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Dehradun News: करवा चौथ पर बाजारों में गजरे की महक, मोगरा और चमेली की बढ़ी मांग
Thu, 29 Oct 2026 05:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Thu, 29 Oct 2026 05:58 PM IST
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- ऋषिकेश बाजार में 50 से लेकर 350 रुपये की कीमत तक के गजरे उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। करवा चौथ के पर्व पर तीर्थनगरी के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बाजार में फूल की दुकानों पर गुलाब, गेंदे और मोगरे के गजरों की मांग भी बढ़ी है। खासकर नवविवाहित जोड़े नए डिजाइन के गजरे खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। फूल विक्रेता राहुल और मोनू सिंह ठाकुर ने बताया कि सुबह से ही दुकानों पर गुलाब के फूल, मालाओं और गजरों की खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बनी हुई है।
महिलाएं अपने बजट के अनुसार गजरे खरीद रही हैं। बाजार में 50 रुपये से लेकर 350 रुपये तक के गजरे उपलब्ध हैं। मोगरा और चमेली के फूलों से बने गजरों के साथ गेंदे के फूलों और मालाओं की भी अच्छी मांग है। वहीं युवक-युवतियां भी गुलाब के फूल खरीदने पहुंच रहे हैं।
फूल विक्रेता राहुल ने बताया कि मोगरा और चमेली के फूलों से बने गजरों को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार इनकी खुशबू वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता का प्रतीक है। पारंपरिक जूड़े में सजे गजरे महिलाओं के त्योहार के शृंगार को खास बना देते हैं। करवा चौथ पर फूलों और गजरों की बढ़ी मांग से स्थानीय फूल विक्रेताओं के कारोबार में भी तेजी आई है।
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ऋषिकेश। करवा चौथ के पर्व पर तीर्थनगरी के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बाजार में फूल की दुकानों पर गुलाब, गेंदे और मोगरे के गजरों की मांग भी बढ़ी है। खासकर नवविवाहित जोड़े नए डिजाइन के गजरे खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। फूल विक्रेता राहुल और मोनू सिंह ठाकुर ने बताया कि सुबह से ही दुकानों पर गुलाब के फूल, मालाओं और गजरों की खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बनी हुई है।
महिलाएं अपने बजट के अनुसार गजरे खरीद रही हैं। बाजार में 50 रुपये से लेकर 350 रुपये तक के गजरे उपलब्ध हैं। मोगरा और चमेली के फूलों से बने गजरों के साथ गेंदे के फूलों और मालाओं की भी अच्छी मांग है। वहीं युवक-युवतियां भी गुलाब के फूल खरीदने पहुंच रहे हैं।
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फूल विक्रेता राहुल ने बताया कि मोगरा और चमेली के फूलों से बने गजरों को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार इनकी खुशबू वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता का प्रतीक है। पारंपरिक जूड़े में सजे गजरे महिलाओं के त्योहार के शृंगार को खास बना देते हैं। करवा चौथ पर फूलों और गजरों की बढ़ी मांग से स्थानीय फूल विक्रेताओं के कारोबार में भी तेजी आई है।
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