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वेलनेस में रोजगार बढ़ाने को नई नीति बनाएं : कौशिक
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- खाली पदों को भरने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें
- कैबिनेट मंत्री ने की आयुष विभाग की पहली समीक्षा बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। आयुष मंत्री मदन कौशिक ने कहा, प्रदेश में आयुष एवं वेलनेस क्षेत्र में रोजगार व निवेश की काफी संभावनाएं है। इसे देखते हुए नई नीति तैयार की जाए। इसके अलावा विभाग में खाली पदाें को भरने के लिए शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए।
मंगलवार को विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार का राज्य को आयुष एवं वेलनेस का हब बनाने का लक्ष्य है। धार्मिक स्थलों में धर्मशालाओं व बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने के लिए योजना बनाई जाए। वेलनेस में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसी नीति बनाए जाए, जिससे आम लोगों को लाभ मिल सके। प्रदेश में आयुर्वेद को बड़े संसाधन के तौर पर स्थापित करना हमारा संकल्प है। आयुष विभाग ब्लॉक व न्याय पंचायत स्तर पर वेलनेस, योग व पंचकर्म सुविधाओं स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आयुष मंत्री ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय में शोध व अन्य मामलाें पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 852 चिकित्सालय, 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर व 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर उपलब्ध हैं। इसके अलावा फार्मासिस्ट, नर्स व सहायक भी सेवाएं दे रहे हैं। बैठक में सचिव आयुष रंजना राजगुरू, अपर सचिव एवं निदेशक विजय कुमार जोगदंडे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। आयुष मंत्री मदन कौशिक ने कहा, प्रदेश में आयुष एवं वेलनेस क्षेत्र में रोजगार व निवेश की काफी संभावनाएं है। इसे देखते हुए नई नीति तैयार की जाए। इसके अलावा विभाग में खाली पदाें को भरने के लिए शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए।
मंगलवार को विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार का राज्य को आयुष एवं वेलनेस का हब बनाने का लक्ष्य है। धार्मिक स्थलों में धर्मशालाओं व बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने के लिए योजना बनाई जाए। वेलनेस में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसी नीति बनाए जाए, जिससे आम लोगों को लाभ मिल सके। प्रदेश में आयुर्वेद को बड़े संसाधन के तौर पर स्थापित करना हमारा संकल्प है। आयुष विभाग ब्लॉक व न्याय पंचायत स्तर पर वेलनेस, योग व पंचकर्म सुविधाओं स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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आयुष मंत्री ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय में शोध व अन्य मामलाें पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 852 चिकित्सालय, 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर व 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर उपलब्ध हैं। इसके अलावा फार्मासिस्ट, नर्स व सहायक भी सेवाएं दे रहे हैं। बैठक में सचिव आयुष रंजना राजगुरू, अपर सचिव एवं निदेशक विजय कुमार जोगदंडे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।