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Uttarakhand: मौसम के बदले पैटर्न ने डेंगू के आउटब्रेक के खतरे को बढ़ाया, 40 अस्पतालों में 1662 बेड आरक्षित
Mon, 03 Aug 2026 07:39 AM IST
Renu Saklani
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Mon, 03 Aug 2026 07:39 AM IST
सार
उत्तराखंड में बदलते मौसम ने डेंगू के खतरे को बढ़ा दिया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है और जिले के 40 सरकारी व निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए 1,662 बेड आरक्षित किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा मौसम डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल है।
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डेंगू
- फोटो : amarujala
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विस्तार
मौसम के पैटर्न ने डेंगू के आउटब्रेक के खतरे को बढ़ा दिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने जिलेभर के 40 सरकारी और निजी अस्पतालों में 1530 सामान्य और 132 आईसीयू बेड आरक्षित किए हैं। अब तक जिले में 50 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जंतु वैज्ञानिकों की मानें तो रुक-रुककर बारिश होना डेंगू मच्छरों के लिए बेहद मुफीद है। इस तरह के नमी और हल्की गर्मी वाले मौसम में मादा मच्छर अपने अंडों के विकास के लिए बाहर निकलती हैं।
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ऐसे में इस वर्ष आउटब्रेक का खतरा ज्यादा है। मई से अब तक डेंगू के 50 मामले सामने आ चुके हैं जबकि डेंगू के मामले आमतौर पर सिंतबर महीने से सामने आने शुरू होते हैं। एक महीने पहले ही डेंगू के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। विभाग की ओर से एम्स ऋषिकेश, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय और जिला अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों डेंगू के लिए बेड आरक्षित कराए गए हैं।
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इसके अलावा क्लीनिकल स्तर पर तैयारी पूरी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। ब्लड बैंक में रक्त की पर्याप्त मात्रा रखने के लिए भी कहा गया है। तीन फीट की ऊंचाई तक ही उड़ सकता है मच्छर : जंतु विशेषज्ञ सुनील कुमार के मुताबिक मादा मच्छर के काटने से ही डेंगू फैलता है। मच्छर के शरीर में अंडे होने की वजह से वे ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ पाते हैं।
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उनके उड़ने की ऊंचाई क्षमता मात्र तीन फीट ही होती है। इसके अलावा यह मच्छर बहुत कम दायरे में रहते हैं। जिले भर में 16 हॉटस्पॉट पर टीमें सक्रिय : मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के मुताबिक बंजारावाला, पटले नगर, क्लमेंटाउन, मोथरोवाला, जाखन, मेहूंवाला, लक्खीबाग और माजरा समेत जिले के 16 स्थान डेंगू के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किए गए हैं।