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Dehradun: यूटीयू पेपर लीक मामला: सहायक प्रोफेसर बर्खास्त, दर्ज होगा मुकदमा, अगस्त में दोबारा होगी परीक्षा

Thu, 23 Jul 2026 01:35 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 23 Jul 2026 01:35 PM IST
सार

उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के पेपर लीक मामले में जांच पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। दोषी पाए गए सहायक प्रोफेसर के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है, जबकि अब उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भविष्य में और कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

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Dehradun UTU Paper Leak Assistant Professor Dismissed After Probe  FIR Registered Re-Exam Scheduled in August
पेपर लीक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के चर्चित पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए दोषी पाए गए सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विवि अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुट गया है।

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शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि प्रकरण सामने आते ही संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका इंक्रीमेंट रोक दिया गया था। संस्थान और विश्वविद्यालय की संयुक्त जांच में आरोप पुष्ट होने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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विवि की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि मामले में कानूनी राय ली जा रही है और अब कानूनी कार्रवाई के तहत प्राथमिकता दर्ज कराई जाएगी। साथ ही, आरोपी शिक्षक को सात वर्षों के लिए विवि की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के जरिए छात्रों तक पहुंचाए। इसके चलते दोनों परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं, जिनका पुनः आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण में संलिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।

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