे फैसले भी लिए जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। वर्ष 2020 तक वर्तमान में संचालित 18 ट्रेनों के साथ पांच और ट्रेनें चलती थीं। कोरोना के दौरान इन ट्रेनों को दून से बंद कर हरिद्वार और ऋषिकेश से चलाया गया। इसमें देहरादून-वांद्रा एक्सप्रेस, देहरादून-उज्जैन और इंदौर, देहरादून कोचिवल्ली, देहरादून-मदुरई और देहरादून हावड़ा (13009/10) शामिल हैं।

 

ये सुविधाएं भी बढ़ीं

1- वर्ष 2022 में स्टेशन के प्रवेश द्वार पर एस्केलेटर लगाया गया

2- कोच पोर्सन डिस्प्ले लगाए गए

3- अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्रतीक्षालय

4- 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे

5- सॉलिड इंटरलॉकिंग

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